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महिलाओं को 8,000 रुपये, छात्रों को हर महीने फेलोशिप, इस राज्‍य में सरकार ने खोला खजाना, जानिए हर योजना के बारे में 

कक्षा 11 की छात्राओं को 1,000 रुपये हर महीने, डिग्री कोर्स के पहले वर्ष की छात्राओं को 1,250 रुपये हर महीने, पोस्टग्रेजुएशन और बीएड की छात्राओं को 2,500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे्.

महिलाओं को 8,000 रुपये, छात्रों को हर महीने फेलोशिप, इस राज्‍य में सरकार ने खोला खजाना, जानिए हर योजना के बारे में 
सरकार महिलाओं को 8,000 रुपये देगी, जबकि छात्र-छात्राओं को भी हर महीने फेलोशिप देगी.

असम सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं और छात्रों के लिए झोली खोल दी है. मुख्‍यमंत्री हिमंत बिस्‍वा सरमा ने प्रदेश की 37 लाख से ज्‍यादा महिला लाभार्थियों को कुल 8,000 रुपये देने का ऐलान किया है. उन्‍होंने बताया कि 'अरुणोदोई' योजना की 37 लाख से अधिक महिला लाभार्थियों को 20 फरवरी को अग्रिम ‘बोहाग बिहू' उपहार दिया जाएगा. बोहाग बिहू असम का नववर्ष होता है, जिसे हर साल अप्रैल महीने में मनाया जाता है.

सरमा ने बताया कि प्रत्येक लाभार्थी महिला को कुल 8,000 रुपये दिए जाएंगे. इसमें जनवरी से अप्रैल तक की अरुणोदोई योजना की सहायता राशि के साथ-साथ 3,000 रुपये का विशेष बिहू उपहार शामिल होगा.

PG छात्रों को 2,000, UG छात्रों को 1,000 हर महीने 

असम के मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनावों से पहले पुरुष छात्रों के लिए एक नई आर्थिक सहायता योजना और महिलाओं के लिए नकद उपहार कार्यक्रम शुरू करने का ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने यहां मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि 1 फरवरी से लागू होने वाली इस योजना के तहत स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) पाठ्यक्रम कर रहे पुरुष छात्रों को 2,000 रुपये प्रति माह, जबकि स्नातक (अंडरग्रेजुएट) कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों को 1,000 रुपये प्रति माह की सहायता राशि दी जाएगी.

हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘बाबू अचोनी' योजना उन छात्रों पर लागू नहीं होगी, जिनके माता-पिता सरकारी कर्मचारी हैं या जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 4 लाख रुपये से अधिक है.

क्‍या है असम सरकार का लक्ष्‍य? 

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2024 में ‘निजुत मोइना' योजना शुरू किए जाने के बाद, जो उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को आर्थिक सहायता देती है, पुरुष छात्रों ने भी ऐसी ही योजना की मांग की थी. मुख्यमंत्री ने उस समय उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया था.

राज्य सरकार का उद्देश्य 2026 तक बाल विवाह को शून्य पर लाना है, और इसी लक्ष्य के तहत इस योजना का दूसरा चरण पिछले वर्ष शुरू किया गया था.

किन छात्राओं को कितनी फेलोशिप मिलेगी? 

इस दूसरे चरण के तहत हायर सेकेंडरी (कक्षा 11 और 12), स्नातक (पहला और दूसरा वर्ष) और स्नातकोत्तर (पहला और दूसरा वर्ष) में पढ़ने वाली छात्राओं को शामिल किया गया है. इस योजना के लिए सभी परिवारों की छात्राएं, उनकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, पात्र हैं.

  • कक्षा 11 की छात्राओं को 1,000 रुपये हर महीने
  • डिग्री कोर्स के पहले वर्ष की छात्राओं को 1,250 रुपये हर महीने
  • पोस्टग्रेजुएशन और बीएड की छात्राओं को 2,500 रुपये हर महीने

हालांकि, विवाहित महिलाएं (PG और B.Ed को छोड़कर), कार्यरत B.Ed उम्मीदवार, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की बेटियां, और बनिकांत काकाती पुरस्कार के तहत स्कूटर प्राप्त करने वाली छात्राएं (यदि वे योजना से बाहर होने का विकल्प नहीं चुनती हैं) इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगी.

गौरतलब है कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता 27 फरवरी को लागू हुई थी. राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव कुछ महीनों में होने हैं.

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