विज्ञापन

ओल्ड टैक्स रिजीम में मिलेगी बंपर टैक्स छूट! नए ड्राफ्ट नियमों से होगी तगड़ी सेविंग, अब जेब में बचेगा ज्यादा पैसा

Old Tax Regime Benefits: साल 2026 के ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, सरकार ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत छूट (Exemptions) और भत्तों (Allowances) की लिमिट को थोड़ा बढ़ाने पर विचार कर रही है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाएगी.

ओल्ड टैक्स रिजीम में मिलेगी बंपर टैक्स छूट! नए ड्राफ्ट नियमों से होगी तगड़ी सेविंग, अब जेब में बचेगा ज्यादा पैसा
Draft income Tax Rules 2026: सरकार के नए ड्राफ्ट नियम आपके लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं.
नई दिल्ली:

Income Tax Rules 2026:  अगर आप उन लोगों में से हैं जो निवेश के जरिए टैक्स बचाने के लिए अभी भी ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) को पसंद करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी आ रही है.सरकार के 2026 के ड्राफ्ट नियमों में कुछ ऐसे बदलावों का प्रस्ताव है जो पुराने टैक्स सिस्टम को चुनने वालों को पहले से ज्यादा राहत दे सकते हैं. साल 2026 के लिए तैयार किए गए इन नियमों का मकसद मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों को टैक्स में ज्यादा छूट देना है. इन नए प्रस्तावों  के जरिये उन लोगों को फायदा पहुंचाना है जो इंश्योरेंस, पीएफ और होम लोन जैसे निवेश करके टैक्स छूट का दावा करते हैं.

पुराने टैक्स सिस्टम में छूट और भत्तों में हो सकते हैं बड़े बदलाव

हालांकि पिछले कुछ समय से नए टैक्स सिस्टम पर ज्यादा जोर दिया जा रहा था, लेकिन अब पुराने सिस्टम को भी और बेहतर बनाने की तैयारी है.साल 2026 के ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, सरकार  छूट (Exemptions) और भत्तों (Allowances) की सीमा को थोड़ा बढ़ाने पर विचार कर रही है. इन छोटे-छोटे बदलावों से आपकी सालाना बचत काफी बढ़ सकती है और टैक्स का बोझ कम हो सकता है.

इन बड़े शहरों में मिलेगा ज्यादा HRA डिस्काउंट

सबसे बड़ा और राहत देने वाला बदलाव घर के किराए यानी HRA को लेकर किया गया है. अब तक दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े मेट्रो शहरों में रहने वालों को ही बेसिक सैलरी का 50% तक टैक्स छूट का फायदा मिलता था, जबकि बाकी शहरों के लिए यह सीमा कम थी. अब नए ड्राफ्ट नियमों में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे तेजी से बढ़ते शहरों को भी मेट्रो शहरों की लिस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव है. इसका मतलब है कि इन शहरों में रहने वाले कर्मचारी अब किराए पर 50% तक टैक्स छूट पा सकेंगे, जिससे उनकी टैक्स फ्री इनकम बढ़ जाएगी.

बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल के खर्च पर बड़ी राहत

पेरेंट्स के लिए भी सरकार ने राहत की तैयरी कर ली है और बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलने वाले अलाउंस में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. अब तक बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलने वाली टैक्स छूट सिर्फ 100 रुपये प्रति महीना थी, जिसे बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति महीना करने की तैयारी है. इसी तरह, हॉस्टल के खर्च पर मिलने वाली छूट को भी 300 रुपये से बढ़ाकर सीधे 9,000 रुपये प्रति महीना करने का प्रस्ताव है. यह बदलाव आज के समय में महंगी होती पढ़ाई और हॉस्टल के खर्च को देखते हुए बहुत जरूरी था.

कंपनी से मिलने वाले गिफ्ट्स पर नहीं लगेगा टैक्स

त्योहारों या ऑफिस प्रोग्राम्स में कंपनी की तरफ से मिलने वाले गिफ्ट्स और वाउचर्स को लेकर भी अच्छी खबर है. ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, अब एक साल में कंपनी से मिलने वाले 15,000 रुपये तक के गिफ्ट्स पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. पहले यह लिमिट सिर्फ 5,000 रुपये सालाना थी. इस बदलाव से कर्मचारियों को ऑफिस की तरफ से मिलने वाले रिवॉर्ड्स या फेस्टिवल गिफ्ट्स का पूरा फायदा मिल सकेगा और उन्हें टैक्स कटने की टेंशन नहीं रहेगी.

ऑफिस के खाने पर भी मिलेगी ज्यादा छूट

काम के दौरान ऑफिस में मिलने वाले मुफ्त खाने या मील कूपन पर भी टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव है. अब हर मील के लिए टैक्स फ्री लिमिट 200 रुपये तक की जा सकती है. यह कदम मौजूदा में बाहर मिलने वाले खाने की कीमतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है. इससे सैलरीड लोगों को मिलने वाली छोटी-छोटी सुविधाएं भी टैक्स के दायरे से बाहर रहेंगी और उनकी कुल बचत में इजाफा होगा.

PAN कार्ड को लेकर नियम होंगे सख्त

सैलरी में राहत देने के साथ-साथ सरकार बड़े लेन-देन पर निगरानी भी बढ़ाने जा रही है. नए ड्राफ्ट नियमों के तहत अब कई बड़े कामों के लिए पैन (PAN) कार्ड देना जरूरी हो जाएगा. अगर आप साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश जमा करते हैं या निकालते हैं, तो पैन कार्ड अनिवार्य होगा. इसी तरह 5 लाख रुपये से ऊपर की गाड़ी खरीदने, 1 लाख रुपये से ज्यादा होटल या इवेंट पर खर्च करने और इंश्योरेंस अकाउंट खोलने के लिए भी पैन कार्ड देना होगा. इसके अलावा प्रॉपर्टी डील के लिए पैन कार्ड की लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जा सकता है.

कम होगा आपका टैक्स और बढ़ेगी सेविंग

इन प्रस्तावित नियमों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाएगी, जिससे सीधे तौर पर आपका टैक्स बिल छोटा हो जाएगा. ड्राफ्ट रूल्स में उन प्रावधानों को आसान बनाने की बात कही गई है जो अब तक काफी पेचीदा माने जाते थे. अगर आप होम लोन का ब्याज भर रहे हैं या बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर रहे हैं, तो 2026 के ये नए नियम आपको पहले के मुकाबले ज्यादा टैक्स रिफंड दिलाने में मदद कर सकते हैं.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com