भारतीय रेलवे ने ट्रेन हादसों को रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए गुजरात के अहमदाबाद डिविजन में 140 करोड़ रुपये की कवच (Kavach) परियोजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 598 किलोमीटर मार्ग पर स्वदेशी 4.0 सिस्टम लगाया जाएगा. यह प्रणाली सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) को रोकेगी और ट्रेन की टक्कर जोखिम को कम करेगी. चलिए आपको बताते हैं रेलवे का कवच सुरक्षा सिस्टम क्या है और ये कैसे काम करता है?
रेलवे ने इससे पहले अहमदाबाद डिविजन के करीब 702 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर ‘कवच' सिस्टम लागू करने की अनुमति मिल चुकी थी. अब इस नई मंजूरी के बाद डिवीजन के बाकी बचे सभी रूट भी इस सुरक्षा प्रणाली के दायरे में आ जाएंगे. इससे पूरे डिवीजन में स्वदेशी ट्रेन सेफ्टी सिस्टम लागू करने का रास्ता साफ हो गया है.
🚆🛡️ सुरक्षा का अभेद्य कवच: अहमदाबाद मंडल के संपूर्ण रेल नेटवर्क पर लागू होगी स्वदेशी कवच 4.0 प्रणाली
— DRM Ahmedabad (@drmadiwr) June 15, 2026
भारतीय रेल द्वारा अहमदाबाद मंडल के शेष 598 रूट किलोमीटर एवं 48 ब्लॉक सेक्शनों पर अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 के विस्तार को ₹140 करोड़ की लागत से स्वीकृति… pic.twitter.com/K13oijzHdJ
क्या है कवच सुरक्षा सिस्टम?
‘कवच' एक देश में ही विकसित की गई ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जिसे रेलवे सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाया गया है. यह सिस्टम ट्रेन को लाल सिग्नल पार करने से रोकता है और किसी खतरे की स्थिति में अपने आप ब्रेक लगाकर ट्रेन की रफ्तार कंट्रोल कर देता है. इससे रेल हादसों की संभावना काफी कम हो जाती है. रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए काम कर रहा है. इसी कड़ी में ‘कवच' सिस्टम को धीरे-धीरे देशभर में लागू किया जा रहा है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर की जा सके.
स्वदेशी तकनीक- कवच एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है.
हादसों पर लगाम- यह Signal Passing at Danger (SPAD) को रोकता है और कोहरे जैसी परिस्थितियों में सुरक्षित संचालन में मदद करता है.
स्वचालित ब्रेक- अगर लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है, तो कवच स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देता है.
गति कंट्रोल- यह ट्रेनों की गति को कंट्रोल रखता है, जिससे आमने-सामने की टक्कर का खतरा कम हो जाता है.
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