विज्ञापन

Valley of Flowers: दिल्ली से महज 12 घंटे दूर है फूलों से सजी स्वर्ग सी दुनिया, 500 से ज्यादा तरह के फूल देखना है तो कैसे पहुंचें वैली

Delhi to Uttarakhand Trip: उत्तराखंड की खूबसूरत वैली में फूलों की घाटी की बात करें तो वैली ऑफ फ्लावर्स का नाम सबसे पहले आता है. यह घाटी उत्तराखंड की खूबसूरत जगहों में शामिल है. यहां 500 से ज्यादा फूलों की प्रजातियां, हरे पहाड़ और झरने पर्यटकों को जन्नत जैसा अनुभव कराते हैं.

Valley of Flowers: दिल्ली से महज 12 घंटे दूर है फूलों से सजी स्वर्ग सी दुनिया, 500 से ज्यादा तरह के फूल देखना है तो कैसे पहुंचें वैली
उत्तराखंड की खूबसूरत वैली ऑफ फ्लावर्स
ndtv

उत्तराखंड में घूमने के लिए बहुत सी खूबसूरत घाटियां है, इन्हीं में से एक वैली ऑफ फ्लावर्स घाटी है. अगर आप फूलों की खूबसूरती देखने के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां दूर से रंग-बिरंगे फूल, हरे-भरे पहाड़ और बदालों से घिरी वादियां नजर आए तो वैली ऑफ फ्लावर्स आपको जन्नत जैसा अहसास करा सकती है. अगर आप अपने परिवार, दोस्तों या पड़ोसियों के साथ इस जगह को देखना चाहते हैं तो आप दिल्ली से सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में करीब 12 घंटे लग सकते हैं. इस घाटी की सबसे खास बात यह है कि यहां आपको 500 से ज्यादा प्रजातियों के फूल देखने को मिल सकते हैं.

उत्तराखंड में बसी है फूलों की ये अनोखी दुनिया

जानकारी के अनुसार, वैली ऑफ फ्लावर्स उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित है. इस वैली को UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है. मानसूनन के दौरान घाटी का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है. इसके अलावा, जब यहां आप पहुंचेंगे तो ट्रैकिंग करते समय चारों तरफ खिले फूल, हरे पहाड़ और झरने देखने को मिलेंगे, जो इस वैली को खास बनाते हैं. आप अपने मम्मी-पापा और भाई-बहन समेत पूरे परिवार के साथ यहां आ सकते हैं. साथ ही dev_verse_02_ नाम से इंस्टाग्राम पेज पर इस जगह के बारे में बताया गया है. साथ ही इस जगह की एक वीडियो भी शेयर की गई है. 

अगस्त में दिखती है घाटी की असली खूबसूरती

बता दें कि फूलों की घाटी आमतौर पर जून से अक्टूबर के बीच पर्यटकों के लिए खुलती है. जुलाई और अगस्त इन दो महीनों में यहां फूल पूरी तरह खिलने लगते हैं. इस दौरान बारिश के बाद घाटी की हरियाली और फूलों के रंग देखने लायक होते हैं. यहां कई दुर्लभ हिमालयी फूल भी पाए जाते हैं. हालांकि ब्रह्म कमल को केवल इसी घाटी तक सीमित मानना सही नहीं है. यह उत्तराखंड के ऊंचाईई वाले हिमालयी क्षेत्रों में भी पाया जाता है.

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड से ओडिशा तक, अगस्त में घूमने के लिए भारत की 10 सबसे खूबसूरत जगहें, बारिश में दिखता है स्वर्ग जैसा नजारा

दिल्ली से कैसे पहुंचें वैली

बता दें कि दिल्ली से पहले ऋषिकेश होते हुए जोशीमठ और फिर गोविंदघााट पहुंचना होता है. गोविंदघाट से घांघरिया तक ट्रेक करना पड़ता है. इसके बाद घांघरिया से फूलों की घाटी के लिए करीब 3-4 किलोमीटर का ट्रेक है. पूरी यात्रा में मौसम और ट्रेकिंग की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है.

ट्रेक के लिए परमिट और फीस भी जरूरी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फूलों की घाटी में प्रवेश के लिए निर्धारित परमिट और प्रवेश शुल्क देना होता है. यहां दिन के समय ही ट्रेकिंग की अनुमति रहती है. बारिश के मौसम में रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं, इसलिए अच्छे ट्रेकिंग जूते, रेनकोट और सबसे जरूरी अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड जरूर साथ में रखने बेहतर होगा.

यह भी पढ़ें: Amrit Udyan Opening: वीकेंड और बार‍िश, मजा हो जाएगा डबल जब अमृत उद्यान में फूलों के बीच करेंगे आप सैर

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Valley Of Flowers, Valley Of Flowers Uttarakhand, Trip
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com