विज्ञापन

नंगे पांव पहाड़ियों पर दौड़ी, 12 साल में पिता को खोया, अब एशियन गेम्स में मेडल जीतकर सीमा ने रच दिया इतिहास

सीमा को पहली सफलता साल 2017 में मिली. 2017-18 के दौरान बैंकॉक में आयोजित किए गए एशियाई अंडर 18 चैंपियनशिप में उन्होंने 3000 मीटर दौड़ में 10:05.27 समय के साथ बॉन्ज मेडल अपने नाम किया. जिसके बाद हर किसी के जुबां पर उनका नाम आ गया.

नंगे पांव पहाड़ियों पर दौड़ी, 12 साल में पिता को खोया, अब एशियन गेम्स में मेडल जीतकर सीमा ने रच दिया इतिहास
सीमा कुमारी

देश की जुझारू महिला एथलीट सीमा कुमारी ने कमाल कर दिया है. उन्होंने महिलाओं की 10,000 मीटर रेस इवेंट में 32:41.54 सेकंड का समय निकालते हुए ब्रॉन्ज मेडल लेकर इतिहास रच दिया है. जिसके बाद उनकी चारों तरफ सराहना हो रही है. एशियन गेम्स के इतिहास में उनका यह पहला मेडल भी है. जिसके बाद उनकी और चर्चा हो रही है. सीमा को यह कामयाबी रातों रात हासिल नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे सालों की मेहनत है. इस दौरान उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा है. उन्होंने हिमाचल की पहाड़ियों पर नंगे पांव दौड़ लगाई है. तब जाकर उनका नाम आज हर किसी की जुबान पर है.

12 साल की उम्र में ही सिर से उठ गया था पिता का साया 

आपको जानकारी काफी दुख होगा कि सीमा जब केवल 12 साल की थीं. उसी दौरान उनके सिर से पिता का हाथ उठ गया था. जिससे उनका बचपन आम बच्चों की तरह नहीं बल्कि काफी दुख और संघर्षों में बीता. पिता के जाने के बाद सीमा को काफी कम उम्र में ही परिवार का हाथ बटाना पड़ा. पेट पालने के लिए उन्होंने काफी कम उम्र में ही खेती-बाड़ी और मवेशी चराने का काम शुरू कर दिया था. 

2001 में हुआ था जन्म 

सीमा कुमारी का जन्म 10 जनवरी साल 2001 में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुआ था. गरीबी इतनी ज्यादा थी कि शुरुआती दौर में दौड़ने के लिए उनके पास जुते तक नहीं थे. मगर फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और नंगे पैर ही पगडंडियों पर दौड़ना शुरू कर दिया. 

सीमा को मिला मां का साथ 

जहां खाने के लाले हों. वहां आदमी सपनों के बारे में कहां सोचता है. मगर यहां सीमा की मां ने उनका साथ दिया. खराब स्थिति के बावजूद उनकी मां ने उनका भरपूर साथ दिया. जब सीमा को इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर मिला तो उन्होंने जीवन भर की अपनी सारी जमा पूंजी उनके ऊपर न्योछावर कर दी.  

2017 में सीमा को मिली पहली सफलता 

सीमा को पहली सफलता साल 2017 में मिली. 2017-18 के दौरान बैंकॉक में आयोजित किए गए एशियाई अंडर 18 चैंपियनशिप में उन्होंने 3000 मीटर दौड़ में 10:05.27 समय के साथ बॉन्ज मेडल अपने नाम किया. जिसके हर किसी के जुबां पर उनका नाम आ गया.

वह यहीं नहीं रुकी. इसके पश्चात उन्होंने नासाउ कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में नौवां और गिफू में एशियन जूनियर चैंपियनशिप में पांचवां स्थान हासिल किया. ब्यूनस आयर्स यूथ ओलंपिक में भी वह भाग लेने में कामयाब रहीं. 

सीमा को पहली बार गोल्ड का स्वाद अक्टूबर 2024 में मिला. उन्होंने हॉन्गकॉन्ग में आयोजित एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में 37:20 का समय निकालकर गोल्ड पर कब्जा जमाया था. 

सीमा कुमारी के बारे में खास बातें

- 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ उनकी प्रमुख स्पर्धाएं हैं.
- 2024 एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में सीनियर महिला वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था.
- 2025 FISU वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में 5,000 मीटर में रजत पदक हासिल किया.
- 2026 राष्ट्रीय अंतर-राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10,000 मीटर का स्वर्ण पदक जीता.

यह भी पढ़ें- मीराबाई का इतिहास, मनु के आंसू, वैभव पर मचा घमासान, खेल जगत में दिनभर छाई रहीं ये 10 बड़ी खबरें

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sports News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com