NDTV YUVA 2026: अभी एनडीटीवी युवा समिट 2026 (NDTV YUVA 2026) मुंबई में चल रही है. इसमें कई दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं. अभी जब पूरी दुनिया AI को लेकर बात कर रही है तो एक सेशन इसमें एक्सपर्ट्स के साथ AI सेशन का भी रहा. मॉडरेटर आयुष ऐलावादी के साथ AI कंटेंट क्रिएटर और एजुकेटर ईशान शर्मा, AI प्रैक्टिशनर और ALTRD की फाउंडर गायत्री अग्रवाल, निमाया फाउंडेशन से सम्यक चक्रवर्ती ने AI को लेकर अपनी-अपनी बात रखी.
GenZ हो रहे AI ज्यादा निर्भर
ईशान बताते हैं कि आज की पीढ़ी (GenZ) AI पर अत्यधिक निर्भर होने के कारण अपने दिमाग और सोचने की क्षमता का उपयोग कम कर रही है. उन्होंने अपने दफ्तर का एक यूजकेस शेयर किया. उन्होंने दो कर्मचारियों को बिना इंटरनेट या AI के सिर्फ पेन-पेपर देकर काम करने को कहा, जिससे वे असहज महसूस करने लगे. उन्होंने बताया कि AI हमारे काम आसान कर सकता है, लेकिन रियल इंटेलीजेंस की जगह नहीं ले सकता है.
गायत्री अग्रवाल ने बताया कि कंपनियों और मीटिंग्स में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने आगे कहा कि बड़ी कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि उनके पास AI के लिए अलग बजट या समर्पित लीडरशिप नहीं है, जिससे उन्हें यह समझ नहीं आता कि शुरुआत कहां से करें. भविष्य में सबसे जरूरी कौशल 'ह्यूमन जजमेंट' (सही-गलत का फैसला करने की क्षमता) होंगे.
AI का यूज करके किए जा सकते हैं पॉजिटिव काम
निमाया फाउंडेशन से सम्यक चक्रवर्ती की राय थोड़ा अलग थी. उन्होंने इसको लेकर एक उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि हरियाणा के एक ग्रामीण कॉलेज की छात्रा ने AI का यूज करके एक "दादी-दादा बॉट" बनाया, जो युवाओं को कहानियां सुनाता था. उन्होंने साफ कहा कि AI एक कैनवास और ब्रश की तरह है, लेकिन उसमें असली रंग और सोच इंसान की होती है. हालांकि, इसके इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि जीवन का उद्देश्य और ह्यूमन एक्सपीरियंस सबसे जरूरी हैं. लोगों को AI को सिर्फ एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए.
AI को लेकर फैल रहे डर पर भी इस दौरान बात की गई. पर्सनल AI एजेंट्स (जैसे Grok, Muse) लोगों के काम तो कर रहे हैं, लेकिन डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी को लेकर बड़ा डर बना हुआ है. लेकिन, गायत्री अग्रवाल ने कहा कि सही और गलत का चुनाव करने का विवेक और AI के साथ प्रक्रियाओं को रीमैप करना करना जरूरी है. सम्यक चक्रवर्ती के अनुसार, खुद को जानना और अपने जीवन के उद्देश्यों को समझना ज्यादा जरूरी है. ईशान शर्मा ने कहा कि एक चीज जो मनुष्य को अलग बनाती है वह है जिम्मेदारी. उन्होंने कहा कि AI गलतियां कर सकता है लेकिन जिम्मेदारी इंसान ही ले सकता है.
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