'Noida aqi' - 9 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • India | रविवार जनवरी 17, 2021 08:49 AM IST
    दिल्ली (Delhi AQI) समेत गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद (Faridabad AQI) में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में, वहीं गुरुग्राम की हवा लगातार तीसरे दिन 'बेहद खराब' की श्रेणी में दर्ज की गई. सरकारी एजेंसी की ओर से जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई. दिल्ली का AQI 428 दर्ज किया गया है. वायु गुणवत्ता सूचकांक ऐप समीर के अनुसार, शुक्रवार को नोएडा में AQI 434 दर्ज किया गया. गाजियाबाद में AQI 423, ग्रेटर नोएडा में 438, फरीदाबाद में 416 और गुरुग्राम में 316 दर्ज किया गया.
  • India | शुक्रवार दिसम्बर 18, 2020 10:05 AM IST
    सरकारी एजेंसी द्वारा जारी किए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद शहर में वायु गुणवत्ता खराब स्थिति में बनी हुई है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने जानकारी दी कि दिल्ली से सटे इन पांचों शहरों में प्रदूषण की स्थिति भी चरम पर है. CPCB वायु गुणवत्ता सूचकांक पर नजर रखती है.
  • India | शुक्रवार नवम्बर 20, 2020 01:40 AM IST
    दिल्ली में वायु गुणवत्ता बृहस्पतिवार सुबह ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान में गिरावट की वजह से इसके और खराब होने की आशंका है. हवा की दिशा में बदलाव की वजह से शहर के प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी भी बढ़ गई है. दिल्ली में आज सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 272 दर्ज किया गया.
  • Delhi-NCR | रविवार नवम्बर 15, 2020 11:42 PM IST
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुड़गांव में रविवार को वायु गुणवत्ता ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में दर्ज की गई. एक सरकारी एजेंसी ने यह जानकारी दी. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा उपलब्ध कराए गए वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार दिल्ली के सबसे निकट पांच शहरों की हवा में प्रदूषण कारक तत्वों पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा भी अधिक बनी रही
  • India | सोमवार नवम्बर 4, 2019 08:43 AM IST
    दिल्ली में प्रदूषण का स्तर रविवार को तीन साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया और इसके कारण परेशानी झेल रहे सैकड़ों लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इच्छा व्यक्त की कि वे खराब वायु गुणवत्ता के कारण शहर छोड़कर जाना चाहते हैं.
  • India | सोमवार नवम्बर 4, 2019 07:33 AM IST
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक्यूआई फरीदाबाद में 493, नोएडा में 494, गाजियाबाद में 499, ग्रेटर नोएडा में 488 और गुड़गांव में 479 रहा.
  • India | सोमवार नवम्बर 4, 2019 04:32 AM IST
    दिल्ली और एनसीआर के 17 हजार निवासियों पर किए गए सर्वेक्षण में यह सामने आया कि 13 प्रतिशत लोग यह मानते हैं कि उनके पास प्रदूषण को झेलने के अतिरिक्त और कोई चारा नहीं है. सर्वेक्षण में पाया गया कि 16 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे स्थायी तौर पर दिल्ली में ही निवास करेंगे लेकिन प्रदूषण अधिक होने के दौरान कहीं बाहर घूमना चाहेंगे.
  • Delhi-NCR | सोमवार नवम्बर 4, 2019 03:02 AM IST
    प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर रविवार को उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये शामिल हुए. 
  • India | रविवार नवम्बर 3, 2019 09:42 PM IST
    दिल्ली-एनसीआर में रविवार का दिन भी हवा में फैले धुआंसे यानी स्मॉग के नाम रहा. हालत ये रही कि घरों से बाहर निकलने पर अधिकतर लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी. दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स दिन में एक हज़ार और नोएडा, ग़ाज़ियाबाद में डेढ़ हज़ार तक पहुंच गया. हालांकि शाम होते होते थोड़ी हवा चलने से इसमें गिरावट आई लेकिन हवा का स्तर ख़तरनाक बना ही रहा. ये एक तरह की एयर इमरजेंसी है. हालात को देखते हुए दिल्ली के अलावा नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद के स्कूलों को पांच नवंबर तक बंद करने का आदेश दिया गया. इस बीच दिल्ली में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की अगुवाई में दिल्ली और एनसीआर से जुड़े राज्यों के मुख्य सचिवों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक हुई जिसमें निर्देश दिया गया कि कैबिनेट सेक्रेटरी और इन राज्यों के मुख्य सचिव लगातार वायु प्रदूषण पर निगाह बनाए रखें और उसे कम करने के उपायों पर अमल करते रहें. इस बैठक में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन और मौसम विभाग के निदेशक भी मौजूद रहे. जानकारी के मुताबिक दिल्ली में क़रीब 300 टीमों को प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए तैनात किया गया है. इन टीमों का मुख्य ध्यान सात औद्योगिक इलाकों, दिल्ली एनसीआर के मुख्य मार्गों, निर्माण से जुड़ी जगहों और कूड़ा-कचरा जलने से जुड़ी जगहों पर है. कई इलाकों में धूल को नीचे बैठाने के लिए पानी का भी छिड़काव किया जा रहा है लेकिन ये सब उपाय नाकाफ़ी ही लग रहे हैं.
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