सावन में अगर दिल्ली से 2-3 दिन की धार्मिक ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो उत्तराखंड का कपिलेश्वर महादेव मंदिर आपकी बकेट लिस्ट में जरूर होना चाहिए. करीब 391 से 400 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच बसा यह प्राचीन शिव मंदिर 1200 साल पुराने इतिहास, एक तरफ झुके हुए ढांचे और रहस्यमयी लोकमान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं और ट्रैवलर्स दोनों के बीच खासा लोकप्रिय है.
दिल्ली से कैसे पहुंचें कपिलेश्वर महादेव मंदिर
दिल्ली से कार द्वारा एनएच-9 के रास्ते गाजियाबाद, मुरादाबाद, रुद्रपुर, हल्द्वानी हुते हुए अल्मोड़ा पहुंचा जा सकता है. पूरी यात्रा में करीब 6 से 7 घंटे लगते हैं. इसके अलावा, अगर रेल से जाना चाहते हैं तो काठगोदाम रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी स्टेशन है, जो मंदिर से करीब 76 किमी दूर है. यहां से टैक्सी या बस आसानी से मिल जाती है.
क्या है इस मंदिर की खासियत
करीब 1200 साल पुराने इस मंदिर के बारे में स्थानीय मान्यता है कि इसका निर्माण कत्यूरी राजाओं ने एक ही रात में कराया था. मंदिर का मुख्य ढांचा एक तरफ झुका हुआ दिखाई देता है, जिसे लेकर कई लोककथाएं प्रचलित हैं. यहां स्थापित शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है.
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सावन में क्यों जरूर जाएं
शकुनि और फड़का नदी के संगम पर स्थित यह मंदिर सावन में भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है. हरियाली, शांत वातावरण और प्राचीन वास्तुकला इस जगह को धार्मिक यात्रा के साथ शानदार वीकेंड ट्रैवल डेस्टिनेशन भी बनाती है.
यात्रा से पहले जान लें जरूरी बात
मंदिर सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है. यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून और सितंबर से अक्टूबर माना जाता है, जबकि सावन में यहां विशेष पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का आयोजन होता है.
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