हाल में सड़क पर लड़कियों से छेड़छाड़ का मामला काफी चर्चाओं में हैं. बिहार के जमुई और समस्तीपुर से लड़कियों के साथ बदसलूकी की ऐसी तस्वीरें सामने आई जो इंसानियत शर्मसार करने वाली थी. इस तरह की घटना लॉ एंड ऑर्डर की नाकामी से होती है. क्योंकि ऐसे लोगों में कानून का खौफ नहीं होता और ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं. ऐसी घटनाओं के लिए महिलाओं और लड़कियों का काफी सतर्क रहने की जरूरत होती है. वहीं सुनसान इलाकों में महिलाओं और लड़कियों को बिना किसी सुरक्षा के नहीं जाना चाहिए. हालांकि सामान्य स्थानों पर ऐसी हरकतें होती है तो उन्हें कुछ बचाव को ध्यान में रखना चाहिए.
छेड़खानी से बचाव के क्या हैं उपाय
अगर किसी लड़की या महिला के साथ सड़क पर छेड़कानी हो रही हो तो तुरंत पुलिस को फोन करना चाहिए. अगर आपको जरा भी असुरक्षित महसूस हो तो तुरंत 112 या महिला हेल्पलाइन 181 या 1091 पर कॉल कर सूचना दें. संभव हो तो आसपास के लोगों से मदद के लिए चिल्लाएं या फिर किसी नजदीकी दुकान, पुलिस बूथ या भीड़भाड़ वाली जगह पर जानें की कोशिश करें. मुमकिन हो तो आरोपी की तस्वीर, वाहन का नंबर या वीडियो सुरक्षित रख लें, जो पुलिस शिकायत में मदद करेगा.
क्या है कानूनी नियम
महिला या लड़कियों से छेड़खानी मामले में भारतीय कानूनों के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है. ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करनी होती है. किसी महिला की लज्जा (मर्यादा) भंग करने की कोशिश या उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने पर BNS की धारा 74 के तहत केस दर्ज किया जाता है. इसमें 1 साल से लेकर 5 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है.
अगर कोई लगातार किसी महिला या लड़की का पीछा करता है या संपर्क करने की कोशिश करता है, तो BNS की धारा 78 के तहत मामला दर्ज होता है. इस मामले में पहली बार में 3 साल की सजा हो सकती है.
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