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IT रेड के दौरान बेंगलुरु के मशहूर बिजनेस टायकून ने गोली मारकर की आत्महत्या, जानें आखिर ऐसा क्या हुआ

बेंगलुरु बेस्ड कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सी.जे. रॉय ने आयकर विभाग की कार्रवाई के बीच आत्महत्या कर ली, पुलिस मामले की जांच कर रही है.

IT रेड के दौरान बेंगलुरु के मशहूर बिजनेस टायकून ने गोली मारकर की आत्महत्या, जानें आखिर ऐसा क्या हुआ
पुलिस मामले की जांच में जुटी
  • बेंगलुरु के अनेपल्या इलाके में कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सी.जे. रॉय ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की
  • आयकर विभाग की तरफ से बिजनेस टायकून डॉ. रॉय से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी
  • लगातार छापेमारी और आयकर कार्रवाई के कारण डॉ. रॉय काफी तनाव में थे और उन्होंने आत्महत्या की
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बेंगलुरु:

रियल एस्टेट और कंज्यूमर/कॉनग्लोमेरेट सेक्टर से जुड़े कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सी.जे. रॉय ने बेंगलुरु में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. यह घटना बेंगलुरु के अनेपल्या इलाके में उनके घर पर हुई. बताया जा रहा है कि लगातार हो रही आयकर विभाग की कार्रवाई से रॉय काफी परेशान थे. जब आयकर अधिकारी रिचमंड रोड स्थित कॉन्फिडेंट ग्रुप के ऑफिस में रेड कर रहे थे, तभी रॉय ने अनेपल्या स्थित अपने घर में कथित तौर पर अपनी जान दे दी. हालांकि इस पहलू की जांच की जा रही है कि क्या उन्होंने जांच के दौरान ही खुद को गोली मारी.

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आईटी ने की थी छापेमारी

जानकारी के मुताबिक, आयकर (इनकम टैक्स) विभाग ने डॉ. सी.जे. रॉय से जुड़ी कंपनियों/ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापों के दौरान उनकी कमाई के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (डिसप्रोपोर्शनेट एसेट्स) होने से जुड़े कुछ पहलुओं के सामने आने का दावा किया जा रहा है. इसके बाद ही डॉ. रॉय के आत्महत्या करने की सूचना सामने आई है.

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छापेमारी की वजह से तनाव में थे

पुलिस के अनुसार, यह मामला शहर अशोक नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है. बताया जा रहा है कि हालिया आयकर कार्रवाई और बार-बार होने वाली छापेमारी से डॉ. रॉय  काफी तनाव में थे. इसी बीच, जब आयकर अधिकारी रिचमंड रोड स्थित कॉन्फिडेंट ग्रुप के कार्यालय में कार्रवाई कर रहे थे, तब डॉ. रॉय ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली.

कौन थे बिजनेस टायकून

कॉन्फिडेंट ग्रुप की स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी, यह समूह रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक जाना‑माना नाम है, जिसके तहत रिहायशी अपार्टमेंट, विला, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और मिक्स्ड‑यूज़ प्रोजेक्ट्स विकसित किए गए हैं. बीते दो दशकों में कंपनी ने कर्नाटक समेत देश के अन्य हिस्सों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. डॉ. रॉय को एक सक्रिय और काबिल कारोबारी के रूप में जाना जाता था, जिन्होंने कंपनी की ग्रोथ रणनीति और संचालन में अहम भूमिका निभाई.

डॉ. रॉय के निधन की खबर फैलते ही कर्मचारियों, कारोबारी सहयोगियों और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई. कई उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें मेहनती, अवसरों को पहचानने वाले और अनुशासित व्यवसायी के रूप में याद किया. कंपनी के दफ्तरों में कर्मचारी गमगीन नजर आए. हालांकि निधन के पीछे की वजहों की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बड़े कारोबारियों और शीर्ष प्रबंधन पर रहने वाले व्यक्तियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर चर्चा छेड़ दी है.

पुलिस ने क्या कुछ बताया

कॉन्फिडेंट ग्रुप देश की जानी-मानी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक है. पुलिस ने बताया कि IT डिपार्टमेंट के अधिकारी दो गाड़ियों में आए और रॉय के ऑफिस पर छापा मारा. रॉय, जो दोपहर में ऑफिस आए थे, उन्होंने अपनी छाती में गोली मार ली. पुलिस ने बताया कि उन्हें IT अधिकारियों ने एक घंटे तक पूछताछ की थी. पुलिस ने बताया कि रॉय ने पिस्तौल से खुद पर गोली चलाई.

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किस एंगल की हो रही जांच

जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या यह घटना चल रहे इनकम टैक्स छापे के दौरान हुई थी. घटना के बाद, रॉय के स्टाफ ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस के अनुसार, रॉय के परिवार के कई बिजनेस हैं, और उन पर कई मामले चल रहे थे. आत्महत्या का सही कारण अभी भी जांच के दायरे में है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आगे की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच से पता चलता है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के बार-बार छापे के बाद रॉय ने यह कदम उठाया होगा. IT अधिकारियों ने शुक्रवार को बेंगलुरु में उनकी प्रॉपर्टी पर भी छापे मारे थे.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं से जांच कर रही है. आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों, किसी सुसाइड नोट की मौजूदगी और आयकर विभाग की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस का कहना है कि विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही सामने आ पाएगी.

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