World Consumer Day 2026: हर साल 15 मार्च को दुनियाभर में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है. इस दिन का मकसद लोगों को उनके उपभोक्ता (ग्राहक) होने के अधिकारों और जरूरतों के बारे में जागरूक करना है. इस दिन को मनाने से यह संदेश दिया जाता है कि सभी उपभोक्ताओं के अधिकारों का सम्मान और सुरक्षा होनी चाहिए. साथ ही बाजार में होने वाले गलत कामों और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का मौका भी मिलता है. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2026 का थीम "सुरक्षित उत्पाद, आत्मविश्वासी उपभोक्ता" है. इसका मतलब है कि बाजार में बिकने वाले सभी सामान सुरक्षित हों, ताकि उपभोक्ता बिना किसी डर के खरीदारी कर सकें. इस थीम में डिजिटल सुरक्षा, सही जानकारी और सरकार तथा व्यवसायों के मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया गया है. ताकि उपभोक्ता चाहे ऑनलाइन खरीदारी करें या दुकान से, उन्हें भरोसेमंद और सुरक्षित उत्पाद मिलें, लेकिन क्या आप जानते है कि अगर खरीदा हुआ सामान खराब, अधूरा या खाली निकलता है तो क्या किया जा सकता है? खराब सामान देने वाले के खिलाफ कैसे शिकायत दर्ज की जा सकती है और कैसे केस दर्ज किया जा सकता है. इस संबंध में एडवोकेट आरुषि कुलश्रेष्ठ और एडवोकेट दीपक ठुकराल से जानते हैं.
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एडवोकेट आरुषि कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अगर खरीदा हुआ सामान खराब, अधूरा या खाली निकलता है, जैसे चिप्स का पैकेट खाली होना या अंडा अंदर से खराब या खाली निकलता है, तो सबसे पहले प्रोडक्ट की रसीद यानी बिल संभालकर रखें, पैकेट या प्रोडक्ट की फोटो या वीडियो लें, ताकि सबूत रहे, दुकानदार या कंपनी के कस्टमर केयर में शिकायत करें. अक्सर कंपनी रिफंड या रिप्लेसमेंट दे देती है और दुकानदार या कंपनी समाधान नहीं देती, तो आप हेल्पलाइन नंबर-1915, ऑनलाइन शिकायत National Consumer Helpline, वेबसाइट consumerhelpline.gov.in और उपभोक्ता आयोग में केस कर सकते हैं. यह प्रक्रिया Consumer Protection Act, 2019 के तहत होती है, तो यह ग्राहक के साथ दोषपूर्ण वस्तु (defective goods) का मामला माना जा सकता है. भारत में Consumer Protection Act, 2019 के तहत ग्राहकों को कई अधिकार दिए गए हैं.
- पैसे की वापसी (Refund)
- नया उत्पाद (Replacement)
- मुआवजा (Compensation)
- कंपनी पर जुर्माना
केस कैसे दर्ज करें
ऑनलाइन शिकायत- ऑनलाइन पोर्टल e‑Daakhil portal के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है.
ऑफलाइन शिकायत- अपने जिले के उपभोक्ता आयोग में लिखित शिकायत दें, शिकायत के साथ ये दस्तावेज लगाएं. जैसे- खरीद की रसीद या बिल, फोटो या वीडियो (खराब या खाली प्रोडक्ट का), कंपनी को की गई शिकायत का प्रमाण आदि.
एडवोकेट दीपक ठुकराल से जानिएएडवोकेट दीपक ठुकराल ने बताया कि अगर, चिप्स का पैकेट या बिस्किट का पैकेट या कोई अन्य चीज आप किसी दुकान से खरीदते हैं और वह अंदर से खाली निकलता है या उसमें जो खाद्य उत्पाद हैं या सामग्री है वो खराब निकलती है. ऐसे मामले में उपभोक्ता यानी ग्राहक कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्द करवा सकते हैं, लेकिन कोर्ट में शिकायत या केस करने से पहले आपको पास सामान का बिल होना जरूरी है, जिसमें दुकानदार का नाम, तारीख और खरीदी गई रकम होनी चाहिए.
उपभोक्ता यानी ग्राहक अपने नजदीक कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज करवा कर, दुकान या कंपनी से हर्जाना की मांग कर सकता है. दीपक ठुकराल ने बताया कि किसी भी उपभोक्ता कोर्ट में केस या शिकायत दर्ज करवाने के लिए किसी वकील की आवश्यकता नहीं है. आप अपने आप भी शिकायत या केस दर्ज करवा सकते हैं.
. कंज्यूमर अपना केस Consumer Protection Act, 2019 के तहत स्टोर या विक्रेता के खिलाफ डेफिशियेंसी इन सर्विस का केस दायर किया जा सकता है.
. यदि उपभोक्ता ने अपना केस किसी एडवोकेट के माध्यम से दायर करवाया है, तो ऐसे में मामले में कोर्ट केस डिसाइड करते समय आखिर में कंज्यूमर को लीगल चार्ज देने का ऑर्डर भी कर सकता है.
. कंज्यूमर कोर्ट अपना निर्णय कंज्यूमर के फेवर में करता है, तो ऐसे मामले में उपभोक्ता को न केवल डेफिशियेंसी इन सर्विस के तरह कंपनसेशन, बल्कि मेंटल व फिजिकल टॉर्चर से होने वाले नुकसान की भरपाई और लीगल खर्चों का भी ऑर्डर कर सकता है.
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