Supreme Court On Sir In Bihar
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नागरिकता की जांच के अधिकार का जिक्र नहीं है... बिहार में SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
- Thursday January 22, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: समरजीत सिंह
कोर्ट ने माना कि पिछले 20 वर्षों में तेज़ शहरीकरण और आंतरिक प्रवासन के कारण मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया हुई है, जिससे डुप्लीकेट एंट्री की संभावना बढ़ी है.हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने और नागरिकता की जांच करने के अधिकार दो अलग-अलग प्रश्न हैं.
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चुनाव आयोग को देनी होगी बिहार वोटर लिस्ट से हटाए गए 65 लाख लोगों की डिटेल, जानें SC ने दिया क्या आदेश
- Thursday August 14, 2025
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: समरजीत सिंह
बिहार SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का आज तीसरा दिन रहा. आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की मतदाता सूची से हटाए जा रहे 65 लाख लोगों की डिटेल देने को कहा है.
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सुप्रीम कोर्ट के सवाल, सिब्बल की दलीलें... जानें बिहार SIR पर अदालत में किसने क्या कहा
- Tuesday August 12, 2025
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अभिषेक पारीक
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में वोटर लिस्ट के रिवीजन (SIR) से जुड़े मसले पर कहा कि चुनाव आयोग सही कह रहा है कि आधार को नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. ज्यादा से ज्यादा यह किसी की पहचान का प्रमाण हो सकता है.
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फर्जी मतदाताओं को हटाना हमारी जिम्मेदारी... बिहार SIR मामले में चुनाव आयोग ने दाखिल किया जवाब
- Monday July 21, 2025
- Reported by: आशीष भार्गव
चुनाव आयोग ने SIR को लेकर विपक्षी पार्टियों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है. SIR प्रक्रिया का बचाव किया और कहा कि मतदाताओं को SIR प्रक्रिया से कोई समस्या नहीं है. यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. यह कानून के अनुसार है. मतदाता सूची से फर्जी मतदाताओं को हटाना उसकी जिम्मेदारी है.
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बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन: सुप्रीम कोर्ट की 5 सबसे अहम टिप्पणियां; सिब्बल ने भी दीं जोरदार दलीलें
- Thursday July 10, 2025
- Written by: मनोज शर्मा
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक अहम टिप्पणी में कहा कि उसे चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और ईमानदारी पर संदेह नहीं है क्योंकि यह एक संवैधानिक दायित्व है, लेकिन इस प्रक्रिया (बिहार में स्पेशल रिवीजन) की टाइमिंग संदेह पैदा कर रही है.
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- Thursday January 22, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: समरजीत सिंह
कोर्ट ने माना कि पिछले 20 वर्षों में तेज़ शहरीकरण और आंतरिक प्रवासन के कारण मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया हुई है, जिससे डुप्लीकेट एंट्री की संभावना बढ़ी है.हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने और नागरिकता की जांच करने के अधिकार दो अलग-अलग प्रश्न हैं.
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- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: समरजीत सिंह
बिहार SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का आज तीसरा दिन रहा. आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की मतदाता सूची से हटाए जा रहे 65 लाख लोगों की डिटेल देने को कहा है.
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- Tuesday August 12, 2025
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अभिषेक पारीक
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में वोटर लिस्ट के रिवीजन (SIR) से जुड़े मसले पर कहा कि चुनाव आयोग सही कह रहा है कि आधार को नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. ज्यादा से ज्यादा यह किसी की पहचान का प्रमाण हो सकता है.
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- Reported by: आशीष भार्गव
चुनाव आयोग ने SIR को लेकर विपक्षी पार्टियों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है. SIR प्रक्रिया का बचाव किया और कहा कि मतदाताओं को SIR प्रक्रिया से कोई समस्या नहीं है. यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. यह कानून के अनुसार है. मतदाता सूची से फर्जी मतदाताओं को हटाना उसकी जिम्मेदारी है.
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- Written by: मनोज शर्मा
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक अहम टिप्पणी में कहा कि उसे चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और ईमानदारी पर संदेह नहीं है क्योंकि यह एक संवैधानिक दायित्व है, लेकिन इस प्रक्रिया (बिहार में स्पेशल रिवीजन) की टाइमिंग संदेह पैदा कर रही है.
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