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संशोधित यूएपीए लोकतंत्र के लिए संकट है : थरूर
- Friday February 3, 2023
- Reported by: भाषा
थरूर ने ट्वीट किया, ‘‘28 महीनों के बाद सिद्दीक कप्पन की जेल से रिहाई हमें इस बात का स्मरण कराती है कि सरकार यूएपीए के तहत लोगों को किसी आरोप के बिना अनिश्चित समय के लिए हिरासत में रख सकती है.’’
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ndtv.in
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"बच्चों को गर्व है कि सिद्दीक कप्पन उनके पिता हैं": उनकी रिहाई पर पत्नी
- Thursday February 2, 2023
- Reported by: भाषा, Edited by: विजय शंकर पांडेय
कप्पन और तीन अन्य को अक्टूबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था. तब वे सब हाथरस जा रहे थे, जहां कथित रूप से बलात्कार के बाद एक दलित महिला की मौत हो गई थी.
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ndtv.in
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"28 महीने और लंबी लड़ाई के बाद..": UP की जेल से छूटे केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन
- Thursday February 2, 2023
- Reported by: वेदांत अग्रवाल, Edited by: चंदन वत्स
हाथरस में हुई घटना पर नकारात्मक कवरेज से बचने के उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से प्रेरित कप्पन की गिरफ्तारी की विपक्ष और नागरिक समाज समूहों ने निंदा की थी.
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जमानत मिलने के एक महीने बाद भी सिद्दीक कप्पन की जेल से नहीं हुई रिहाई, जानें वजह
- Tuesday January 31, 2023
- Edited by: सचिन झा शेखर
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को धन शोधन के एक मामले में 23 दिसंबर को जमानत दी थी.
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केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली बेल, 2 साल बाद जेल से आएंगे बाहर
- Friday December 23, 2022
- Reported by: NDTV इंडिया, Translated by: अंजलि कर्मकार
कप्पन को सितंबर में सुप्रीम कोर्ट से गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत दायर आतंकवादी मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से भी कप्पन पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दायर किया गया था. इसलिए कप्पन को लखनऊ जेल में ही रहना पड़ा.
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ndtv.in
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SC ने पत्रकार कप्पन की जमानत याचिका की स्वीकार, कहा - "सभी को अभिव्यक्ति की आजादी"
- Friday September 9, 2022
- Reported by: भाषा
जमानत याचिका का निपटारा करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि अपीलकर्ता स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा और इस विवाद से जुड़े किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं करेगा.
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पत्रकार सिद्दीक कप्पन को SC से मिली बेल, योगी सरकार ये कहकर कर रही थी जमानत का विरोध
- Friday September 9, 2022
- Reported by: आशीष भार्गव
वहीं यूपी सरकार ने कप्पन की जमानत का विरोध किया था. यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि कप्पन के चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( PFI) के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, जिसका एक राष्ट्र विरोधी एजेंडा है.
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ndtv.in
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केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन की जमानत याचिका, यूपी सरकार ने किया विरोध
- Tuesday September 6, 2022
- Reported by: आशीष भार्गव
केरल (Kerala) के पत्रकार सिद्दीक कप्पन (Siddique Kappan) की जमानत की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. यूपी सरकार (UP government) ने कप्पन की जमानत का विरोध किया. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में सरकार ने कहा है कि कप्पन के चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( PFI) के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, जिसका एक राष्ट्र विरोधी एजेंडा है. सिद्दीकी कप्पन देश में धार्मिक कलह और आतंक फैलाने की बड़ी साजिश का हिस्सा है.
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पत्रकार सिद्दीक कप्पन की जमानत याचिका पर यूपी सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा
- Monday August 29, 2022
- Reported by: आशीष कुमार भार्गव, Edited by: पंकज चौधरी
दरअसल, पांच अक्तूबर, 2020 को सिद्दीकी कप्पन को मथुरा से गिरफ्तार किया गया था. कप्पन हाथरस में दलित लड़की के साथ गैंगरेप व हत्या के मामले की कवरेज के सिलसिले में हाथरस जा रहे थे. उसी दौरान कप्पन के खिलाफ यूएपीए (UAPA Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
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संशोधित यूएपीए लोकतंत्र के लिए संकट है : थरूर
- Friday February 3, 2023
- Reported by: भाषा
थरूर ने ट्वीट किया, ‘‘28 महीनों के बाद सिद्दीक कप्पन की जेल से रिहाई हमें इस बात का स्मरण कराती है कि सरकार यूएपीए के तहत लोगों को किसी आरोप के बिना अनिश्चित समय के लिए हिरासत में रख सकती है.’’
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"बच्चों को गर्व है कि सिद्दीक कप्पन उनके पिता हैं": उनकी रिहाई पर पत्नी
- Thursday February 2, 2023
- Reported by: भाषा, Edited by: विजय शंकर पांडेय
कप्पन और तीन अन्य को अक्टूबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था. तब वे सब हाथरस जा रहे थे, जहां कथित रूप से बलात्कार के बाद एक दलित महिला की मौत हो गई थी.
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"28 महीने और लंबी लड़ाई के बाद..": UP की जेल से छूटे केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन
- Thursday February 2, 2023
- Reported by: वेदांत अग्रवाल, Edited by: चंदन वत्स
हाथरस में हुई घटना पर नकारात्मक कवरेज से बचने के उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से प्रेरित कप्पन की गिरफ्तारी की विपक्ष और नागरिक समाज समूहों ने निंदा की थी.
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जमानत मिलने के एक महीने बाद भी सिद्दीक कप्पन की जेल से नहीं हुई रिहाई, जानें वजह
- Tuesday January 31, 2023
- Edited by: सचिन झा शेखर
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को धन शोधन के एक मामले में 23 दिसंबर को जमानत दी थी.
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केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली बेल, 2 साल बाद जेल से आएंगे बाहर
- Friday December 23, 2022
- Reported by: NDTV इंडिया, Translated by: अंजलि कर्मकार
कप्पन को सितंबर में सुप्रीम कोर्ट से गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत दायर आतंकवादी मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से भी कप्पन पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दायर किया गया था. इसलिए कप्पन को लखनऊ जेल में ही रहना पड़ा.
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SC ने पत्रकार कप्पन की जमानत याचिका की स्वीकार, कहा - "सभी को अभिव्यक्ति की आजादी"
- Friday September 9, 2022
- Reported by: भाषा
जमानत याचिका का निपटारा करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि अपीलकर्ता स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा और इस विवाद से जुड़े किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं करेगा.
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पत्रकार सिद्दीक कप्पन को SC से मिली बेल, योगी सरकार ये कहकर कर रही थी जमानत का विरोध
- Friday September 9, 2022
- Reported by: आशीष भार्गव
वहीं यूपी सरकार ने कप्पन की जमानत का विरोध किया था. यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि कप्पन के चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( PFI) के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, जिसका एक राष्ट्र विरोधी एजेंडा है.
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केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन की जमानत याचिका, यूपी सरकार ने किया विरोध
- Tuesday September 6, 2022
- Reported by: आशीष भार्गव
केरल (Kerala) के पत्रकार सिद्दीक कप्पन (Siddique Kappan) की जमानत की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. यूपी सरकार (UP government) ने कप्पन की जमानत का विरोध किया. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में सरकार ने कहा है कि कप्पन के चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( PFI) के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, जिसका एक राष्ट्र विरोधी एजेंडा है. सिद्दीकी कप्पन देश में धार्मिक कलह और आतंक फैलाने की बड़ी साजिश का हिस्सा है.
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पत्रकार सिद्दीक कप्पन की जमानत याचिका पर यूपी सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा
- Monday August 29, 2022
- Reported by: आशीष कुमार भार्गव, Edited by: पंकज चौधरी
दरअसल, पांच अक्तूबर, 2020 को सिद्दीकी कप्पन को मथुरा से गिरफ्तार किया गया था. कप्पन हाथरस में दलित लड़की के साथ गैंगरेप व हत्या के मामले की कवरेज के सिलसिले में हाथरस जा रहे थे. उसी दौरान कप्पन के खिलाफ यूएपीए (UAPA Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
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