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Weekend Trips: उत्तराखंड का ये हिल स्टेशन विदेशियों के लिए है बैन, कभी अंग्रेजों ने ही बसाया था, जानिए वजह

Uttarakhand Tourism: उत्तराखंड का चकराता हिल स्टेशन जिसे 1866 में अंग्रेजों ने बसाया था. आज भारतीय सेना के संवेदनशील क्षेत्र में होने के कारण विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंधित है.

Weekend Trips: उत्तराखंड का ये हिल स्टेशन विदेशियों के लिए है बैन, कभी अंग्रेजों ने ही बसाया था, जानिए वजह
उत्तराखंड का चकराता हिल स्टेशन जिसे 1866 में अंग्रेजों ने बसाया था
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उत्तराखंड अपनी खूबसूरत वादियों, शांत पहाड़ों और प्राकृतिक नजारों के लिए दुनियाभर में मशहूर है. हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां घूमने आते हैं. लेकिन इसी राज्य में एक ऐसा हिल स्टेशन भी है, जहां विदेशी नागरिकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है. दिलचस्प बात यह है कि इस जगह को कभी अंग्रेजों ने ही बसाया था. अब सुरक्षा कारणों से यहां विदेशियों के आने पर रोक है. आइए जानते हैं इस अनोखी जगह की पूरी कहानी.

चकराता में क्यों नहीं जा सकते विदेशी नागरिक

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित चकराता एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है. लेकिन यह इलाका भारतीय सेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यहां सेना का कैंप और रक्षा से जुड़े कई संवेदनशील क्षेत्र मौजूद हैं. इसी वजह से विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है. वैध वीजा होने के बावजूद उन्हें यहां आने की अनुमति नहीं मिलती. अगर आपको भी यह हिल स्टेशन देखना है तो आप इस वीकेंड आ सकते हैं. दिल्ली से चकराता का सफर महज 7 से 9 घंटे का है. यह करीब दिल्ली से लगभग 320 किलोमीटर है. अगर आप यहां आने का प्लान कर रहे हैं तो मुख्य रूट दिल्ली से शुरू होकर मेरठ-सहारनपुर या मुजफ्फरनगर होते हुए हर्बर्टपुर, विकासनगर और कालसी से होते हुए चकराता आ सकते हैं.

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अंग्रेजों ने 1866 में बसाया था चकराता

चकराता की स्थापना साल 1866 में ब्रिटिश शासन के दौरान की गई थी. उस समय इसे अंग्रेज अधिकारियों के आराम और सैन्य गतिविधियों के लिए विकसित किया गया था. आजादी के बाद यह इलाका भारतीय सेना के नियंत्रण में आ गया और सुरक्षा कारणों से यहां विदेशी पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई.

ट्रैकिंग और प्राकृतिक सुंदरता का शानदार ठिकाना

देवदार और बांस के घने जंगलों से घिरा चकराता ट्रैकिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. यहां का शांत माहौल और हरियाली पर्यटकों को खूब पसंद आती है. टाइगर फॉल्स, बुधेर गुफा, चिलमिरी नेक, देववन और लक्खमंडल यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं.

भारतीय पर्यटकों के लिए खुला है यह हिल स्टेशन

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विदेशी नागरिकों की एंट्री भले ही प्रतिबंधित हो, लेकिन भारतीय पर्यटक तय नियमों का पालन करते हुए चकराता घूम सकते हैं. वहीं मसूरी, नैनीताल और ऋषिकेश जैसे उत्तराखंड के अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर विदेशी और भारतीय, दोनों तरह के पर्यटकों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है.

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