हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मेट्रो स्टेशन के अंदर एक महिला CISF के एक जवान से फोटो डिलीट करने के लिए कह रही है. इसके साथ ही वीडियो में मौजूद अन्य यात्रि भी जवान को फोटो डिलीट करने के लिए कह रहे हैं. इस तरह की घटनाएं सामने आने पर सुरक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगते हैं.
मुख्य रूप से जब किसी सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं की सुरक्षा या फिर बिना परमिशन के फोटो खींचने जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो यह चिंता का विषय बन जाता है. ऐसे मामलों में महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि अगर मेट्रो में उनके साथ इस तरह की कोई घटना घट जाए, तो वे शिकायत कहां कर सकती हैं. यहां हम आपको बताएंगे कि दिल्ली मेट्रो में अगर कोई व्यक्ति चोरी-छिपे फोटो या वीडियो बनाता है, छेड़छाड़ करता है या किसी तरह का अभद्र व्यवहार करता है, तो महिलाएं कहां-कहां शिकायत कर सकती हैं?
क्या थी घटना
दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर महिला यात्री की एक सीआईएस कर्मचारी न चोरी-छिपे फोटो खींच ली. जब महिला को इस बात का शक हुआ तो महिला और अन्य यात्रियों ने मेट्रो के अंदर ही एक CISF जवान को घेर लिया. जवान की मोबाइल की गैलरी में महिला की तस्वीरें मिलने के बाद कोच में हंगामा हुआ और तस्वीरें डिलीट करने की मांग की गई. जब यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो CISF ने जवान को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी है.
मेट्रो पर चोरी-छिपे फोटो खींचता है या छेड़खानी करता है, तो क्या करें?
अगर दिल्ली मेट्रो में कोई व्यक्ति चोरी-छिपे फोटो या वीडियो बनाता है, छेड़छाड़ करता है या बदतमीजी करता है, तो ऐसी स्थिति में आपको तुरंत CISF हेल्पलाइन 155655 पर शिकायत करनी चाहिए.
इसके साथ ही मेट्रो में यात्रा कर रही महिला यात्री डीएमआरसी वीमेन, चाइल्ड एंड स्पेशली एबल्ड कंप्यूटर हेल्पलाइन के नंबर 011-23415480 या 8800550490 पर भी मदद मांग सकती हैं.
पुलिस की भी ली जा सकती है मदद
अगर CISF या फिर DMRC के अधिकारियों की ओर से किसी तरह की सुनवाई नहीं हो रही है, तो आप दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन 112, मेट्रो पुलिस 1511 और महिला हेल्पलाइन 1091 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
चोरी-छिपे फोटो खींचने वालों पर कौन सा मामला दर्द होता है?
मेट्रो या फिर किसी भी पब्लिक एरिया में अगर आपकी कोई फोटो खींचता है या आपके साथ बदतमीजी करता है, तो ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत कड़े कानूनी मामले दर्ज किए जाते हैं. पहले इस तरह के मामले भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज होते थे.
बिना अनुमति किसी की फोटो खींचने या प्राइवेसी का हनन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 77 और आईटी एक्ट की धारा 66E के तहत कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. इनमें व्यक्ति को जेल के साथ-साथ 2 लाख तक का जुर्माना भी लग सकता है.
वहीं, अगर कोई व्यक्ति महिला के साथ बदतमीजी, छेड़खानी या फिर उसका पीछा करता है. तो उस व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई अलग-अलग धाराएं लग सकती हैं. ऐसे मामलों में धारा 74, 78 और 79 के तहत केस दर्ज होता है, जिनमें जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है.
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