हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश की महिलाओं को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में हैं. सरकार 2 अक्टूबर को राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को दो बड़े फायदे देने की तैयारी कर रही है. इसके तहत करीब 2.5 लाख महिलाओं को 1500 रुपये मिलेगा और राज्य के करीब 1.80 लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलेगी. यानी हिमाचल में भी फ्री बिजली मिलेगी. हालांकि अभी मुफ्त बिजली के लिए 1.8 लाख परिवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया.
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि
दरअसल, 'इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि' योजना के तहत, 21 से 60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में 1500 रुपये मिलेंगे. इस योजना का नौवां चरण 20 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है.
अधिकारियों के अनुसार, आठवें चरण के वेरिफिकेशन के बाद ग्रामीण विकास विभाग को पहले ही लगभग 2.41 लाख आवेदन मिल चुके हैं. नौवें चरण के दौरान लगभग 10,000 और आवेदन मिलने की उम्मीद है, जिससे लाभार्थियों की कुल संख्या लगभग 2.5 लाख तक पहुंच सकती है.
नौवें चरण में प्राप्त आवेदनों की प्रोसेसिंग के बाद, पात्र लाभार्थियों की सूची 25 सितंबर को SDM स्तर पर जारी होने की उम्मीद है. इसके बाद सरकार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि ट्रांसफर करने की तैयारी शुरू करेगी. 60 वर्ष से अधिक आयु की जो महिलाएं पात्रता मानदंडों को पूरा करती हैं, वे पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के दायरे में आती हैं.
मुफ्त बिजली के लिए 1.8 लाख परिवार शॉर्टलिस्ट
महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना के साथ-साथ, हिमाचल सरकार लगभग 1.80 लाख बेहद गरीब परिवारों के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना लागू करने की भी तैयारी कर रही है. खबरों के अनुसार, लाभार्थियों को पंचायत स्तर पर एकत्र किए गए डेटा का उपयोग करके शॉर्टलिस्ट किया गया है. ग्रामीण विकास विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार किया है. प्रस्तावित 300-यूनिट मुफ्त बिजली योजना से राज्य के सबसे गरीब परिवारों को उनके मासिक घरेलू बिजली खर्च का बोझ कम करके काफी राहत मिलने की भी उम्मीद है.
महिलाओं के खाते में आएंगे 1500 रुपये
राज्य सरकार 2 अक्टूबर को दोनों पहल शुरू करने की योजना बना रही है. वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपये के सीधे ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करेगा. सरकार का कहना है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सिस्टम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय सहायता बिना किसी बिचौलिए के पात्र महिलाओं तक पहुंचे.
संबंधित विभागों द्वारा दोनों योजनाओं की तैयारियों में तेज़ी लाए जाने के साथ, 2 अक्टूबर को इनके शुरू होने से हिमाचल प्रदेश के हज़ारों परिवारों को आर्थिक और घरेलू खर्चों के मामले में बड़ी राहत मिल सकती है.
उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए उनसे होने वाले फ़ायदों के बारे में जानकारी देंगे.
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