एंड्रिया किमी एंटोनेली ने इतिहास रच दिया है. फॉर्मूला-1 वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले वह सबसे युवा ड्राइवर बन गए हैं. एंटोनेली ने महज 20 साल की उम्र में विशेष उपलब्धि हासिल की है. उनका जन्म 25 अगस्त साल 2006 में इटली के बोलोन्या शहर में हुआ था. वह मर्सिडीज फॉर्मूला 1 टीम के लिए ड्राइव करते हैं. एंटोनेली से पहले विशेष उपलब्धि जर्मनी के सेबेस्टियन वेटेल के नाम दर्ज थी. जिन्होंने 23 साल की उम्र में पहला फॉर्मूला-1 खिताब जीता था. मगर एंटोनेली ने इस बार महज 20 साल की उम्र में फॉर्मूला-1 का खिताब जीतते हुए उन्हें पीछे छोड़ दिया है.
वेटेल ने 2010 में हासिल की थी विशेष उपलब्धि
वेटेल ने साल 2010 में रेड बुल के साथ अपनी पहली चैंपियनशिप जीती थी. उस दौरान उनकी उम्र 23 साल और 134 दिन थी. ऑटोड्रोमो हर्मनोस रोड्रिग्ज में हुई 71-लैप की इस रेस में एंटोनेली को अपना पहला एफ-1 खिताब जीतने के लिए केवल नौवें स्थान पर रहने की जरूरत थी. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि उनके प्रतिद्वंद्वी लुईस हैमिल्टन और मर्सिडीज के उनके साथी जॉर्ज रसेल किस स्थान पर रहते.
रिकॉर्ड बनाने के बाद एंटोनेली का बयान
रिकॉर्ड बनाने के बाद एंटोनेली ने कहा, 'हमने कर दिखाया और सच कहूं तो उनके बिना मैं यहां नहीं होता. मर्सिडीज और अपने परिवार के बिना यह मुमकिन नहीं था. मैं इस पल के लिए बहुत आभारी हूं. यह एक ऐसा पल है जो हमेशा याद रहेगा. मेरे पास शब्द नहीं हैं. मैं अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि आखिर हुआ क्या है.'
एंटोनेली को कई चुनौतियों का करना पड़ा सामना
फॉर्मूला-1 की रिपोर्ट के अनुसार, 20 वर्षीय एंटोनेली ने चौथे स्थान से शुरुआत की और अंततः तीसरे स्थान पर रहे. इस रेस के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. वाल्टेरी बोटास के भीषण एक्सीडेंट के कारण रेस के बीच में 'रेड फ्लैग' आया, और बाद में अरविद लिंडब्लाड के क्रैश होने के कारण 'सेफ्टी कार' को मैदान में उतारना पड़ा.
वेरस्टैपेन ने सीजन की तीसरी जीत दर्ज की
वेरस्टैपेन ने इस सीजन की अपनी तीसरी जीत दर्ज की. उन्होंने फेरारी के लुईस हैमिल्टन को 0.799 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा. ग्रिड पर पांचवें स्थान से शुरुआत करने वाले रेड बुल के इस ड्राइवर ने अंत में हैमिल्टन के दबाव का बखूबी सामना किया. उन्हें फेरारी की टीम के भीतर चल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा का भी फायदा मिला.
लैंडो नॉरिस (मैकलारेन) के भारी दबाव को झेलते हुए लेक्लेर चौथे स्थान पर रहे. उनके पीछे जॉर्ज रसेल (मर्सिडीज) और पिट लेन से रेस में उतरे लियाम लॉसन (रेसिंग बुल्स) रहे. गैब्रिएल बोर्टोलेतो (ऑडी), रेड बुल के इसैक हजर - जिन्हें पहले ही लैप में रसेल की टक्कर के कारण स्पिन करना पड़ा था - और हास के लिए अपने एफ वन डेब्यू में उतरे र्यो हिराकावा (जिन्हें वीकेंड के बीच में बुलाया गया था) टॉप 10 में शामिल रहे.
विलियम्स के एलेक्स एल्बोन प्वाइंट्स के दायरे से ठीक बाहर रहे, जो अपने टीम के साथी कार्लोस सैन्ज से आगे थे. ऑस्कर पियास्त्री को लिंडब्लाड के साथ टक्कर के लिए 10 सेकंड की पेनल्टी मिली, जिससे वे खिसककर 13वें स्थान (पी13) पर आ गए. ओली बेयरमैन के साथ टक्कर के कारण निको हुल्केनबर्ग को 10 सेकंड की पेनल्टी मिली और वे 14वें स्थान (पी14) पर रहे। वहीं, अल्पाइन के फ्रेंको कोलापिंटो को भी 10 सेकंड की पेनल्टी दी गई, क्योंकि वह 'येलो फ्लैग' (चेतावनी झंडे) के दौरान अपनी गति को पर्याप्त रूप से कम करने में विफल रहे थे.
कैडिलैक के लिए सर्जियो पेरेज 16वें स्थान (पी16) पर रहे. अल्पाइन के पियरे गैस्ली को 'डबल येलो फ्लैग' के दौरान गति कम न करने के लिए 30 सेकंड की पेनल्टी (ड्राइव-थ्रू पेनल्टी के बदले) मिली, जिससे टीम प्वाइंट्स हासिल करने का दोहरा मौका गंवा बैठी. एंटोनेली अब चैंपियनशिप में 119 प्वाइंट्स की ऐसी बढ़त बना चुके हैं जिसे कोई नहीं तोड़ सकता, जबकि वेरस्टैपेन स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर आ गए हैं. रसेल खिसककर चौथे स्थान पर आ गए हैं और अपने टीम के साथी से 130 प्वाइंट्स पीछे हैं. एफ-1 पैडॉक अब सीधे साओ पाउलो ग्रां प्री की ओर बढ़ेगा, जो 6 से 8 नवंबर तक आयोजित होगा. (आईएएनएस इनपुट के साथ)
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