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एंड्रॉयड यूजर्स की प्राइवेसी को बड़ा खतरा! डिलीट करने के बाद भी वापिस इंस्टॉल हो जाता है ये मैलवेयर ऐप, जानिए कैसे रहें सेफ

एक ऐसे मैलवेयर के बारे में पता चला है जो डिलीट करने के बाद भी फोन में वापिस से इंस्टॉल हो जाता है. इससे न केवल फोन को खतरा रहता है है बल्कि यूजर्स की प्राइवेसी को भी रिस्क में डाल देता है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...

एंड्रॉयड यूजर्स की प्राइवेसी को बड़ा खतरा! डिलीट करने के बाद भी वापिस इंस्टॉल हो जाता है ये मैलवेयर ऐप, जानिए कैसे रहें सेफ
एंड्रॉयड यूजर्स रहें सावधान
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Malware Apps: आज के डिजिटल दौर में जहां बहुत सारे कार्य आसान हो गए हैं, वहीं स्कैमर्स के लिए धोखाधड़ी करना भी काफी मामूली बात बनती जा रही है. अगर आपके पास एंड्रॉयड स्मार्टफोन है तो ये खबर आपके लिए ही है. दरअसल, एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक बड़ा खतरा सामने आया है. एक ऐसे मैलवेयर के बारे में पता चला है जो डिलीट करने के बाद भी फोन में वापिस से इंस्टॉल हो जाता है. इससे न केवल फोन को खतरा रहता है है बल्कि यूजर्स की प्राइवेसी को भी रिस्क में डाल देता है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...

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कैसे काम करती हैं ये मैलवेयर ऐप?

ये मैलवेयर यानी Malicious Apps एकदम असली ट्रस्टेड ऐप्स की तरह दिखती हैं जैसे SBI Yono, Jeevan Praman या RTO चालान. ये ऐप्स फिशिंग लिंक्स और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए .apk फाइल्स के रूप में भेजी जाती हैं. ये ऐप्स गूगल प्ले स्टोर की सिक्योरिटी प्रोटेक्शन को बाईपास कर जाती हैं. जैसे ही इन ऐप्स को इंस्टॉल किया जाता है, ये यूजर्स से एक्सेसिबिलिटी एक्सेस मांगने लगती हैं. इसके बाद यूजर्स की अनुमति देने के बाद फोन का कंट्रोल और डाटा अटैकर्स के पास चला जाता है. इसके बाद स्कैमर्स आपके फोन से मैसेज भेज सकते हैं, कॉल फॉर्वड कर सकते हैं. इसके अलावा कॉन्टैक्ट को इस्तेमाल कर अटैकर्स सोशल इंजीनियरिंग कर सकते हैं.

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दोबारा इंस्टॉल करने की कोशिश

कुछ मामलों में मैलवेयर डिवाइस बैकअप के जरिए खुद को दोबारा इंस्टॉल करने की कोशिश करता है, जिससे इन ऐप्स का रिमूवल काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है. इससे बचने के लिए आप सेफ मोड में बूट करें. इससे थर्ड पार्टी ऐप्स और उसके मैलेशियस ओवरलेयर डिसेबल हो जाती हैं. 

सेफ रहने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • अनजान लिंक्स या .apk फाइल्स से ऐप्स इंस्टॉल न करें.
  • ऐप्स केवल ऑफिशियल प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें.
  • एक्सेसिबिलिटी और डिवाइस एडमिन परमिशन को नियमित रूप से रिव्यू करें.
  • सस्पीशियस बिहेवियर देखे तो तुरंत एक्शन लें. 


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