- ट्रेन कैंसिल होने के बाद कितना मिलता है टिकट का रिफंड.
- पूरी ट्रेन कैंसिल होने पर टिकट का पूरा पैसा रिफंड होता है.
- ऑनलाइन टिकट और काउंटर टिकट पर रिफंड का नियम.
राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन को लेकर रेलवे ने दर्जनों ट्रेन को रद्द करने का ऐलान किया है. रेलवे ने दिल्ली आने वाली करीब 75 ट्रेन को रद्द कर दिया है. इसमें प्रीमियम से लेकर मेल और एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं. रेलवे ने बिहार-यूपी, एमपी, मुंबई से आने वाली ट्रेनों को कैंसिल किया है. अचानक रद्द हुए ट्रेन की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. वहीं अब यात्रियों को यह भी चिंता है कि उन्होंने जो टिकट लिये हैं, ट्रेन कैंसिल होने की वजह से उसका रिफंड कितना और कैसे मिलेगा.
ट्रेन कैंसिल होने पर यात्रियों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या उनका पूरा पैसा वापस मिलेगा या कोई कटौती होगी? भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, अगर ट्रेन पूरी तरह रद्द (Cancel) होती है, तो यात्रियों को टिकट के पूरे पैसे वापस मिलते हैं.
पूरी तरह रद्द ट्रेन पर रिफंड के नियम
रेलवे के नियम के मुताबिक, अगर आपने आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक किया है, तो ट्रेन रद्द होने पर आपको पूरा रिफंड (Full Refund) मिलता है. इसके लिए आपको टीडीआर (TDR) फाइल करने की भी जरूरत नहीं होती है. रेलवे अपने आप आपके खाते में पूरा पैसा यानी बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के कुछ दिनों के भीतर ट्रांसफर कर देता है.
इसके अलावा अगर आपने रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदा है, तो ट्रेन रद्द होने पर आप यात्रा की निर्धारित तारीख से 3 दिन (72 घंटे) के भीतर किसी भी स्टेशन के काउंटर पर जाकर अपना टिकट सरेंडर कर सकते हैं. काउंटर टिकट पर भी ट्रेन रद्द होने की स्थिति में कोई क्लर्कवेज चार्ज (Clerkage Fee) नहीं काटा जाता, यानी आपको 100% पूरा रिफंड नकद मिल जाता है.
सामान्य टिकट रद्द कराने पर कितना कटता है चार्ज?
अगर ट्रेन सामान्य रूप से चल रही है और यात्री खुद अपनी मर्जी से टिकट रद्द करवाता है, तो रेलवे द्वारा क्लर्कवेज चार्ज काटा जाता है. रेलवे के नियम के अनुसार, ट्रेन चलने के निर्धारित समय से 48 घंटे पहले तक प्रति यात्री फिक्स क्लर्कवेज चार्ज (जैसे AC फर्स्ट/Executive के लिए 240 रुपये, AC 2 Tier के लिए 200 रुपये आदि) काटकर बाकी पैसे रिफंड होता है.
अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग या आरएसी रहता है तो इसके अलग नियम है. ऑनलाइन लिया गया वेटिंग टिकट ऑटोमेटिक रद्द हो जाता है और प्रोसेसिंग फीस 60 रुपये काट कर बाकी राशि लौटा दी जाती है. जबकि RAC टिकट को खुद से कैंसिल किया जाता है, इस पर भी प्रोसेसिंग फीस 60 रुपये काट कर बाकी राशि लौटा दी जाती है.
यह भी पढ़ें | दिल्ली-हजरत निजामुद्दीन आने वाली 75 ट्रेनें कैंसिल, लिस्ट में यूपी-बिहार समेत हावड़ा-सियालदह-मुंबई की ट्रेन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं