Parliament Budget Session 2024 : लोकसभा (Parliament) में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर चर्चा चल रही है. भाजपा नेता सत्यपाल सिंह ने मंदिर निर्माण और राम लला की "प्राण प्रतिष्ठा" पर चर्चा शुरू की. उम्मीद है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य कानूनी लड़ाई के बाद अयोध्या राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की प्रशंसा करेंगे. संसद का बजट सत्र, 17वीं लोकसभा का आखिरी सत्र है. यह सत्र 31 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के साथ शुरू हुआ था, इसका समापन आज होने वाला है.
लोकसभा में राम मंदिर पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि देश में राम मंदिर के लिए कई सौ साल से संघर्ष चल रहा था. 1528 से ही हम अपने भगवान को स्थापित करने के लिए सड़क से लेकर कोर्ट तक की लड़ाई लड़ रहे थे. 2019 में कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराने के साथ-साथ एक इतिहास रचा है.
बता दें कि लोकसभा में ‘श्री राम मंदिर (Ram Mandir) के ऐतिहासिक निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा' विषय पर नियम 193 के तहत चर्चा कराने का नोटिस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सत्यपाल सिंह और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के श्रीकांत शिंदे की ओर से दिया गया. श्रीकांत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र हैं. राज्यसभा में इसी विषय पर अल्पकालिक चर्चा का नोटिस भाजपा सांसदों सुधांशु त्रिवेदी, के. लक्ष्मण और मनोनीत सदस्य राकेश सिन्हा ने दिया है.
संसद के उच्च सदन में सरकार की ओर से लाए गए ‘भारतीय अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र' विषय पर भी चर्चा होगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को इसे राज्यसभा में पेश किया था.
भाजपा ने इन विषयों पर चर्चा के दौरान अपने सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्हिप जारी किया है. निचले सदन में ‘अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र' विषय पर चर्चा पूरी हो चुकी है. वित्त मंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधा था और कहा था कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की तत्कालीन सरकार ने कोयले को राख बना दिया था जबकि मौजूदा सरकार ने उसी कोयले को हीरा बना दिया.