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कब और कितना दिया गया घूस? ये वेबसाइट खोल देगी पूरी पोल, भारतीय छात्र ने बनाई कमाल की साइट

भारतीय छात्र आर्यन निषाद ने Bribes.fyi वेबसाइट बनाई है. जहां लोग सरकारी दफ्तरों में रिश्वत मांगने या देने से इनकार करने की घटनाएं दर्ज कर सकते हैं.

कब और कितना दिया गया घूस? ये वेबसाइट खोल देगी पूरी पोल, भारतीय छात्र ने बनाई कमाल की साइट
AI Generated Image

सरकारी दफ्तरों में आपने भी घूस मांगने की कई घटनाओं को देखा होगा. हालांकि, घूस मांगना और देना दोनों अपराध है. लेकिन, कई बार लोग इसको रिपोर्ट नहीं करते हैं. भारत में सरकारी दफ्तरों में रिश्वत मांगने की घटनाओं को दर्ज करने के लिए एक भारतीय छात्र ने एक वेबसाइट बनाई है. ये वेबसाइट खुद को सिटीजन्स के लिए एक फ्री और लोगों के जरिए चलने वाला मंच बताती है. यहां लोग सरकारी दफ्तरों में मांगी गई या देने से मना की गई रिश्वत की जानकारी दर्ज कर सकते हैं.

इस वेबसाइट का नाम Bribes.fyi रखा गया है. Bribes.fyi इन शिकायतों को विभाग, शहर और राज्य के आधार पर व्यवस्थित करती है, ताकि सरकारी दफ्तरों में रिश्वत से जुड़े मामलों का सार्वजनिक आंकड़ा देखा जा सके. रिपोर्ट के अनुसार, इस वेबसाइट को बी.टेक के छात्र आर्यन निषाद ने बनाया है. वेबसाइट की जानकारी के अनुसार इसका डोमेन NameCheap Inc. के जरिए रजिस्टर किया गया है और वेबसाइट 2 जुलाई को लाइव हुई थी. वेबसाइट के डिजाइन को देखकर ऐसा लगता है कि इसे AI की मदद से तैयार किया गया है.

Bribes.fyi पर दर्ज होती है शिकायत

Bribes.fyi पर कोई भी व्यक्ति रिश्वत से जुड़ी घटना की जानकारी दर्ज कर सकता है. इसके लिए सरकारी विभाग, कथित तौर पर मांगी गई रकम और घटना वाले शहर जैसी सामान्य जानकारी देनी होती है. जानकारी पोस्ट होने के बाद वह वेबसाइट पर गुमनाम पोस्ट के रूप में दिखाई देती है.

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वेबसाइट पर मौजूद एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फ्लैट खरीदने के दौरान सेल डीड रजिस्ट्रेशन के लिए हर नए फ्लैट खरीदार से 35,000 रुपये लिए गए. रिपोर्ट के अनुसार बिल्डर ने सभी खरीदारों से नकद रकम इकट्ठा करके उसे सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दिया. Bribes.fyi के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर अब तक 251 शहरों से 616 रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी हैं. हालांकि, वेबसाइट खुद साफ करती है कि ये आंकड़े लोगों द्वारा खुद चुनी गई रिपोर्ट पर आधारित हैं. इस वजह से इन्हें पूरे भारत में भ्रष्टाचार की वास्तविक दर का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए.

अलग-अलग विभागों में रिश्वत के मामलों की तुलना

वेबसाइट सिर्फ शिकायत दर्ज करने की सुविधा नहीं देती, बल्कि लोग अलग-अलग विभागों और शहरों में दर्ज मामलों को भी देख सकते हैं.
Bribes.fyi पर एक मैप भी उपलब्ध है, जिसमें देशभर में दर्ज रिश्वत की शिकायतों की संख्या दिखाई जाती है. इससे अलग-अलग इलाकों में सामने आए मामलों का एक सार्वजनिक आंकड़ा देखने को मिलता है.

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वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फिलहाल पुलिस विभाग से सबसे ज्यादा रिपोर्ट दर्ज हुई हैं. पुलिस से जुड़ी 337 रिपोर्ट मौजूद हैं. इसके बाद RTO से 88 रिपोर्ट और राजस्व एवं भूमि रिकॉर्ड विभाग से 69 रिपोर्ट दर्ज हैं. पासपोर्ट कार्यालयों से जुड़ी 43 रिपोर्ट हैं, जबकि नगर निगमों से संबंधित 29 रिपोर्ट दर्ज हैं.

वेबसाइट के अनुसार करीब 38 प्रतिशत रिपोर्ट में रिश्वत देने से इनकार किए जाने की बात कही गई है. कुछ मामलों में लोगों ने दावा किया है कि रिश्वत देने से इनकार करने के बावजूद उन्हें जरूरी सरकारी सर्विस मिल गई.

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

Bribes.fyi को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा देखने को मिली है. India subreddit पर कई लोगों ने इस पहल का स्वागत किया. एक यूजर ने इसे बेहद महत्वपूर्ण मंच बताते हुए लिखा कि यह अब तक बनाए गए सबसे प्रभावशाली प्लेटफॉर्म में से एक हो सकता है. एक अन्य यूजर ने कहा कि यह अच्छी पहल है, लेकिन कुछ लोग रिश्वत को सामान्य मानकर उसका बचाव करने की कोशिश करते हैं.

Hacker News पर एक यूजर ने वेबसाइट के वेरिफिकेशन सिस्टम को लेकर सवाल उठाया. उसका कहना था कि वेबसाइट पर किसी अनुभव को रियल बताने के लिए केवल एक बॉक्स पर टिक करना पर्याप्त वेरिफिकेशन नहीं माना जा सकता है. हालांकि, Bribes.fyi में एक वेरिफिकेशन व्यवस्था भी दी गई है. इसके जरिए अगर किसी विभाग या सरकारी कार्यालय को एक जैसे कई मामले मिलते हैं, तो दूसरे लोग उन मामलों के पैटर्न की पुष्टि कर सकते हैं.

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