AI का इस्तेमाल हर फील्ड में काफी तेजी से हो रहा है. अब एक हैरतअंगेज दावा किया गया है. एक AI एजेंट ने चूहे की ब्रेन सर्जरी (दिमाग का ऑपरेशन) की है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि किसी ने भी इस एजेंट को ये नहीं बताया कि कौन सा इलाज अपनाना है या दिमाग के किस हिस्से का ऑपरेशन करना है. रिसर्चर Gabriel Ocana-Santero ने इसको लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर डिटेल में जानकारी पेश की है.
इस AI एजेंट को एक स्प्रेडशीट में 18 जीन थेरेपी ऑप्शन्स दिए. इसको मिर्गी (epilepsy) की बीमारी से पीड़ित एक चूहा दिया और केवल एक टारगेट तय करके दिया. चूहे के दौरों (seizures) को कम करना. इसके बाद जो हुआ, उसने मेडिकल साइंस की दुनिया को हैरान कर दिया. एजेंट ने एक ऐसा ट्रीटमेंट चुना जो दिमाग के शांत रहने वाले न्यूरॉन्स में GABA (दिमाग का मुख्य शांत रहने वाला सिग्नल) को बढ़ाता है.
इसने दिमाग के लैटरल एंटोरहिनल कॉर्टेक्स को चुना. ये वही हिस्सा है जहां से इस तरह के मिर्गी के दौरों की शुरुआत होती है, और फिर ये पूरे दिमाग में फैलते हैं. इसने मिर्गी के इलाज के पुराने और स्टैंडर्ड टारगेट को रिजेक्ट कर दिया, क्योंकि इसकी रिसर्च में सामने आया कि ये इस खास तरह के दौरे पर काम नहीं करता है. एजेंट ने खुद तीन रिसर्च पेपर्स को पढ़कर इंजेक्शन लगाने की बिल्कुल सही जगह का पता लगाया. खुद चलाई सर्जिकल मशीन: इसके बाद इसने खुद मोटराइज्ड सर्जिकल रिग (मशीन) को ऑपरेट किया. इसने 5 मिनट के अंदर दिमाग में 250 नैनोलीटर दवा इंजेक्ट की. इस दौरान वो कैमरे पर लगातार नजर बनाए हुए था कि कहीं कोई ब्लीडिंग (खून बहना) न हो जाए.
An AI just performed a critical part of brain surgery on a living mouse. And the craziest part might be what happened when a human tried to overrule it. Researchers gave the AI 19 possible gene therapies and one goal: reduce epileptic seizures in a mouse. It studied the options, chose a treatment, figured out exactly where in the brain to inject it, and operated a robotic needle to deliver the dose. A human surgeon opened the skull, while a veterinarian approved every critical step and held an emergency kill switch. Then things got REALLY interesting. The AI detected a positioning problem and refused to move the needle. The researcher tried again. The AI refused AGAIN. Turns out, the machine was right. There was an actual equipment problem. The mouse recovered well, although researchers don't yet know whether the treatment reduced its seizures. Think about where we are now. An AI chose an experimental treatment, delivered it into a living brain, and then stood its ground when a human tried to push past a safety warning. We've gone from AI answering medical questions to AI making experimental treatment decisions and physically carrying them out. And we're only getting started. Source: @OcanaSantero / Writer: Julie
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) October 30, 2026
सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम
चूंकि यह एक बेहद संवेदनशील प्रयोग था, इसलिए एक लाइसेंस प्राप्त वेटरनरी डॉक्टर (पशु चिकित्सक) ने हर एक इरिवर्सिबल (जिसे बदला न जा सके) कदम को अपनी मंजूरी दी. डॉक्टर के हाथ में पूरी सर्जरी के दौरान एक फिजिकल किल-स्विच (एमरजेंसी स्टॉप बटन) भी था ताकि कुछ गलत होने पर मशीन को तुरंत बंद किया जा सके. सर्जरी के बीच में ही AI एजेंट ने आगे बढ़ने से मना कर दिया. दरअसल, उसने एक कैलिब्रेशन फाल्ट (मशीन की खराबी) को पकड़ लिया था. उसने अपने क्रिएटर (बनाने वाले) को भी इस खराबी को नजरअंदाज करने की इजाजत नहीं दी, भले ही उस समय जानवर एनेस्थीसिया के असर में था.
दूसरे मॉडल्स ने काम करने से कर दिया था मना
आपको बता दें कि इस काम को शुरू करने से पहले दो अन्य Claude मॉडल्स ने इसे करने से मना कर दिया था. Opus 5.5 ने जैसे ही इस प्रोजेक्ट में बायोलॉजी का पता लगाया, तुरंत काम करने से इनकार कर दिया. Opus 5 ने प्रैक्टिस रन तो पूरा किया, लेकिन लाइव सर्जरी से ठीक पहले पीछे हट गया. उसका तर्क था कि दिमाग में सुई होने के दौरान अगर बीच में ही उसका कनेक्शन कट गया, तो चूहे की जान को खतरा हो सकता है. आखिरकार, Sonnet 5 ने इस लाइव सर्जरी को शुरू से अंत तक सफलतापूर्वक पूरा किया.
मिला कोई रिजल्ट?
ऑपरेशन के बाद चूहा पूरी तरह से रिकवर (ठीक) हो चुका है. हालांकि, यहां ईमानदारी से ये नोट करना जरूरी है कि इस थ्रेड या रिपोर्ट में अभी तक मिर्गी के दौरों में किसी कमी को दर्ज नहीं किया गया है. इस प्रयोग का अंतिम रिजल्ट आना अभी बाकी है.
यह भी पढ़ें | Apple का सबसे पतले फोन, होगा ज्यादा दमदार.. iPhone Air 2 की डिटेल्स लीक!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं