Barrier-Free Toll Penalty Rules: देश में बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम का तेजी से विस्तार हो रहा है और लोगों की सुविधा के लिए टोल सिस्टम को पहले से ज्यादा सुविधाजनक बनाया जा रहा है. फिलहाल ये सिस्टम दिल्ली स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा और गुजरात स्थित चौरासी टोल प्लाजा पर लागू किया गया है. MLFF यानी मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम की मदद से गाड़ी के बिना रुके टोल क्लेक्शन हो सकता है. लेकिन इस सिस्टम से वाहन चालक बचकर नहीं भाग सकते हैं और न ही किसी तरह से झांसा दे सकते हैं. बता दें कि जो MLFF सिस्टम को चकमा देकर जाने की कोशिश करेगा उसपर डिजिटल तरीके से नकेल कसी जाएगी. आइए जानते हैं इसके नियम के बारे में...
यह भी पढ़ें: CM Yogi का निर्देश: UP में आएगी आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति 2026, जानें क्या है ये, लोगों को कैसे होगा इससे फायदा
क्या है बैरियर लैस टोलिंग सिस्टम?
MLFF सिस्टम FASTag आधारित ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन के जरिए बिना रुकावट टोल वसूली की सुविधा देता है. इसमें टोल बूथ या बैरियर की जरूरत नहीं होती, बल्कि ऊपर लगे कैमरे और सेंसर गाड़ियों को पहचानकर उनके FASTag को पढ़ते हैं और गाड़ी चलते-चलते ही टोल अपने आप कट जाता है. इस व्यवस्था की मदद से ट्रैफिक जाम कम होता है और यात्रा का समय भी कम होता है.
कब जारी होता है ई-नोटिस?
NHAI के मुताबिक, ई-नोटिस तब जारी किया जाता है जब कोई वाहन MLFF टोल प्वाइंट से गुजरता है और FASTag से पेमेंट छूट जाता है, फेल हो जाता है या सिस्टम उसे पहचान नहीं पाता. साथ ही ऐसी स्थिति में सिस्टम उस वाहन के पास होने का रिकॉर्ड बनाता है और वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा एक ई-नोटिस जारी करता है. यह नोटिस ऑनलाइन भेजा जाता है और वाहन मालिक को एक तय समय के अंदर बिना जुर्माने के बकाया टोल भरने का मौका देता है.
MLFF (Multi-Lane Free Flow) tolling enables barrier-less National Highway travel through automated FASTag-based Electronic Toll Collection system.
— NHAI (@NHAI_Official) May 2, 2026
If the toll payment is missed or unsuccessful, an e-Notice will be issued.#KnowYourENotice
✅ Pay within 72 hours to avoid double… pic.twitter.com/UnlO0c59G8
कब देना होता है दोगुना जुर्माना?
NHAI के मुताबिक ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के अंदर वाहन चालकों को बकाया टोल का पेमेंट करना होगा. साथ ही अगर 72 घंटे के अंदर पेमेंट कर दिया जाता है को कोई जुर्माना नहीं लगेगा. वहीं, अगर 72 घंटे के बाद टोल का पेमेंट किया जाता है तो दोगुना जुर्माना देना पड़ेगा.
ई-नोटिस कैसे चेक करें?
आपके वाहन पर कोई ई-नोटिस आया है या नहीं इसके लिए आपको आधिकारिक NIC पोर्टल https://nhfeenotice.parivahan.gov.in पर विजिट करना होगा. इसके बाद अपने वाहन नंबर के जरिए लॉग इन करें और रजिस्टर्ड नंबर पर आए OTP से वेरिफाई कर लें. इसके बाद अगर कोई ई-नोटिस दिखता है तो तुरंत पेमेंट कर दें.
ब्लैकलिस्ट हो सकता है वाहन
अगर आप टोल सिस्टम को बार-बार चकमा देते हैं तो आपके वाहन को ब्लैकलिस्ट या फ्लैग किया जा सकता है. ऐसे में गलती से भी टोल सिस्टम को झांसा न दें और समय रहते पेंडिंग ई-नोटिस को देख लें और पेमेंट कर दें.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं