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शराब का ठेका कैसे खोल सकते हैं? कितना होता है खर्च, क्या हैं जरूरी नियम, यहां जान लें पूरी जानकारी

How to Get a Wine Shop License in India: शराब का ठेका या दुकान खोलना एक मुनाफे वाला बिजनेस माना जाता है. लेकिन इस कारोबार में उतरने से पहले इसके नियम और खर्च को समझना बेहद जरूरी है.

शराब का ठेका कैसे खोल सकते हैं? कितना होता है खर्च, क्या हैं जरूरी नियम, यहां जान लें पूरी जानकारी
कौन खोल सकता है शराब का ठेका?

How to Get a Wine Shop License in India: भारत में शराब सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि सरकार की आमदनी का बड़ा जरिया है. केंद्र और राज्य सरकारें शराब की बिक्री से हर साल करोड़ों रुपये कमाती हैं, जिसे एक्साइज ड्यूटी कहा जाता है. वहीं दूसरी तरफ, शराब पीने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में शराब का ठेका या दुकान खोलना एक मुनाफे वाला बिजनेस माना जाता है. लेकिन इस कारोबार में उतरने से पहले इसके नियम और खर्च को समझना बेहद जरूरी है.

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कौन खोल सकता है शराब का ठेका?

शराब का ठेका हर कोई नहीं ले सकता. इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं. जैसे- 

  • आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए. 
  • उसकी उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए. कुछ राज्यों, जैसे दिल्ली में उम्र सीमा 25 साल रखी गई है. 
  • आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड साफ होना चाहिए और उस पर कोई गंभीर केस दर्ज नहीं होना चाहिए.
  • इसके अलावा, सरकारी कर्मचारी, बैंक लोन डिफॉल्टर, वकील, डॉक्टर और असामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोग शराब का ठेका नहीं ले सकते हैं. 
  • दुकान के लिए तय मानकों के अनुसार जगह या जमीन होना भी जरूरी होता है.
लाइसेंस के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?

शराब का ठेका लेने के लिए एक्साइज डिपार्टमेंट के जरिए आवेदन करना होता है. इसके लिए नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट जरूरी होते हैं.

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की जानकारी
  • कैरेक्टर सर्टिफिकेट
  • GST रजिस्ट्रेशन
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक स्टेटमेंट और
  • पासपोर्ट साइज फोटो.

सभी डॉक्यूमेंट सही और अपडेटेड होने चाहिए, वरना आवेदन रद्द हो सकता है.

शराब का लाइसेंस कैसे मिलता है?

शराब की दुकान का लाइसेंस बहुत सख्त प्रक्रिया के तहत दिया जाता है. अधिकतर राज्यों में यह काम ई-लॉटरी सिस्टम के जरिए होता है. एक्साइज डिपार्टमेंट हर साल शराब की दुकानों के लिए नोटिफिकेशन जारी करता है. इच्छुक लोग विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करते हैं.

कुछ राज्यों में दुकानों का अलॉटमेंट नीलामी (Auction) के जरिए भी होता है. इसमें जो व्यक्ति सबसे ज्यादा बोली लगाता है, उसे ठेका मिल जाता है.

तय होता है दुकान खोलने और बंद करने का समय

शराब की दुकान होने का मतलब यह नहीं कि आप जब चाहें दुकान खोल या बंद कर सकते हैं. प्रशासन दुकान के खुलने और बंद होने का समय तय करता है. इसके अलावा, सरकार शराब की कीमतों को लेकर भी सख्त होती है. तय MRP से ज्यादा कीमत लेने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.

हर साल कराना होगा लाइसेंस रिन्यू

शराब का लाइसेंस एक साल के लिए वैध होता है. दुकान चलाने के लिए हर साल इसे रिन्यू कराना जरूरी है. अगर समय पर फीस जमा नहीं की गई या नियमों का पालन नहीं हुआ, तो लाइसेंस कैंसिल हो सकता है. लाइसेंस रद्द होने के बाद दोबारा ठेका पाना मुश्किल हो जाता है.

कितना खर्च और कितनी कमाई?
  • शराब का ठेका खोलने में खर्च राज्य और शहर के हिसाब से अलग-अलग होता है. बड़े शहरों में इसमें काफी बड़ा निवेश लगता है. लेकिन कमाई भी उसी हिसाब से होती है.
  • टियर-1 शहरों में एक अच्छी लोकेशन की शराब की दुकान सालाना 9 से 15 करोड़ रुपये तक का रेवेन्यू कर सकती है. इसमें से करीब 60 से 75 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा निकल सकता है.

ऐसे में अगर आपके पास अच्छा फंड, साफ रिकॉर्ड और नियमों का पालन करने की तैयारी है, तो शराब का ठेका एक बेहद फायदेमंद बिजनेस साबित हो सकता है. हालांकि, इसमें कदम रखने से पहले सभी कानूनी नियमों को अच्छे से समझना जरूरी है. 

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