सैलरी आते ही घर की ईएमआई, रेंट, क्रेडिट कार्ड्स के बिल और रोजमर्रा के खर्चे जोड़-जोड़कर लोग अक्सर परेशान हो जाते हैं. कई बार लोग बढ़ती महंगाई को देखकर अपने घर की रोजमर्रा के खर्चों के बारे में बार-बार सोचते रहते हैं, जिसका असर न सिर्फ हमारी सेहत पर भी पड़ने लगता है. कई हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि लंबे समय तक अगर आप आर्थिक तनाव से जूझते हैं, तो इससे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता है. ऐसी स्थिति में नींद, कमजोर इम्यूनिटी और मेंटल हेल्थ प्रभावित हो सकता है. यह हम आपको विस्तार से समझाएंगे कि फाइनेंशियल हेल्थ आपके शरीर को किस तरह से प्रभावित करता है?
फाइनेंशियल स्ट्रेस शरीर को कैसे प्रभावित करता है?
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पैसों को लेकर परेशान रहता है, तो उसके शरीर में कॉर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है. कुछ समय में य जाता है. थोड़े समय के लिए बाद ये नॉर्मल हो जाता है, लेकिन आप लंबे समय तक पैसों को लेकर सोचते रहते हैं, तो इसकी वजह से कई तरह की परेशानियां होने का खतरा रहता है, जैसे-
- अनिद्रा की होती है शिकायत
- कमजोर हो सकती है इम्यूनिटी
- एसिडिटी, ब्लोटिंग और मतली जैसी पाचन से जुड़ी परेशानी
- लगातार थकान होना
- बार-बार सिरदर्द की शिकायत
तनाव न सिर्फ हेल्थ बल्कि फाइनेंशियल डिसीजन पर भी डालता है असर
फाइनेंशियल प्रेशर न सिर्फ हेल्थ पर असर डालती है, बल्कि फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता पर भी असर डाल सकती है. दरअसल, स्ट्रेस की वजह से अक्सर लग खर्चों को इग्नोर करने लग जाते हैं, वो डर की वजह से अकाउंट या बिल चेक करने से बचते हैं और कई बार जरूरी फैसले भी टाल देते हैं. इससे फाइनेंशियल स्थिति और खराब हो सकती है, जो फिर स्ट्रोस को बढ़ा सकती है.
फाइनेंशियल स्ट्रेस को कैसे करें कम?
अगर आप फाइनेंशियल स्ट्रेस को कम करना चाहते हैं, तो आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे-
महीने के शुरुआत में बनाएं बजट
जब भी सैलरी आए या फिर आने वाली हो, तो सबसे पहले एक बजट तैयार कर लें. हर व्यक्ति को अपने महीनेभर का हिसाब अच्छे से पता होना चाहिए. कोशिश करें कि हर महीने आने और जाने वाले पैसों का रिकॉर्ड रखें. इससे आपको ये समझने में आसानी होती है कि आपका पैसा कहां और कितना खर्च हो रहा है और आप कहां के खर्चों की कटौती कर सकते हैं.
इमरजेंसी फंड करें तैयार
सैलरी कम हो या ज्यादा हर किसी को इमरजेंसी फंड तैयार करके रखनी चाहिए. भले ही इसकी शुरुआत छोटी रकम से करें. अगर आप हर महीने धीरे-धीरे महीनों के खर्च से बचत करके इमर्जेंसी फंड जमा करते हैं, तो फ्यूचर में अचानक से होने वाली परेशानी से निपटना आसान हो जाता है.
हर सप्ताह करें फाइनेंशियल रिव्यू
अधिकतर एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि अगर आप फाइनेंशियल स्ट्रेस से बचना चाहते हैं, तो हर सप्ताह फाइनेंशियल रिव्यू करने की आदत डालें. कोशिश करें कि सप्ताह में एक बार अपने बैंक खाते, खर्चों और बचत के रिव्यू के लिए कुछ समय निकालें. इससे अनिश्चितता कम होती है और फाइनेंशियल कंट्रोल महसूस होता है
समय पर भरें बिल
कभी भी बिल भरने में टाल-मटोल न करें. हमेशा किराया, ईएमआई, बिजली का बिल समय पर भरें. कोशिश करें कि ऑटो-पे जैसी सुविधा का इस्तेमाल करें. इससे आप लेट फीस और अतिरिक्त स्ट्रेस से बच सकते हैं.
उपलब्ध सुविधाओं का पूरा करें इस्तेमाल
हेल्थ इंश्योरेंस, फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज और बैंकिंग ऐप्स में उपलब्ध बजटिंग टूल्स का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से आर्थिक और मानसिक तनाव कम करने में मददगार मिल सकती है.
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