आपने देखा होगा कि कई गाड़ियों की नंबर प्लेट पर 'BH' लिखा होता है. क्या आप इसका मतलब जानते हैं? अगर नहीं, तो बता दें कि अगर आपकी नौकरी ऐसी है जिसमें अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर होता रहता है, तो BH नंबर प्लेट आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. आइए जानते हैं कि आखिर ये BH सीरीज की नंबर प्लेट क्या होती है, इसके क्या फायदे हैं, ये किन लोगों को मिलती है, साथ ही जानेंगे आप इस नंबर प्लेट के लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं-
क्या है BH नंबर प्लेट?
दरअसल, पहले जब कोई व्यक्ति अपना वाहन दूसरे राज्य में लंबे समय तक चलाता था, तो उसे वाहन का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था. इसके अलावा रोड टैक्स से जुड़ी कई प्रक्रियाएं भी पूरी करनी पड़ती थीं. लोगों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने BH यानी Bharat Series नंबर प्लेट शुरू की है.
BH नंबर प्लेट एक खास तरह का वाहन रजिस्ट्रेशन है. इस नंबर प्लेट वाले वाहन को देश के किसी भी राज्य में ले जा सकते हैं. इसके लिए नया रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ती.
कैसी दिखती है BH नंबर प्लेट?BH नंबर का फॉर्मेट कुछ इस तरह होता है- 26 BH 1234 AB. इसमें 26 रजिस्ट्रेशन का साल, BH मतलब भारत सीरीज, जबकि बाकी नंबर और अक्षर VAHAN सिस्टम के जरिए अपने आप जारी होते हैं. इसमें बाकी नंबर प्लेट की तरह आप अपनी पसंद का या कोई फैंसी नंबर नहीं ले सकते हैं.
किसे मिल सकती है BH नंबर प्लेट?यह सुविधा सभी लोगों के लिए नहीं होती है. BH नंबर प्लेट केवल उन लोगों को मिलती है जिनकी नौकरी में ट्रांसफर की संभावना रहती है. इसके लिए केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारी, सेना के जवान, PSU कर्मचारी, सरकारी बैंक के कर्मचारी और ऐसी निजी कंपनियों के कर्मचारी पात्र हैं, जिनकी कंपनी कम से कम चार राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में काम करती हो. यह सुविधा केवल निजी वाहनों जैसे कार और बाइक के लिए है. टैक्सी, बस और ट्रक जैसे वाहनों को इसका लाभ नहीं मिलता.
क्यों फायदेमंद है BH नंबर प्लेट?BH नंबर प्लेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि राज्य बदलने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा सामान्य रजिस्ट्रेशन में वाहन खरीदते समय कई सालों का रोड टैक्स एक साथ देना पड़ता है, लेकिन BH नंबर प्लेट में टैक्स दो साल के हिसाब से जमा किया जाता है. यानी शुरुआत में ज्यादा पैसा नहीं देना पड़ता. डीजल वाहन पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होता है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन पर 2 प्रतिशत की छूट मिलती है. वाहन के 14 साल पुराने होने के बाद टैक्स हर साल जमा करना होता है.
BH नंबर प्लेट के लिए आवेदन कैसे करें?अगर आप नया वाहन खरीद रहे हैं, तो सबसे पहले डीलर को बताना होगा कि आपको BH नंबर प्लेट चाहिए. इसके बाद जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. निजी कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से Form 60 देना पड़ता है. दस्तावेजों की जांच के बाद ऑनलाइन फीस और रोड टैक्स जमा किया जाता है. फिर VAHAN पोर्टल के जरिए BH नंबर जारी कर दिया जाता है और वाहन पर नई नंबर प्लेट लगा दी जाती है.
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