सांकेतिक तस्वीर
नई दिल्ली:
दो बार के ओलिंपियन संजीव राजपूत ने नई दिल्ली में एशियाई ओलिंपिक क्वालीफाइंग प्रतियोगिता में पुरुष 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में चौथे स्थान पर रहते हुए आगामी रियो ओलिंपिक खेलों के लिए निशानेबाजी में भारत को 12वां कोटा दिलाया।
इस 35 वर्षीय निशानेबाज के प्रयास की बदौलत भारत ब्राजील के शहर रियो में अगस्त में होने वाले खेलों के महाकुंभ में अब तक के सर्वाधिक 12 निशानेबाज भेजेगा। भारत ने चार साल पहले लंदन ओलिंपिक में निशानेबाजी में 11 सदस्यीय टीम भेजी थी।
भारत ने तीन दिन बाद कोई कोटा हासिल किया है। उसे पिछला कोटा प्रतियोगिता के चौथे दिन मिला था। सिर्फ तीन दिन पहले राजूपत की बंदूक की बैरल टूट गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 249.5 अंक के साथ देश के लिए एक और कोटा हासिल किया।
राजपूत ने 1163 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। इस स्पर्धा में तीन कोटा स्थान उपलब्ध थे और बाकी दो कोटा कजाखस्तान के विताली डोवगन और थाईलैंड के 20 साल के नापिस तोतरुंगपानिच के नाम रहे।
भारत हालांकि पुरूष स्कीट में कोटा हासिल नहीं कर पाया, जिसमें अंगद वीर सिंह बाजवा क्वालीफाइंग राउंड में 118 अंक के साथ आठवें स्थान पर रहे। शीर्ष छह निशानेबाजों ने स्कीट स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई।
राजपूत को नौकरी का इंतजार
स्टार निशानेबाज संजीव राजपूत ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भले ही देश का नाम रोशन किया हो, लेकिन वह अब भी हरियाणा सरकार से नौकरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय नौसेना से 2014 में पदमुक्त होने के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें नौकरी देने का वादा किया था।
हरियाणा के जगाधरी के रहने वाले 35 वर्षीय राजपूत 18 साल की उम्र में नौसेना में चले गए थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते, जिसमें 2011 में चीन के चांगवान में आईएसएसएफ विश्व कप में गोल्ड मेडल भी शामिल है। राजपूत को उम्मीद थी कि उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें कम से कम डीएसपी पद दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, 'जब मैंने 2014 में नौसेना छोड़ी तो मुझे हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर का पद देने का आश्वासन दिया गया था। मुझे नियुक्ति पत्र दिया गया। मैं पद भार ग्रहण करने भी गया, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद स्थगन आदेश जारी किया गया है।'
राजपूत ने मंगलवार को विपरीत परिस्थितियों में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में चौथा स्थान हासिल करके रियो ओलिंपिक खेलों के लिये कोटा हासिल किया। उन्होंने कहा, 'मुझ पर दबाव था और यह प्रतियोगिता का आखिरी दिन था। तीन दिन पहले बैरल टूटने और 2015 की खराब फार्म को देखते हुए परिणाम मेरे लिए संतोषजनक है।'
इस 35 वर्षीय निशानेबाज के प्रयास की बदौलत भारत ब्राजील के शहर रियो में अगस्त में होने वाले खेलों के महाकुंभ में अब तक के सर्वाधिक 12 निशानेबाज भेजेगा। भारत ने चार साल पहले लंदन ओलिंपिक में निशानेबाजी में 11 सदस्यीय टीम भेजी थी।
भारत ने तीन दिन बाद कोई कोटा हासिल किया है। उसे पिछला कोटा प्रतियोगिता के चौथे दिन मिला था। सिर्फ तीन दिन पहले राजूपत की बंदूक की बैरल टूट गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 249.5 अंक के साथ देश के लिए एक और कोटा हासिल किया।
राजपूत ने 1163 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। इस स्पर्धा में तीन कोटा स्थान उपलब्ध थे और बाकी दो कोटा कजाखस्तान के विताली डोवगन और थाईलैंड के 20 साल के नापिस तोतरुंगपानिच के नाम रहे।
भारत हालांकि पुरूष स्कीट में कोटा हासिल नहीं कर पाया, जिसमें अंगद वीर सिंह बाजवा क्वालीफाइंग राउंड में 118 अंक के साथ आठवें स्थान पर रहे। शीर्ष छह निशानेबाजों ने स्कीट स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई।
राजपूत को नौकरी का इंतजार
स्टार निशानेबाज संजीव राजपूत ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भले ही देश का नाम रोशन किया हो, लेकिन वह अब भी हरियाणा सरकार से नौकरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय नौसेना से 2014 में पदमुक्त होने के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें नौकरी देने का वादा किया था।
हरियाणा के जगाधरी के रहने वाले 35 वर्षीय राजपूत 18 साल की उम्र में नौसेना में चले गए थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते, जिसमें 2011 में चीन के चांगवान में आईएसएसएफ विश्व कप में गोल्ड मेडल भी शामिल है। राजपूत को उम्मीद थी कि उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें कम से कम डीएसपी पद दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, 'जब मैंने 2014 में नौसेना छोड़ी तो मुझे हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर का पद देने का आश्वासन दिया गया था। मुझे नियुक्ति पत्र दिया गया। मैं पद भार ग्रहण करने भी गया, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद स्थगन आदेश जारी किया गया है।'
राजपूत ने मंगलवार को विपरीत परिस्थितियों में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में चौथा स्थान हासिल करके रियो ओलिंपिक खेलों के लिये कोटा हासिल किया। उन्होंने कहा, 'मुझ पर दबाव था और यह प्रतियोगिता का आखिरी दिन था। तीन दिन पहले बैरल टूटने और 2015 की खराब फार्म को देखते हुए परिणाम मेरे लिए संतोषजनक है।'
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