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'गोल्फ ने मुझे मुश्किल दौर से निकाला,' NDTV Golf Pro-Am के मंच से लिएंडर पेस का खुलासा

लिएंडर पेस ने खुलासा किया कि टेनिस से संन्यास के बाद गोल्फ ने उन्हें नया मकसद और सुकून दिया. उन्होंने बताया कि माता-पिता की देखभाल के दौरान जीवन के मुश्किल दौर में गोल्फ कोर्स उनकी शांति और ताकत का सबसे बड़ा सहारा बना.

'गोल्फ ने मुझे मुश्किल दौर से निकाला,' NDTV Golf Pro-Am के मंच से लिएंडर पेस का खुलासा
NDTV- AM Green IGPL गोल्फ प्रो-एम के नए सीजन के लॉन्च इवेंट में लिएंडर पेस
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18 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन लिएंडर पेस ने NDTV- AM Green IGPL गोल्फ प्रो-एम के नए सीजन के लॉन्च इवेंट में गोल्फ के प्रति अपने लगाव के बारे में खुलकर बात की. पेस ने बताया कि कैसे टेनिस से रिटायर होने के बाद गोल्फ ने उन्हें खेल के प्रति अपना जुनून फिर से खोजने में मदद की और जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर में उन्हें सुकून की एक वजह दी. 53 साल के पेस, जिन्होंने आठ मेन्स डबल्स और 10 मिक्स्ड डबल्स ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, ने बताया कि कैसे टेनिस से रिटायर होने के बाद गोल्फ़ उनके लिए दूसरे खेल को अपनाने का जरिया बना.

'क्रिएटिविटी को निखारने का एक बेहतरीन जरिया'

लिएंडर पेस ने कहा, 'मुझे लगता है कि ज़्यादातर एथलीट जब अपने पहले खेल से रिटायर होते हैं, तो वे किसी दूसरे खेल की तलाश में होते हैं. गोल्फ कॉम्पिटिशन और दोस्ती पाने और साथ ही अपनी क्रिएटिविटी को निखारने का एक बेहतरीन जरिया है. मैं गोल्फ इसलिए खेलता हूं क्योंकि यह मुझे मेरे बिज़नेस और काम से दूर सुकून देता है. मैंने गोल्फ तब खेलना शुरू किया जब मैं अपने माता-पिता की देखभाल कर रहा था. जब मैं वापस कोलकाता आया, तो मैं पापा और मां की देखभाल कर रहा था, और गोल्फ कोर्स ने मुझे शांति का एहसास कराया जिससे मैं उन मुश्किल समय से उबर पाया.'

गोल्फ और टेनिस के बीच बताईं समानताएं

पेस ने गोल्फ और टेनिस के बीच समानताएं भी बताईं, लेकिन ज़ोर देकर कहा कि गोल्फ़ में एक ऐसी आज़ादी मिलती है जो टेनिस में नहीं मिलती, क्योंकि गोल्फ़ ज़्यादातर खुले मैदान में खेला जाता है. उन्होंने कहा, 'गोल्फ टेनिस की तरह ही एक इंडिविजुअल गेम है. गोल्फ में आपके साथ एक कैडी तो होता है, लेकिन आम तौर पर आपको अपने शॉट्स के बारे में खुद ही सोचना पड़ता है, और मुझे गोल्फ की क्रिएटिविटी बहुत पसंद है. चाहे आप बॉल को बाएं से दाएं घुमाएं या दाएं से बाएं, मुझ जैसे व्यक्ति के लिए जिसने बहुत देर से गोल्फ सीखा, आप कई ऊंचे शॉट्स खेल सकते हैं. गोल्फ़ कोर्स में कोई छत तो होती नहीं है, है ना?'

उन्होंने आगे बताया कि गोल्फ खिलाड़ियों को शॉट्स खेलने के तरीके और उन्हें अंजाम देने में टेनिस के मुकाबले कहीं ज़्यादा आज़ादी देता है, जबकि टेनिस में शॉट खेलने पर शारीरिक सीमाएं होती हैं. 'टेनिस में, जब आप इनडोर खेलते हैं, तो ऊपर छत होती है, इसलिए आप गेंद को जितनी चाहें उतनी ऊंचाई पर नहीं मार सकते. लेकिन गोल्फ़ में, मैं गेंद की ऊंचाई (यानी उसके रास्ते के सबसे ऊंचे बिंदु) से ही अपनी दूरी तय करता हूं. हां, गोल्फ़ में बहुत सी उलझनें भी होती हैं, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले सामान - जैसे ग्रिप, ग्रिप का साइज़, शाफ़्ट, शाफ़्ट की सख्ती, शाफ़्ट की लंबाई, लाइ और लॉफ़्ट - का बहुत महत्व होता है. इसमें बहुत सारी बारीकियां होती हैं.'

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