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भाई ने बहन को बनाया पहलवान, खुद ने संभाला 11 एकड़ खेत, मनीषा भानवाला को चूरमा ख‍िलाकर कुश्‍ती में भेजा

Manisha Bhanwala Success Story: 29 वर्ष की मनीषा भानवाला की नजरें अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक ओलंपिक में 57 किलोवर्ग में मेडल जीतने पर है. उन्होंने कुश्ती के प्रति अपने प्यार का जिक्र करते हुए कहा कि, 'यह मेरे खून में है. कुश्ती मेरे लिये पहला और आखिरी विकल्प है. इसने मुझे जीवन, नाम और का सामर्थ्य दिया.'

भाई ने बहन को बनाया पहलवान, खुद ने संभाला 11 एकड़ खेत, मनीषा भानवाला को चूरमा ख‍िलाकर कुश्‍ती में भेजा
Manisha Bhanwala And Brother Rinku: मनीषा भानवाला की सक्सेस स्टोरी
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Manisha Bhanwala Success Story: हरियाणा की माटी पहलवान पैदा करती है, लेकिन कुश्ती और अखाड़ों में दमखम दिखाने वाले कई पहलवानों का सफलता तक का सफर भी हर किसी को प्रेरित करता है. ऐसी ही कहानी मनीषा भानवाला की है. 29 वर्षीय मनीषा भानवाला को उनके भाई रिंकू ने पहलवान बनाया और इसका परिणाम यह रहा कि बहन मनीषा ने कजाकिस्तान के अस्ताना में 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में अमेरिका की एबिगेल नेटे को हराकर भारत के लिए पहला महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया.

मनीषा भानवाला की सक्सेस स्टोरी हरियाणा के जींद जिले के छोटे से गांव सीवा से शुरू होती है. पिता को खो देने के बाद इस बहन की सबसे बड़ी ताकत उसका भाई बना. भाई ने अपना कुश्ती करियर दांव पर लगाकर बहन को अखाड़े में उतारा. मां मीना देवी बताती हैं कि बेटे का भी सपना पहलवान बनने का था, लेकिन उसने 11 एकड़ खेती की जिम्मेदारी संभाली और बहन को चूरमा खिलाकर कुश्ती के लिए तैयार किया. आइए जानते हैं दंगल गर्ल मनीषा भानवाला की पूरी कहानी.

एशियाई खेलों की नाकामी को सफलता में बदला

दरअसल, भारत की पहली महिला विश्व चैम्पियन बनी मनीषा भानवाला की नजरें 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 57 किलोवर्ग में मेडल जीतने पर है. इस अनुभवी पहलवान की ताकत उनके पिता है जो उनके दिल में बसते हैं. एशियाई खेलों की नाकामी की बखूबी भरपाई करते हुए उन्होंने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की .

एशियाई खेलों से खाली हाथ लौटी मनीषा ने अपने कोच वीरेंदर दहिया की सलाह मानकर विश्व चैम्पियनशिप पर पूरा फोकस रखा जिसकी उन्हें फायदा मिला. मनीषा ने भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा शनिवार को बातचीत में कहा, 'एशियाई खेलों में किस्मत ने साथ नहीं दिया. मैं कोच से कुश्ती, अभ्यास और रिकवरी के बारे में पूछती रही. उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य विश्व चैम्पियनशिप होना चाहिये. मुझे अभी भी याद है कि उन्होंने कहा था कि ईश्वर ने मेरे लिये कुछ बड़ा सोच रखा है.'

दोनों टूर्नामेंटों के बीच के अंतर का उठाया फायदा

एशियाई खेलों में 57 किलोवर्ग में भाग लेने के बाद विश्व चैम्पियनशिप में वह 59 किलो में उतरी. उनका मानना है कि दोनों टूर्नामेंटों के बीच में अंतर कम रहने से उन्हें रिकवरी और वजन कम करने के लिये काफी कम समय मिला. उन्होंने कहा, 'मुझे एशियाई खेलों में पदक जीतने का यकीन था. मुझे पता था कि विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी के लिये काफी कम समय मिलेगा. दस दिन में वजन कम करना कठिन था तो मुझे लगा कि 59 किलो सही रहेगा.'

पिता की याद में पहनी खास टीशर्ट

मनीषा के लिये यह जीत पदक से कहीं अधिक मायने रखती है. उन्हें कुश्ती में उतारने वाले पिता ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई लेकिन 2022 में उनका निधन हो गया. विश्व चैम्पियनशिप फाइनल से पहले उन्होंने अपने पिता की याद में एक खास टीशर्ट पहना था.

मनीषा ने कहा, 'मैं बता नहीं सकती कि मेरे पिता की कितनी बड़ी भूमिका रही है. मैं उनसे बात करती रहती हूं मानो वह मेरे भीतर हों. वह मेरे दिल में बसते हैं और मेरे जीवन का हिस्सा हैं.' उन्होंने कहा, 'मेरे पिता ने सिखाया कि या तो कोई काम शुरू मत करो और करो तो पूरा करके ही दम लो. यह मेरे खून में है. कुश्ती मेरे लिये पहला और आखिरी विकल्प है. इसने मुझे जीवन, नाम और जीने का सामर्थ्य दिया.'

भाई ने बहन को बनाया पहलवान

सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पहलवान मनीषा भनवाला के स्वर्ण पदक जीतने पर, उनकी मां मीना देवी कहती हैं, 'उसका भाई उसे चूरमा खिलाता था, उसके लिए दवाइयां लाता था और हर संभव तरीके से उसका साथ देता था. उसका भाई भी कुश्ती करना चाहता था, लेकिन उसने अपनी बहन का साथ देने का फैसला किया और कहा, 'अगर मेरी बहन खेलना चाहती है, तो मैं उसे आगे बढ़ने में मदद करूंगा'

खुद ने संभाला 11 एकड़ खेत

मीना देवी ने कहा कि, 'हमारे परिवार के पास इतने संसाधन नहीं थे कि दोनों को कुश्ती और पढ़ाई में सपोर्ट कर सकें. लेकिन उसके भाई ने कहा, 'मेरी बहन खेलना चाहती है, इसलिए मैं पक्का करूंगा कि उसे यह मौका मिले.' वह खेतों में भी कड़ी मेहनत करता था, उसने 11 एकड़ में गेहूँ की कटाई की. उसके भाई रिंकू ने हमेशा उसका साथ दिया.'

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