ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने अपने सबसे एडवांस और नेक्स्ट-जेनरेशन AI मॉडल 'GPT-5.6' को पेश कर दिया है. इस नई AI फैमिली में एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग ताकतवर मॉडल्स को उतारा गया है जो कोडिंग, साइंस और साइबर सिक्योरिटी के मामले में इंसानों को भी पीछे छोड़ सकते हैं. लेकिन इस महा-लॉन्च के साथ ही एक ऐसी खबर आई है जिसने दुनिया भर के AI फैंस को थोड़ा निराश कर दिया है.
तीन अलग नाम और तीन अलग काम
OpenAI ने इस बार अपनी नेमिंग कन्वेंशन को बदलते हुए तीन नए टीयर्स पेश किए हैं. पहला है 'GPT-5.6 Sol', जो कंपनी का फ्लैगशिप मॉडल है और इसे सबसे मुश्किल कोडिंग और साइंटिफिक रिसर्च के लिए बनाया गया है. दूसरा है 'GPT-5.6 Terra', जो रोजमर्रा के बिजनेस और डेवलपर्स के काम के लिए है. यह पिछले मॉडल जितना ही ताकतवर है लेकिन इसकी लागत आधी है. तीसरा है 'GPT-5.6 Luna', जो सबसे तेज और किफायती है, जिसका इस्तेमाल कम बजट वाले ऐप्स में तेजी से काम करने के लिए किया जाएगा.
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इस नए मॉडल में दो बेहद कमाल के फीचर्स जोड़े गए हैं. पहला है 'मैक्स रीजनिंग एफर्ट', जिसके तहत 'Sol' मॉडल किसी भी मुश्किल सवाल का तुरंत जवाब देने के बजाय उस पर गहराई से सोचने के लिए ज्यादा समय लेता है ताकि बिल्कुल सटीक उत्तर मिल सके. दूसरा सबसे फीचर है 'अल्ट्रा मोड' (Ultra Mode). इसमें सिर्फ एक AI मॉडल काम नहीं करता, बल्कि बैकएंड पर कई छोटे-छोटे सब-एजेंट्स मिलकर एक टीम की तरह जटिल कोडिंग और रिसर्च प्रोजेक्ट्स को पूरा करते हैं.
GPT-5.6 ने सॉफ्टवेयर में कमियां ढूंढने और डिफेंसिव सिक्योरिटी टेस्टिंग के मामले में इसने पुराने सभी रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं. बेंचमार्क टेस्ट में इसने अन्य प्रतिस्पर्धी AI मॉडल्स को बहुत कम टोकन्स का इस्तेमाल करके पछाड़ दिया है. हालांकि, OpenAI ने साफ किया है कि यह मॉडल अभी भी 'साइबर क्रिटिकल' लाइन को पार नहीं कर पाया है, यानी यह कमियां तो ढूंढ सकता है लेकिन खुद से कोई पूरा साइबर अटैक या खतरनाक हैकिंग टूल तैयार नहीं कर सकता.
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आखिर अमेरिका तक ही क्यों सीमित है यह मॉडल
इस धमाकेदार लॉन्च के बावजूद आम यूजर्स अभी इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. दरअसल, अमेरिकी सरकार ने एडवांस AI मॉडल्स की बढ़ती ताकत को देखते हुए साइबर सिक्योरिटी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत जांच शुरू की है. OpenAI ने लॉन्च से पहले अमेरिकी सरकार को इसकी क्षमताओं की जानकारी दी थी, जिसके बाद सरकार के अनुरोध पर इसे अभी सिर्फ कुछ चुनिंदा अमेरिकी पार्टनर्स के लिए API और कोडेक्स (Codex) के जरिए सीमित प्रीव्यू में रखा गया है. हालांकि, कंपनी ने उम्मीद जताई है कि आने वाले हफ्तों में इसे चैटजीपीटी के साथ पूरी दुनिया के लिए रोलआउट कर दिया जाएगा.
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