जापान के आइची-नागोया में 2026 एशियाई गेम्स का आधिकारिक तौर पर समापन हो गया है. इन खेलों ने खेल प्रेमियों को रोमांचक मुकाबले भी दी. भले ही चीन सबसे आगे रहा और भारत 85 मेडल के साथ चौथे नंबर पर रहा, इन देशों के अलावा एशियन गेम्स में एक ऐसा भी देश रहा जिसने 70 मेडल जीतकर एशियन गेम्स का सबसे बड़ा सरप्राइज बनने का गौरव हासिल किया. उज्बेकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 गोल्ड, 25 सिल्वर और 24 ब्रॉन्ज़ मेडल साहित कुल 70 मेडल जीते.
उज्बेक एथलीटों ने कई खेलों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और एशिया के पारंपरिक खेल दिग्गजों को लगातार कड़ी टक्कर दी. उनके शानदार मेडल प्रदर्शन ने उन्हें खेलों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल किया और इंटरनेशनल खेलों में देश की तेजी से हो रही तरक्की को उजागर भी किया. कॉम्बैट स्पोर्ट्स, एथलेटिक्स और कई अन्य इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन करके उज्बेकिस्तान ने साबित कर दिया कि वह अब सिर्फ एक उभरता हुआ दावेदार नहीं, बल्कि एशियाई गेम्स में एक मजबूत ताकत बनता जा रहा है. उनकी यह जबरदस्त कामयाबी एशियाई गेम्स 2026 की सबसे खास कहानियों में से एक रही और उज़बेक खेलों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का संकेत देती है
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ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर छाया उजबेकिस्तान, एशियन गेम्स का सबसे बड़ा सरप्राइज
इस बार उज्बेकिस्तान के एथलीटों ने 19 खेलों में मेडल जीते, जिनमें से 13 में गोल्ड मेडल हासिल किए. गोल्ड मेडल की संख्या में कुराश का सबसे बड़ा योगदान रहा, इसमें चार जीत और दो ब्रॉन्ज मेडल मिले, जो हांगझोऊ के नतीजों जैसे ही थे. एथलेटिक्स में तीन गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल मिला.
बॉक्सरों, जूडो खिलाड़ियों और कैनोइंग करने वालों एथलीटों ने दो-दो गोल्ड मेडल जीते. उज्बेकिस्तान की बॉक्सिंग टीम ने सात मेडल जीते, दो गोल्ड, एक सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे, जूडो एथलीटों ने भी 7 मेडल जीते, जिनमें दो गोल्ड, दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज शामिल रहे थे. रोइंग की दो कैटेगरी में सबसे ज्यादा मेडल मिले, कैनो और कयाक रोइंग से 9 मेडल मिले, दो गोल्ड, छह सिल्वर और एक ब्रॉन्ज. रोइंग से भी 9 मेडल मिले, जिनमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और दो ब्रॉन्ज शामिल थे.
रेसलिंग, ताइक्वांडो, कराटे, आर्टिस्टिक और रिदमिक जिम्नास्टिक्स, शूटिंग और वेटलिफ्टिंग में हर एक में एक-एक गोल्ड मेडल मिला. रेसलरों ने तीन सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल भी जीता. ताइक्वांडो टीम ने दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम करने में सफलता हासिल की.
बिना गोल्ड मेडल के भी उज्बेकिस्तान ने दूसरे मेडल जीते. फेंसिंग में एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज और वुशु में एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल मिले. ट्रैक साइक्लिंग, टेनिस और ई-स्पोर्ट्स में हर एक में एक-एक ब्रॉन्ज मेडल मिला.
नतीजे लगभग हांगझोऊ जैसे ही रहे
2022 एशियन गेम्स, जो महामारी के कारण टाल दिए गए थे और 2023 की शरद ऋतु में हांगझोऊ में हुए थे, उनमें उज्बेकिस्तान ने 22 गोल्ड, 18 सिल्वर और 31 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे, यानी कुल 71 मेडल. टीम उन गेम्स में पांचवें स्थान पर रही थी. इस तरह, कुल मेडल की संख्या में एक की कमी आई, जबकि गोल्ड मेडल की संख्या में भी एक की कमी हुई. मेडल का स्ट्रक्चर बदल गया. सात सिल्वर मेडल ज्यादा और 7 ब्रॉन्ज मेडल कम मिले. इन खेलों में उज्बेकिस्तान कई खेलों में पहली बार टॉप पर पहुंचा. आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में गोल्ड मेडल मिले, जबकि हांगझू में उज्बेकिस्तान ने इसमें कोई मेडल नहीं जीता था. शूटिंग और वेटलिफ्टिंग में भी गोल्ड मेडल मिले, जबकि 2 साल पहले उज़्बेक एथलीटों ने इनमें सिर्फ सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स और ई-स्पोर्ट्स में भी उज्बेकिस्तानने पहली बार मेडल जीतेय
रोइंग और कैनो-कयाक रोइंग में कुल मेडल की संख्या बढ़ी. हालांकि, रोइंग में गोल्ड मेडल कम मिले. हांगझू में दो के मुकाबले इस बार सिर्फ एक गोल्ड मिला।. बॉक्सर्स ने पिछले खेलों के मुकाबले ज़्यादा मेडल जीते, पांच के मुकाबले सात - लेकिन उनकी जीत की संख्या तीन से घटकर दो हो गई. जूडो और रिदमिक जिम्नास्टिक्स में भी एक-एक गोल्ड मेडल कम मिला। हांगझू में फेंसिंग और ट्रैक साइक्लिंग में एक-एक गोल्ड मेडल जीतने के बाद, इस बार उज़्बेकिस्तान को इनमें कोई गोल्ड नहीं मिला। चेस और फ़ुटबॉल में भी कोई मेडल नहीं मिला, जबकि पिछले खेलों में इन दोनों में कुल मिलाकर पांच मेडल मिले थे.

मध्य एशियाई देशों में सबसे आगे
उज्बेकिस्तान एक बार फिर मेडल टैली में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला मध्य एशियाई देश बना. इस क्षेत्र के देशों की ओऱ से जीते गए 36 गोल्ड मेडल में से 21 और कुल 186 मेडल में से 70 मेडल उज्बेकिस्तान ने जीते, कजाकिस्तान 12 गोल्ड, 24 सिल्वर और 48 ब्रॉन्ज मेडल के साथ आठवें स्थान पर रहा. कुल मेडल की संख्या के मामले में कजाकिस्तान 84 मेडल के साथ उज्बेकिस्तानन से आगे रहा, हालांकि उसके आधे से ज़्यादा मेडल ब्रॉन्ज थे. हांगझू के मुकाबले कजाकिस्तान 11वें से आठवें स्थान पर पहुंचा और दो गोल्ड मेडल और जीते.
ताजिकिस्तान दो गोल्ड, पांच सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल के साथ 22वें स्थान पर रहा. उसके कुल मेडल की संख्या 7 से बढ़कर 16 हो गई, यानी दोगुनी से भी ज्यादा रही. किर्गिस्तान एक गोल्ड, तीन सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज़ मेडल (कुल 14 मेडल) के साथ 26वें स्थान पर रहा. हांगझू खेलों में किर्गिज़ टीम ने चार गोल्ड मेडल जीते थे और 18वें स्थान पर रही थी. तुर्कमेनिस्तान दो सिल्वर मेडल के साथ 31वें स्थान पर रहा। दो साल पहले तुर्कमेन टीम ने सात मेडल जीते थे.
चीन 169 गोल्ड मेडल और कुल 341 मेडल के साथ सबसे ऊपर रहा, इसके बाद मेजबान जापान (83 गोल्ड और 269 मेडल) और रिपब्लिक ऑफ कोरिया (39 गोल्ड और 150 मेडल) का नंबर रहा.
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