भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर लौटी हैं. असम के गोलाघाट जिले के बरपाथर-बारामुखिया की रहने वाली लवलीना ने NDTV से खास बातचीत में बताया कि यह उनके करियर के सबसे यादगार और सुकून देने वाले पलों में से एक है. उन्होंने बताया कि ओलंपिक ब्रॉन्ज और पिछले एशियन गेम्स के सिल्वर के बाद इस बार गोल्ड जीतना उनके लिए एक सपना पूरा होने जैसा है. लवलीना बोरगोहेन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, 'एशियन गेम्स में जाना और देश के लिए राष्ट्रगान बजवाना मेरे लिए गर्व की बात है.'
सेमीफाइनल से भी ज्यादा मुश्किल था क्वार्टर फाइनल
लवलीना ने खुलासा किया कि उनके लिए सबसे कठिन मुकाबला सेमीफाइनल नहीं बल्कि क्वार्टर फाइनल था. उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट में खिलाड़ी का पहला लक्ष्य पदक सुनिश्चित करना होता है, इसलिए क्वार्टर फाइनल का दबाव सबसे ज्यादा था. उनके मुताबिक इसके बाद सभी प्रतिद्वंद्वी बेहद मजबूत थीं. सेमीफाइनल मुकाबला 3-2 के फैसले से समाप्त हुआ और काफी कड़ा रहा, लेकिन उन्होंने अपनी रणनीति और मानसिक तैयारी पर भरोसा रखा, जिसका फायदा उन्हें अंत में मिला.
एशियन गेम्स का गोल्ड ओलंपिक जितना खास
लवलीना ने कहा कि भारत में ओलंपिक के बाद एशियन गेम्स को सबसे बड़ा मंच माना जाता है. ऐसे में एशियन गेम्स गोल्ड उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि पिछले एशियाई खेलों में उन्हें सिल्वर मिला था, लेकिन इस बार वह उसका रंग बदलने में सफल रहीं. 'पिछली बार सिल्वर था, इस बार उसका रंग बदलकर गोल्ड कर पाई. यही खुशी मेरे लिए सबसे बड़ी है.'
'LA 2028 में बॉक्सर जीतेंगे मेडल'
एशियन गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए लवलीना को भरोसा है कि लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में भारत पहले से बेहतर प्रदर्शन करेगा. उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी लगातार आगे बढ़ रही है. कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में मिले अच्छे परिणाम खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं. 'अगर इसी तरह प्रदर्शन जारी रहा तो हम LA ओलंपिक में और ज्यादा पदक और गोल्ड जीत सकते हैं.'
अपने जीवन के सफर पर बात करते हुए लवलीना भावुक नजर आईं. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 15 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी तब हालात काफी अलग थे. उन्होंने कहा कि अब उनके नाम पर सड़क है, स्टेडियम बन रहा है और लोगों की सोच में भी बड़ा बदलाव आया है. 'जहां कभी सड़क भी नहीं थी, वहां अब विकास दिखता है. पहले लोग बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीतने की कल्पना भी नहीं करते थे, लेकिन अब हम यह करके दिखा रहे हैं.'
'ओलंपिक 2024 के बाद मैं बॉक्सिंग छोड़ना चाहती थी
इंटरव्यू का सबसे भावुक पल तब आया जब लवलीना ने बताया कि पेरिस ओलंपिक के बाद ऐसा समय भी आया था जब उन्होंने बॉक्सिंग छोड़ने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था. उन्होंने कहा कि हार ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और उसी अनुभव ने उनका नजरिया बदल दिया. 'मैं बॉक्सिंग छोड़ने वाली थी. लेकिन फिर मैंने वापसी की, अपने खेल को फिर से जीना शुरू किया और अब बिना किसी दबाव के सिर्फ बॉक्सिंग का आनंद लेना चाहती हूं.' उनका कहना था कि अब उनका लक्ष्य किसी को जवाब देना या खुद को साबित करना नहीं है, बल्कि हर पल को जीना है.
जुबिन का गाना भी गुनगुनाया
बातचीत के दौरान लवलीना ने लोकप्रिय गायक जुबिन का एक गीत भी गुनगुनाया. लवलीना ने कहा कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य लॉस एंजेलिस ओलंपिक है. फिलहाल उनका पूरा ध्यान क्वालिफिकेशन पर है. उन्होंने कहा कि वह लगातार मेहनत करना चाहती हैं, अपने प्रदेश और देश का नाम रोशन करना चाहती हैं और आने वाले वर्षों में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करना चाहती हैं. 'मेरा सपना है कि मैं आगे भी अच्छा प्रदर्शन करूं और ओलंपिक में भारत के लिए बड़ी सफलता हासिल करूं.'
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