UP News: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है. सरकार 'आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति 2026' को लागू करने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने रविवार को आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस नीति को लागू करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं. आइए जानते हैं क्या है आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति 2026, साथ ही जानेंगे इससे आम लोगों को क्या कुछ फायदा होगा-
क्या है आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति 2026?
यह नीति लोगों की बेहतर सेहत को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है. सरकार चाहती है कि लोग केवल बीमारी के समय अस्पतालों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बीमारियों से बचाव भी कर सकें. यानी आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति 2026 का उद्देश्य सिर्फ बीमार होने पर इलाज देना नहीं, बल्कि लोगों को पहले से स्वस्थ रखने वाली सुविधाओं को बढ़ावा देना भी है.
योजना के तहत योग, आयुर्वेद, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और अन्य आयुष सेवाओं को आगे बढ़ाया जाएगा. इसके लिए नए आधुनिक आयुष सेंटर बनाए जाएंगे और पुराने संस्थानों को भी बेहतर किया जाएगा. सरकार का फोकस हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक विकास पर भी रहेगा.
लोगों को क्या फायदा मिलेगा?इस नीति का सीधा फायदा आम लोगों तक पहुंच सकता है. जैसे-
- लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी.
- योग, प्राकृतिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं ज्यादा जगहों पर उपलब्ध हो सकेंगी.
- युवाओं के लिए भी यह योजना अच्छी खबर हो सकती है. आयुष सेक्टर के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है.
- इसके अलावा निजी निवेश बढ़ने से कारोबार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिल सकती है.
धार्मिक शहरों में बढ़ेगा वेलनेस पर्यटनमुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने रविवार शाम लखनऊ में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री जी ने ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026' को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) May 24, 2026
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आयुष, योग, पंचकर्म एवं प्राकृतिक चिकित्सा… pic.twitter.com/HSHt3aSgh7
सरकार वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों के आसपास हेल्थ और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है. यहां योग सेंटर, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र और वेलनेस सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं. इससे धार्मिक पर्यटन के साथ स्वास्थ्य पर्यटन भी बढ़ेगा. स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिल सकते हैं.
नए संस्थान और निजी निवेश को बढ़ावायूपी में पहले से हजारों आयुष स्वास्थ्य इकाइयां और योग वेलनेस सेंटर चल रहे हैं. इसके अलावा मिर्जापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा और बस्ती में नए आयुष कॉलेज खोलने की तैयारी भी चल रही है.
सरकार निजी कंपनियों को भी इस योजना से जोड़ना चाहती है. निवेश करने वालों को सब्सिडी, ब्याज में राहत, स्टांप ड्यूटी में छूट और रोजगार बढ़ाने पर प्रोत्साहन देने की तैयारी है. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह नीति उत्तर प्रदेश के हेल्थ सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है.
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