एशियन गेम्स 2026 में पिछले हफ़्ते भारतीय रोइंग टीम ने एक कांस्य पदक जीता तो किसी तरह भारतीय टीम की साख बची. भारत के रोअर्स सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुषों के डबल स्कल्स इवेंट में कांस्य पदक जीत लिया. जबकि, पुरुषों के सिंगल स्कल्स में बलराज पंवार पदक से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे. भारतीय खेल मंत्रालय एशियाड में नाकाम खेल संघों के साथ बैठक कर हार-जीत की समीक्षा करने वाला है. खेल मंत्रालय का रुख़ कड़ा नज़र आ रहा है.
हैदराबाद के हुसैन सागर लेक में 2 दशक से ज़्यादा वक्त से भारतीय रोअर्स को अभ्यास करवा रहे कोच इस्माइल बेग इस बार एशियाड टीम का हिस्सा नहीं थे. एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बात करते हुए वो भारतीय रोइंग के फेल होने की वजहों को बताते वक्त अधिकारियों को आड़े हाथों ले रहे हैं.
‘आख़िरी वक्त में टीम में फेरबदल नहीं कर सकते'
NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए कोच इस्माइल बेग कहते हैं,"भारतीय रोइंग से हमेसा से पदकों की उम्मीद रहती रही है. 2006 से लेकर अबतक हरबार रोअर्स 4-5 मेडल लाते ही हैं. कई वजहों से टीम की हार-जीत होती है. लेकिन मेरे ख़्याल से आख़िरी वक्त में जो टीम में शफ़लिंग (फेरबदल) की गई, वो हार की बड़ी वजह रही."
NDTV से कोच इस्माइल बेग ये भी कहते हैं,"हम किसी खिलाड़ी को डबलिंग नहीं करवा रहे थे. तो ये हमारे लिए फ़ायदे की बात हो सकती थी. इसलिए शफ़लिंग की ज़रूरत नहीं थी." इस्माइल बेग ने आगे कहा,"एशियाड में हमारे प्रदर्शन की ज़रूर समीक्षा होनी चाहिए. हम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे. लेकिन अब हमारी टीम पीछे चली गई है. यहां से आगे आने के लिए फिर से कड़ी मेहनत करनी होगी."
जापान में एथलीटों ने की बगावत
नतीजे से अलग भी भारतीय रोइंग का एशियाड 2026 में सफ़र दिल दहलानेवाला है. प्रतियोगिता शुरू होने से ठीक पहले आइची-नागोया से ख़बर आई कि खिलाड़ियों ने टीम मैनेजमेंट के ख़िलाफ़ बगावत कर दी है और इवेंट के लिए पानी में नहीं उतरने की बात करने लगे.
मुकाबले से ठीक पहले कई एथलीटों ने आरोप लगाया कि फेडरेशन के अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी है. रोअर्स के दावों के मुताबिक उनसे कहा गया कि या तो वे निर्देशों का पालन करें या घर लौटने का टिकट स्वीकार कर लें. इस घटनाक्रम ने कैंप के भीतर तनाव बढ़ा दिया.
रोअर्स ने क्यों की बगावत?
दरअसल रोइंग की प्रतियोगिता पहले तय कार्यक्रम के मुताबिक चार दिनों की होनी थी. लेकिन ‘दुजुआन' तूफ़ान की वजह से चार दिनों की प्रतियोगिता को दो दिनों में कर दिया गया. जापान के अधिकारियों ने मैनेजर्स मीटिंग में एशिया की सभी क़रीब 20 टीमों से कहा कि वो उन्हें फिर से टीमों की एंट्री लिस्ट दे. भारतीय टीम के खिलाड़ियों के नाम में भी फेरबदल किये गये. लेकिन इसे लेकर खिलाड़ी भड़क गए और उन्होंने ट्रेनिंग में जाने से मना कर दिया.
रोइंग हुआ एशियाड में फेल
एथलेटिक्स, क्रिकेट, शूटिंग, हॉकी और कबड्डी के बाद एशियाड 2026 में सबसे बड़ी टीम रोइंग की टीम जापान गई थी. लेकिन भारतीय रोअर्स एशियाड से सिर्फ़ 1 कांस्य जीतकर लौट सके.
1982 से लेकर अबतक भारतीय रोअर्स ने 2 गोल्ड समेत कुल 28 पदक जीते हैं- 2 गोल्ड, 7 सिल्वर, 19 ब्रॉन्ज़. 2006 एशियाड से लेकर अबतक के एशियाड में भारतीय रोइंग टीम का ये सबसे ख़राब प्रदर्शन है जिसे लेकर रोइंग के फ़ैन्स से लेकर एक्सपर्ट सभी फ़िक्रमंद हो गए हैं.
एशियाड में भारतीय रोअर्स का प्रदर्शन
- 1982 नई दिल्ली- 1 मेडल- ब्रॉन्ज़
- 2006 दोहा- 3 मेडल- 2 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज़
- 2010 गुआंगझोऊ – बेस्ट प्रदर्शन- 5 मेडल- 1 गोल्ड, 3 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज़-
- 2014 इंचियन- 3 मेडल- 3 ब्रॉन्ज़
- 2018 जकार्ता-पलेमबांग- 1 मेडल- गोल्ड
- 2022 हांगझोऊ: - 2 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज़- 5 मेडल
- 2026 आइची-नागोया- 1 मेडल- ब्रॉन्ज़
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