महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में भारी कर्ज और गहराते आर्थिक संकट से परेशान होकर एक परिवार ने सामूहिक आत्महत्या कर ली. ये परिवार पढ़ा-लिखा शिक्षित परिवार था. लेकिन कर्ज के दलदल ने जीने की उम्मीद ही छीन ली थी. मोरवाडी स्थित करिश्मा ग्लोरी सोसायटी में रहने वाले परिवार ने जहरीली गैस का धुआं फैलाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली. इस घटना में 50 साल के विनोद पिल्लै, उनकी 45 वर्षीय पत्नी सिरजा पिल्लै और 19 वर्षीय बेटी पूर्णिमा पिल्लै की मौत हो गई.
कैसे हुआ हादसे का खुलासा?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब सिरजा पिल्लै अपने स्कूल काम पर नहीं पहुंचीं. लगातार अनुपस्थित रहने और फोन का कोई जवाब न मिलने पर उनके सहकर्मियों को चिंता हुई. इसके बाद सहकर्मियों ने मामले की जानकारी उनके रिश्तेदारों को दी.
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जब रिश्तेदार और पुलिस मौके पर पहुंचे, तो घर के अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए. घर के अंदर तीनों सदस्य बेहोश और गंभीर हालत में पड़े थे.
इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना की जानकारी मिलते ही संत तुकाराम नगर पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत तीनों को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की. हालांकि, विनोद पिल्लै की इलाज शुरू होने से पहले ही मौत हो चुकी थी.
उनकी पत्नी सिरजा और 19 साल की बेटी पूर्णिमा को तुरंत YCM अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया. डॉक्टर उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश करते रहे, लेकिन जहरीले धुएं का असर इतना ज्यादा था कि इलाज के दौरान दोनों ने भी दम तोड़ दिया.
बेहद पढ़ा-लिखा था परिवार, पर कर्ज ने तोड़ दी कमर
पूरा परिवार काफी उच्च शिक्षित और प्रतिष्ठित था. विनोद पिल्लै देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएम अहमदाबाद से कंप्यूटर साइंस में पासआउट थे. सिरजा पिल्लै एक नामी और प्रतिष्ठित स्कूल में कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थीं. पूर्णिमा पिल्लै उनकी इकलौती बेटी थीं.
बाहर से खुशहाल दिखने वाला यह परिवार अंदर ही अंदर भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था. आर्थिक तंगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कर्ज चुकाने और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए उन्होंने तीन साल पहले नेहरूनगर स्थित अपना खुद का घर बेच दिया था. इसके बाद से वे मोरवाडी इलाके में किराए के मकान में रहने को मजबूर थे.
ऑनलाइन मंगाया रसायन, कमरे में फैलाया जहरीला धुआं
संत तुकाराम नगर पुलिस की शुरुआती जांच और सबूतों से पता चला है कि आत्महत्या की यह योजना पहले से बनाई गई थी. पुलिस के अनुसार, विनोद ने 1 जून को ऑनलाइन माध्यम से एक जहरीला रसायन मंगवाया था. घटना के दिन कोयले को जलाकर उस पर रसायन डाला गया. इससे कमरे में जहरीला धुआं फैल गया. कमरा बंद होने के कारण धुएं की वजह से तीनों का दम घुट गया.
'हमारी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं'
पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला है, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. आईआईएम पासआउट विनोद पिल्लै ने अपने हाथ से लिखे इस पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि वे पारिवारिक आर्थिक तंगी और लगातार बढ़ते कर्ज से तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठा रहे हैं.
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