Budget 2026 Income Tax Expectations: अब बजट 2026 27 में कुछ ही दिन बचे हैं और एक बार फिर मिडिल क्लास की नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं. 1 फरवरी को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा फुल बजट पेश किया जाएगा और यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा. पिछले बजट में सरकार ने बड़ी राहत देते हुए न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री कर दिया था. अब सवाल यह है कि क्या इस बार भी आम टैक्सपेयर्स को कोई नया तोहफा मिलेगा.
यहां हम आपको आसान भाषा में बता रहे हैं कि बजट 2026 से सैलरी क्लास, सीनियर सिटीजन और आम टैक्सपेयर्स को किन बड़े फैसलों की उम्मीद है....आइए एक-एक करके जानते हैं.
इनकम टैक्स स्लैब में फिर बदलाव की उम्मीद
बजट 2026 को लेकर सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव को लेकर है.न्यू टैक्स रिजीम में अब ज्यादातर लोग जा चुके हैं और ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार स्लैब को और आसान बना सकती है. टैक्सपेयर्स चाहते हैं कि टैक्स फ्री इनकम की लिमिट और बढ़े और 30 फीसदी टैक्स वाला स्लैब 30 लाख रुपये सालाना तक किया जाए. अगर ऐसा होता है तो मंथली सैलरी हाथ में ज्यादा बचेगी और खर्च करने की ताकत भी बढ़ेगी.
स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने की मांग सबसे ज्यादा
सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन सबसे सीधा फायदा होता है. पिछले बजट में न्यू टैक्स रिजीम के तहत इसे बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया गया था. अब महंगाई और बढ़ते खर्च को देखते हुए उम्मीद है कि बजट 2026 में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 1 लाख रुपये तक किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो बिना किसी निवेश के ही टैक्स बोझ कम हो जाएगा और टेक होम सैलरी बढ़ेगी.
न्यू और ओल्ड टैक्स रिजीम पर साफ फैसला
अब भी कई सैलरी क्लास लोग ओल्ड टैक्स रिजीम में बने हुए हैं क्योंकि वहां HRA और 80C जैसे फायदे मिलते हैं. बजट 2026 में सरकार यह साफ कर सकती है कि आगे चलकर ओल्ड टैक्स रिजीम को धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा या फिर न्यू टैक्स रिजीम में कुछ जरूरी छूट जोड़कर दोनों के बीच फर्क कम किया जाएगा. टैक्सपेयर्स चाहते हैं कि कम टैक्स स्लैब के साथ कुछ जरूरी छूट भी बनी रहें ताकि फैसला लेना आसान हो.
सेक्शन 87A में और राहत की उम्मीद
पिछले बजट में सेक्शन 87A के तहत 12 लाख रुपये की इनकम पर पूरा टैक्स माफ कर दिया गया था. अब मिडिल क्लास को उम्मीद है कि यह सीमा बढ़ाकर 15 लाख रुपये तक की जा सकती है. टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे आम नौकरीपेशा लोगों को सीधा फायदा मिलेगा और न्यू टैक्स रिजीम को अपनाने वालों की संख्या और बढ़ेगी.
LTCG टैक्स में राहत की मांग तेज
जो लोग शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, उनके लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स बड़ा मुद्दा बना हुआ है. बजट 2026 में निवेशकों को उम्मीद है कि LTCG टैक्स में कुछ राहत दी जाएगी ताकि टैक्स कटने के बाद रिटर्न बेहतर हो सके. अगर सरकार इस मोर्चे पर कदम उठाती है तो छोटे निवेशकों का भरोसा बाजार में और मजबूत हो सकता है.
सीनियर सिटीजन की अलग उम्मीदें
बजट 2026 से सीनियर सिटीजन भी बड़ी राहत की उम्मीद कर रहे हैं. उनकी मांग है कि टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाई जाए, हेल्थ इंश्योरेंस पर ज्यादा छूट मिले और बैंक एफडी और स्मॉल सेविंग स्कीम पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स में राहत दी जाए. इसके साथ ही पेंशन और ब्याज आय वालों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना और आसान किया जाए ताकि उन्हें बार बार नोटिस का सामना न करना पड़े.
महिलाओं और आम टैक्सपेयर्स की उम्मीदें
महिला टैक्सपेयर्स चाहती हैं कि बजट में उनके लिए कुछ खास छूट या फायदा दिया जाए, जिससे नौकरी और सेविंग दोनों को बढ़ावा मिले. इसके अलावा आम टैक्सपेयर्स की मांग है कि सरचार्ज और सेस का बोझ कम किया जाए, टैक्स नियमों को और साफ बनाया जाए और बार बार नियम बदलने से राहत मिले.
टैक्स फाइल करना हो और आसान
बजट 2026 से एक बड़ी उम्मीद यह भी है कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना और आसान हो. लोग चाहते हैं कि प्री फिल्ड डाटा ज्यादा सही हो, रिफंड जल्दी मिले और बिना वजह नोटिस न आए. आसान टैक्स सिस्टम ही मिडिल क्लास के लिए सबसे बड़ी राहत साबित हो सकता है.
जैसे जैसे 1 फरवरी नजदीक आ रही है, टैक्सपेयर्स की उम्मीदें भी बढ़ती जा रही हैं. मिडिल क्लास चाहता है कि सरकार फिर से उनकी जेब पर ध्यान दे और टैक्स बोझ कम करे. अगर इनकम टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन, सेक्शन 87A और LTCG जैसे मोर्चों पर राहत मिलती है, तो बजट 2026 आम लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
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