- 7वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसे 8वें आयोग में 3.68 तक बढ़ाने पर विचार चल रहा है
- 8वां वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है और इसकी घोषणा बजट के बाद हो सकती है
- वेतन वृद्धि से महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस और पीएफ में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे कर्मचारियों को लाभ होगा
8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. लंबे समय से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए अब हलचल तेज हो गई है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.
क्या है फिटमेंट फैक्टर का गणित?
सैलरी में होने वाली इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) है. फिलहाल, 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर सैलरी मिल रही है. लेकिन चर्चा है कि 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 3.68 किया जा सकता है. इसका आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?
- अभी न्यूनतम वेतन: ₹18,000 (2.57 फिटमेंट फैक्टर के साथ)
- अनुमानित न्यूनतम वेतन: ₹26,000 से ₹34,500 के बीच (यदि फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है)
कब से मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी?
आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल में एक नए वेतन आयोग का गठन करती है. 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, उस हिसाब से 8वें वेतन आयोग को जनवरी 2026 से प्रभावी होना चाहिए. रिपोर्ट्स हैं कि सरकार बजट के आसपास या उसके बाद इसकी औपचारिक घोषणा कर सकती है.
कर्मचारियों को क्यों है इसका बेसब्री से इंतजार?
महंगाई के इस दौर में फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से न केवल बेसिक सैलरी बढ़ेगी, बल्कि इसके साथ जुड़ने वाले दूसरे भत्ते जैसे महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और पीएफ (PF) में भी ऑटोमैटिक बढ़ोतरी हो जाएगी. इससे जूनियर कर्मचारियों से लेकर सीनियर अधिकारियों तक, सबकी सैलरी में बम्पर इजाफा होगा.
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