मुंबई लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. 23 जून को चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन में 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. इस घटना के बाद महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते ने रेलवे प्रशासन को मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के 150 स्टेशनों का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया है. इनमें पश्चिम रेलवे के 42 और मध्य रेलवे के 108 स्टेशन शामिल हैं.
इस सुरक्षा ऑडिट के दौरान स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों, निगरानी व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती, यात्रियों के प्रवेश-निकास की सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों की जांच की जाएगी. ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर रेलवे स्टेशनों और लोकल ट्रेनों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का माहौल उपलब्ध कराना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना है.
मुंबई लोकल में एंट्री से सिक्योरिटी तक क्या होगा बदलाव
चेहरा पहचानने वाले कैमरे- रेलवे नेटवर्क पर संदिग्धों को पकड़ने के लिए फेशियल रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा. इससे अपराधियों की तुरंत पहचान करके उन्हें ट्रैक करना आसान हो जाएगा.
सुरक्षा ऑडिट- मुंबई के 150 स्टेशनों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया गया है ताकि कमियों को दूर किया जा सके.
यात्रियों की जांच- रोजाना 75-80 लाख यात्रियों की शारीरिक जांच करना व्यावहारिक नहीं है, इसलिए प्रशासन 'इंटेलिजेंस-आधारित' और खुफिया सर्विलांस यानी इंटेलिजेंस-लेड सर्विलांस पर जोर दे रहा है.
गश्त- संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग, अचानक औचक निरीक्षण और ट्रेन के डिब्बों में रैंडम जांच बढ़ाई जा रही है-
महिला सुरक्षा- रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक महिलाओं के डिब्बों की निगरानी के लिए 218 रेलवे सुरक्षा टीमें तैनात की गई हैं और हर ट्रेन में इन घंटों के दौरान 4 सुरक्षाकर्मी अनिवार्य किए गए हैं.
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