'Ayodhya Issue' - 62 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • India | शुक्रवार अगस्त 14, 2020 06:12 PM IST
    मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा कि वह अयोध्या राम मंदिर मसले पर अपनी पार्टी की लाइन पर ही चले हैं. कमलनाथ ने कहा, 'राम मंदिर पर देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरूजी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जो रूख था, मैं उसी पर हूं. इसे किसी अन्य परिप्रेक्ष्य में नहीं देखा जाना चाहिए.' उनसे केरल में त्रिशूर के सांसद टीएन प्रतापन द्वारा कांग्रेस के 'सॉफ्ट हिन्दुत्व' को अपनाने को लेकर पार्टी आलाकमान को आगाह करने वाली खबरों के बारे में सवाल किया गया था. इस पर, उन्होंने कहा, 'राजीव जी ने (1985 में) राम मंदिर का ताला खुलवाया था. हम बाबरी मस्जिद गिराए जाने के खिलाफ थे. कांग्रेस का रुख साफ था कि हम इस पर अदालत के फैसले का पालन करेंगे.'
  • India | शनिवार नवम्बर 9, 2019 12:45 PM IST
    अयोध्या पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा है कि वह फैसले से संतुष्‍ट नहीं हैं. बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा, 'कुछ गलत तथ्‍य पेश किए गए हैं हम उनकी जांच करेंगे. सुप्रीम कोर्ट का फैसला है हम उसका सम्‍मान करते हैं.
  • India | शनिवार नवम्बर 9, 2019 12:28 PM IST
    अयोध्या मुद्दे पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करती है.  हम सभी संबंधित पक्षों व सभी समुदायों से निवेदन करते हैं कि भारत के संविधान में स्थापित 'सर्वधर्म सम्भाव' और भाईचारे के उच्च मूल्यों को निभाते हुए अमन-चैन का वातावरण बनाए रखें. हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि हम सब देश की सदियों पुरानी परस्पर सम्मान और एकता की संस्कृति व परंपरा को जीवंत रखें. सूत्रों के मुताबिक पार्टी के नेताओं को पहले ही हिदायद दे दी गई थी कि अनुच्छेद 370 की तरह सभी अलग-अलग बयान न दें.  अयोध्या के फैसले को देखते हुए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक भी बुलाई गई थी.  
  • Uttar Pradesh | रविवार अक्टूबर 6, 2019 05:02 PM IST
    समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) द्वारा कथित रूप से अयोध्या मामले (Ayodhya) में बहुत जल्द 'बड़ी खुशखबरी' मिलने के दावे पर रविवार को सवाल उठाए.
  • India | बुधवार अगस्त 7, 2019 10:15 PM IST
    एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक अयोध्या मसले पर मध्यस्थता में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड मंदिर के लिए विवादित ज़मीन पर दावा छोड़ने के लिए तैयार था. उसका यह भी कहना था कि वह इसके बदले मस्जिद बनाने के लिए कोई जमीन नहीं लेगा. लेकिन वक्त की कमी से एक और पक्षकार को मनाया नहीं जा सका.अब मुस्लिम उलेमा का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि मुक़दमे की सुनवाई के साथ-साथ मध्यस्थता फिर शुरू की जाए ताकि मसले का हल कोर्ट के बाहर निकल आए.
  • India | बुधवार मार्च 13, 2019 11:43 AM IST
    मध्यस्थता के जरिए अयोध्या मामले को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी मंगलवार को अयोध्या पहुंची. आज से इस मामले पर सुनवाई शुरू हो रही है. मध्यस्थता की मदद से कई सालों से अटके इस विवाद को निपटाने की कवायद की जा रही है. बुधवार को बातचीत के लिए 25 लोगों को बुलाया गया है. अवध यूनिवर्सिटी के इंजिनियरिंग कैंपस स्थित गेस्ट हाउस में कमेटी के ठहरने का इंतजाम किया गया हैं
  • File Facts | शुक्रवार मार्च 8, 2019 02:21 PM IST
    अयोध्या में मंदिर मस्जिद के लिए मुकदमा लड़ते सवा सौ साल हो गया है. इस एक मुद्दे ने बड़े बड़े नेता बना दिए. सरकारें बना दीं और सरकारें गिरा दीं. सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद का सर्वमान्य समाधान खोजने के लिये शुक्रवार को शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति गठित कर दी. इस समिति को आठ सप्ताह के भीतर मध्यस्थता की कार्यवाही पूरी करनी है. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने आदेश में कहा कि मध्यस्थता के लिये गठित समिति के अन्य सदस्यों में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पांचू शामिल हैं. पीठ ने कहा कि समिति, आवश्यकता हो तो, इसमें और सदस्य शामिल कर सकती है. संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं.
  • File Facts | शुक्रवार मार्च 8, 2019 05:47 PM IST
    सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मध्यस्थता के जरिए इस मसले को सुलझाने का आदेश दिया है. माना जा रहा है कि बातचीत से सालों से चले रहे इस विवाद का निपटारा किया जा सकता है. हालांकि कोर्ट से इतर भी कई बार बातचीत की कोशिश हो चुकी है. लेकिन इस मुद्दे को लेकर सभी पक्षों को मनाना आसान नहीं काम नहीं था. हालांकि इस फैसले के पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की बात कई बार कह चुका है. आज आया फैसला कई मायनों में अहम है क्योंकि इस बातचीत कोर्ट की निगरानी में होगी. बातचीत के लिए एक समिति का गठन किया गया है. जिससे अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम खलीफुल्ला हैं. वह 22 जुलाई को 2016 को सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर रिटायर हुए थे. इसके अलावा धार्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू मध्यस्थता समिति में शामिल हैं.
  • File Facts | बुधवार मार्च 6, 2019 12:29 PM IST
    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में मध्यस्थता पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले की बुधवार को सुनवाई की. हालांकि, अभी सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं बताया कि वह इस पर फैसला कब सुनाएगी. सुनवाई के दौरान जहां मुस्लिम पक्ष मध्यस्थता के लिए तैयार दिखा, वहीं हिंदू महासभा और रामलला पक्ष ने इस पर सवाल उठाए. हिंदू महासभा ने कहा कि जनता मध्यस्थता के फैसले को नहीं मानेगी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पिछली सुनवाई के दौरान सुझाव दिया था कि दोनों पक्षकार बातचीत का रास्ता निकालने पर विचार करें. अगर एक फीसदी भी बातचीत की संभावना हो तो उसके लिए कोशिश होनी चाहिए.
  • Uttar Pradesh | मंगलवार फ़रवरी 12, 2019 01:41 PM IST
    उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के चर्चा के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन्मभूमि एक आस्था से जुड़ा विषय है और न्यायालय को भी जन आस्था का सम्मान करते हुए 24 घंटे के भीतर इसपर अपना फैसला सुना देना चाहिए.
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