- आयुष्मान कार्ड पर हर साल 5 लाख रुपये के मुफ्त इलाज की गारंटी दी जाती है.
- पैनल वाले अस्पताल इलाज से मना करते हैं तो इसकी शिकायत की जा सकती है.
- शिकायत पर अस्पताल का नाम आयुष्मान पैनल से नाम से हटाया जा सकता है.
अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड (Ayushman Bharat PM-JAY) होने के बावजूद कोई सूचीबद्ध (Empanelled) अस्पताल इलाज करने से मना करता है, तो यह नियमों के खिलाफ है. आयुष्मान भारत योजना सरकारी योजना है जिसके तहत हर साल 5 लाख रुपये के मुफ्त इलाज की गारंटी दी जाती है. यह आयुष्मान कार्ड धारकों का अधिकार है कि इसमें मिलने वाली सुविधाएं उन्हें दी जाएं. लेकिन इसके बावजूद कई बार ऐसी शिकायतें आती हैं कि अस्पताल में आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीज को भर्ती करने या मुफ्त इलाज देने से मना कर दिया जाता है. ऐसे में आप इसके खिलाफ कई तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क से मिली जानकारी के मुताबिक, हेल्पलाइन नंबर, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी में शिकायत या मदद ले सकते हैं. वहीं हाई कोर्ट के अधिवक्ता ने बताया की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मदद ली जा सकती है.
शिकायत कहां और कैसे दर्ज करें?
आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क के मुताबिक, आप अपने फोन से आयुष्मान योजना के राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर 14555 या 1800-111-565 पर तुरंत कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा कई राज्यों में ऑप्शनल नंबर 1800-1800-4444 पर भी संपर्क किया जा सकता है . आप कॉल सेंटर के प्रतिनिधि को अस्पताल का नाम, डॉक्टर का नाम और मना करने का कारण बताएं. वह तुरंत उस जिले के जिला नोडल अधिकारी (DNO) को अलर्ट भेजते हैं, जो सीधे अस्पताल से जवाब तलब करता है.
अस्पताल परिसर में ही एक आयुष्मान शिकायत पेटी होती है, वहां आप अपनी लिखित शिकायत डाल सकते हैं, जिसकी नियमित रूप से सरकारी टीम द्वारा जांच की जाती है. आप अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या जिला कलेक्टर (DM) को लिखित शिकायत दे सकते हैं, क्योंकि हर जिले में आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी इनकी निगरानी में भी होती है.
ऑनलाइन हो सकती है शिकायत
अस्पताल में कोई सुनवाई नहीं हो रही है, तो आप अपने मोबाइल से 5 मिनट में सरकारी शिकायत पोर्टल पर केस दर्ज कर सकते हैं. आप नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के आधिकारिक आयुष्मान शिकायत पोर्टल (cgrms.pmjay.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
- अधिकारिक पोर्टल पर जाकर Register Your Grievance. पर क्लिक करें और PM-JAY विकल्प चुनें.
- यहां अपना नाम, आयुष्मान कार्ड नंबर (PMJAY ID), अस्पताल का नाम, राज्य, जिला और अपनी शिकायत का संक्षिप्त विवरण लिखें.
- अस्पताल ने कोई लिखित पर्ची दी है या रिजेक्शन की बात लिखी है, तो उसका फोटो अपलोड कर दें.
- शिकायत दर्ज होते ही आपको एक यूनीक नंबर मिलेगा, जिससे आप अपनी शिकायत की जांच की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं.
विधिक रूप से किसकी मदद ले सकते हैं
हाई कोर्ट के अधिवक्ता रमेश चंद्रपाल ने बताया कि आपको मुफ्त या गरीब होने के नाते त्वरित कानूनी सहायता की आवश्यकता है, तो DLSA के माध्यम से मुफ्त सरकारी वकील की मदद मिल सकती है, यह संस्था अस्पताल की मनमानी के खिलाफ कानूनी कदम उठाने में मदद करती है. हर जिले में इस योजना की निगरानी के लिए विशेष सरकारी अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है. जिला नोडल अधिकारी (DNO) या मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO): आप सीधे अपने जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (CMO ऑफिस) में जाकर आयुष्मान भारत के डेस्क पर लिखित शिकायत दे सकते हैं.
इसके अलावा राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) से शिकायत कर सकते हैं. हर राज्य की अपनी स्टेट हेल्थ एजेंसी होती है, जो इन अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने की ताकत रखती है.
अस्पताल के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?
अगर आपकी शिकायत सही पाई जाती है और यह साबित होता है कि अस्पताल ने जानबूझकर इलाज से मना किया था, तो सरकार उस अस्पताल का नाम आयुष्मान पैनल से नाम हटा सकता है. इसके अलावा अस्पताल पर भारी वित्तीय जुर्माना (Penalty) लगाया जाता है. मरीज के इलाज में जो भी खर्च हुआ है, वह अस्पताल को ब्याज सहित मरीज के परिवार को लौटाना पड़ता है.
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