भारत में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच Maruti Suzuki इस हफ्ते भारत में अपनी पहली Flex Fuel कार लॉन्च कर सकती है. यह लॉन्च भारतीय ऑटोमोबाइल इंड्स्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अगर यह तकनीक सफल रहती है, तो आने वाले सालोंं में देश में वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है.

क्या होती है Flex Fuel तकनीक?
Flex Fuel तकनीक ऐसे इंजनों में इस्तेमाल की जाती है जो पेट्रोल के साथ-साथ एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर भी चल सकते हैं. इन वाहनों में ईंधन के रूप में अलग-अलग अनुपात में एथेनॉल का उपयोग किया जा सकता है.
कुछ Flex Fuel वाहन E85 यानी 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल पर चल सकते हैं, जबकि कुछ मॉडल E100 यानी लगभग पूरी तरह एथेनॉल आधारित ईंधन का भी उपयोग कर सकते हैं.
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे कच्चे तेल और पेट्रोल पर निर्भरता कम हो सकती है. साथ ही एथेनॉल का उत्पादन कृषि उत्पादों से होने के कारण किसानों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है.
केंद्रीय मंत्री ने पहले ही दी थी जानकारी
कुछ समय पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने जानकारी दी थी कि Maruti जल्द ही अपनी पहली Flex Fuel कार भारतीय बाजार में पेश करेगी. इसके बाद से ही ऑटोमोबाइल उद्योग और ग्राहकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई थी कि आखिर कंपनी किस मॉडल को सबसे पहले इस नई तकनीक के साथ लॉन्च करेगी.

4 जून को हो सकती है लॉन्चिंग
रिपोर्ट्स के अनुसार Maruti अपनी पहली Flex Fuel कार को 4 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर पेश कर सकती है. हालांकि लॉन्च के तुरंत बाद इस वाहन की बिक्री शुरू होने की संभावना कम बताई जा रही है.
इसका मुख्य कारण यह है कि देशभर में अभी Flex Fuel वाहनों के लिए आवश्यक ईंधन इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार नहीं है. पेट्रोल पंपों पर E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अभी कुछ समय लग सकता है.
Maruti WagonR बन सकती है पहली Flex Fuel कार
कंपनी ने अभी तक ऑफिशियल तौर पर यह नहीं बताया है कि कौन-सा मॉडल Flex Fuel तकनीक के साथ लॉन्च किया जाएगा. हालांकि ऑटो उद्योग से जुड़ी रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि Maruti Suzuki WagonR इस तकनीक के साथ आने वाली Maruti की पहली कार हो सकती है.
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Flex Fuel तकनीक?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. इससे देश को हर साल भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है. Flex Fuel तकनीक और एथेनॉल आधारित ईंधन के उपयोग से तेल आयात पर निर्भरता कम हो सकती है. साथ ही गन्ना और अन्य कृषि उत्पादों से एथेनॉल उत्पादन बढ़ने पर किसानों को भी नए अवसर मिल सकते हैं.
यही कारण है कि सरकार, तेल कंपनियां और वाहन निर्माता मिलकर इस तकनीक को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं.
बता दें, भारत की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero 3 जून को भारत की पहली 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह बाइक न सिर्फ पर्यावरण को साफ रखेगी बल्कि आपकी जेब पर पड़ने वाले पेट्रोल के भारी-भरकम बोझ को भी हमेशा के लिए खत्म कर देगी.
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