- IPS उदय कृष्ण रेड्डी पर महिला ट्रेनी ने यौन उत्पीड़न, प्रताड़ना और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं
- आरोप लगने के अगले दिन उदय कृष्ण रेड्डी ने संदिग्ध तरीके से ज़हर खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी
- उदय कृष्ण रेड्डी ने अपने सुसाइड नोट में महिला अधिकारी के आरोपों को खारिज करते हुए आपसी सहमति का मामला बताया है
IPS उदय कृष्ण रेड्डी हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में ट्रेनिंग के दौरान एक गंभीर विवाद में घिर गए हैं. बैचमेट महिला ट्रेनी आईपीएस ने उनके खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न, प्रताड़ना और धमकी देने के गंभीर आरोपों में FIR दर्ज कराई है. आरोपों के बीच उदय कृष्ण रेड्डी की सक्सेस स्टोरी भी चर्चा में आ गई है.
आईपीएस उदय कृष्ण रेड्डी का कांस्टेबल से आईपीएस तक का सफर
आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री ने 29 अप्रैल 2025 को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की, जिसमें कांस्टेबल की वर्दी में उदय कृष्ण रेड्डी की तस्वीर थी. साथ में कैप्शन लिखा था कि ''कांस्टेबल से IPS ऑफिसर बनने का उदयकृष्ण रेड्डी का सफर यह साबित करता है कि हिम्मत और लगातार मेहनत से कोई भी सपना बड़ा नहीं होता. उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि पक्का इरादा हर रुकावट को तोड़कर नई किस्मत लिख सकता है. भविष्य उन्हीं का होता है जो कभी हार नहीं मानते.

instagram uday krishna reddy
सीएम एन चंद्रबाबू नायडू की पोस्ट के रीपोस्ट करते हुए उदय कृष्ण रेड्डी ने लिखा था कि ''आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्र बाबू नायडू से पहचान और तारीफ़ मिलना मेरे लिए बहुत खुशी और सम्मान की बात है. आपका बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏🙏, सर. मैं सच में आपकी कड़ी मेहनत और दूर की सोचने वाली लीडरशिप से प्रेरित हूं सर.''
Udayakrishna Reddy's journey from Constable to IPS officer proves that no dream is too big when backed by courage and relentless hard work. His story reminds us that determination can break every barrier and script new destinies. The future belongs to those who never give up.…
— N Chandrababu Naidu (@ncbn) April 29, 2025
आईपीएस उदय कृष्ण रेड्डी पर क्या आरोप हैं?
18 जुलाई 2026 को एक साथी महिला ट्रेनी IPS अधिकारी ने हैदराबाद के अत्तापुर पुलिस स्टेशन में उदय रेड्डी के खिलाफ यौन उत्पीड़न, प्रताड़ना और धमकी देने के गंभीर आरोपों में FIR दर्ज कराई है. मामला दर्ज होने के अगले ही दिन (19 जुलाई) उदय रेड्डी द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में ज़हर खाकर जान देने की कोशिश की खबर सामने आई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अस्पताल से मिले उनके एक कथित सुसाइड नोट में रेड्डी ने महिला अधिकारी के सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे आपसी सहमति का मामला बताया है और महिला पर ही झूठे आरोप लगाने का दावा किया है. फिलहाल हैदराबाद पुलिस दोनों पक्षों की ओर से दिए गए बयानों और सबूतों के आधार पर मामले की विस्तृत कानूनी जांच कर रही है.

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Photo Credit: Instagram uday krishna reddy
उदय कृष्ण रेड्डी का बचपन गरीबी में बीता
वेबसाइट laex.in के अनुसार आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के उल्लापालम गांव (सिंगरायाकोंडा मंडल) में जन्मे उदय कृष्ण रेड्डी का बचपन बेहद संघर्षों भरा रहा. महज साढ़े चार साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां को खो दिया और 15 वर्ष के होते-होते पिता का साया भी सिर से उठ गया. अनाथ हो चुके उदय को उनकी बुजुर्ग दादी रामनम्मा ने मजदूरी करके पाला और पढ़ाया. पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए उदय ने इंटरमीडिएट के दिनों से ही एक क्लीनिक में पार्ट-टाइम लैब तकनीशियन के रूप में काम करना शुरू कर दिया था. अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला परिषद स्कूल से करने के बाद उन्होंने जवाहर भारती डिग्री कॉलेज से बी.ए. की डिग्री हासिल की.

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2012 में बने कांस्टेबल, फिर 2018 की एक घटना ने बदल दी जिंदगी
साल 2012 में उदय की मेहनत रंग लाई और वे आंध्र प्रदेश पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हो गए. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन 2018 में उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ आया. एक पुरानी रंजिश के चलते उनके सर्किल इंस्पेक्टर ने लगभग 60 सहकर्मियों के सामने उन्हें एक घंटे तक अतिरिक्त ड्रिल की सजा देकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया. यह अपमान किसी भी व्यक्ति को तोड़ सकता था, लेकिन उदय ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर के विचारों से प्रेरणा ली. उन्होंने इस अपमान को अपनी ताकत बनाया और उसी दिन पुलिस की नौकरी छोड़कर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली UPSC परीक्षा की तैयारी में जुटने का फैसला कर लिया.
UPSC में 3 बार असफलता के बाद भी नहीं मानी हार
उदय कृष्ण रेड्डी के लिए संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा का यह रास्ता आसान नहीं था. उन्हें 2019, 2021 और 2022 के प्रयासों में लगातार तीन बार असफलता मिली और वे बहुत कम अंकों से कट ऑफ से चूक गए. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. रोजाना 8 से 10 घंटे की कड़ी पढ़ाई और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट निष्ठा के बल पर उन्होंने प्रयास जारी रखा. UPSC 2023 में ऑल इंडिया 780वीं रैंक हासिल की और UPSC 2024 में पांचवें प्रयास में ऑल इंडिया 350वीं रैंक लाकर IPS बनने का सपना साकार किया.
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