विज्ञापन

DDA Flats: डीडीए का बड़ा फैसला, घर खरीदने वालों को अब नहीं देने होंगे पार्किंग के लिए पैसे, इन DDA हाउसिंग स्कीम पर होगा लागू

DDA Housing Scheme: DDA की नई और चल रही हाउसिंग योजनाओं में पार्किंग के लिए अलग से शुल्क नहीं लिया जाएगा यानी फ्लैट की कीमत तय करते समय कार या स्कूटर पार्किंग के लिए कोई अतिरिक्त पैसा नहीं जोड़ जाएगा.

DDA Flats: डीडीए का बड़ा फैसला, घर खरीदने वालों को अब नहीं देने होंगे पार्किंग के लिए पैसे, इन DDA हाउसिंग स्कीम पर होगा लागू
DDA हाउसिंग स्कीम
file photo

DDA Housing Scheme: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने घर खरीदने वालों को बड़ी राहत दी है. अब DDA की नई और चल रही हाउसिंग योजनाओं में पार्किंग के लिए अलग से शुल्क नहीं लिया जाएगा यानी फ्लैट की कीमत तय करते समय कार या स्कूटर पार्किंग के लिए कोई अतिरिक्त पैसा नहीं जोड़ जाएगा. यह फैसला DDA हाउसिंग कमिश्नर के कार्यालय द्वारा जारी आदेश के बाद लागू किया गया है और इसे DDA के उपाध्यक्ष (Vice Chairman) ने मंजूरी दे दी है. यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है.

यह भी पढ़ें:- घर बैठे e-Aadhaar कैसे डाउनलोड करें? नाम और जन्मतिथि का करें इस्तेमाल, जानिए पूरा प्रोसेस

खरीदारों के लिए क्या बदला?

नई व्यवस्था के तहत, DDA ने पार्किंग बनाने पर होने वाला खर्च अब हाउसिंग पॉकेट बनाने के कुल खर्च में शामिल कर दिया है. यही कुल खर्च फ्लैट की Plinth Area Rate (PAR) यानी आधार क्षेत्र दर तय करने में इस्तेमाल होगा. आदेश में साफ लिखा है कि अब से पार्किंग निर्माण का पूरा खर्च हाउसिंग पॉकेट के कुल निर्माण खर्च में जोड़ा जाएगा, ताकि PAR निकाला जा सके. कार गैरेज, स्कूटर गैरेज, कवर या अनकवर पार्किंग आदि. किसी भी प्रकार की पार्किंग के लिए अलग से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा. मतलब, अब खरीदारों को अपने फ्लैट की कीमत में पार्किंग अलग से चार्ज होती हुई नहीं दिखेगी. पार्किंग का खर्च पहले ही कुल निर्माण लागत में शामिल कर दिया जाएगा.

क्या है DDA का नया फैसला

DDA के इस नए फैसले से पहले, 1 दिसंबर 2025 के एक सर्कुलर के अनुसार पार्किंग से जुड़े सभी खर्च अलग-अलग तरीके से जोड़े जाते थे. अब उस पुराने नियम का बड़ा हिस्सा हटा दिया गया है. पहले  कार या स्कूटर गैरेज के निर्माण खर्च का हिसाब इस तरह लगाया जाता था, जैसे गैरेज के plinth area × PAR का 60%, फिर उसमें डिप्रिसिएशन का हिसाब जोड़ा जाता था. इसके अलावा पार्किंग के लिए plinth area × पार्किंग के PAR, फिर उसमें डिप्रिसिएशन जोड़कर अंतिम कीमत तय होती थी.

सर्कुलर में यह भी लिखा था कि अगर इंजीनियरिंग विंग अलग से पार्किंग का खर्च बताए, तो उसी के आधार पर कीमत लगेगी. अगर वे अलग खर्च नहीं बताएंगे, तो PAR का 60% ही पार्किंग निर्माण लागत माना जाएगा. इसके अलावा, पार्किंग या गैरेज की जमीन का खर्च plinth area × PDR रेट × लैंड फैक्टर के आधार पर जोड़ा जाता था.

किन योजनाओं पर यह नया नियम लागू होगा?

DDA की नई लागत-गणना पद्धति (revised costing method) इन सभी चल रही योजनाओं पर लागू होगी. DDA कर्मयोगी आवास योजना 2025 (FCFS), DDA टॉवरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2025 (E‑Auction), DDA नागरिक आवास योजना 2026 (FCFS) और DDA टॉवरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2026 (FCFS) आदि. इसके अलावा आगे आने वाली सभी DDA हाउसिंग योजनाओं में भी यही तरीका लागू होगा.

वापस मिलेंगे पैसे

DDA के मुताबिक, जिन खरीदारों ने इन चारों स्कीमों के तहत फ्लैट खरीद लिया है और पार्किंग का भुगतान कर दिया है, उन्हें या तो पैसे वापस किए जाएंगे या फिर उनकी आगे की किश्तों में एडजस्ट कर दिया जाएगा.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com