राजस्थान के अजमेर जिले के एक स्कूल में कथित तौर पर एक महिला टीचर के फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है. प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका पर आरोप है कि उसने मनचाही पोस्टिंग पाने के इरादे से स्कूल की प्रिंसिपल को एक फर्जी आदेश दिखाया. लेकिन बाद में पता चला कि यह आदेश फर्जी था. इसके बाद शिक्षिका के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई. टीचर सुमन देवी को सस्पेंड कर दिया गया है. उसके ऊपर ऊपर धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कराया गया है और अब इस मामले में और जांच की जा रही है.
क्या है पूरा मामला
गंज थाने के ASI भवानी सिंह राठौड़ के अनुसार, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अजयसर के प्रधानाचार्य विनय कुमार जैन ने शिकायत दर्ज कराई. इसमें आरोप लगाया गया है कि 19 अगस्त को सुमन देवी ने बीकानेर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के नाम से जारी 18 अगस्त का आदेश पेश किया. जैन ने आरोप लगाया है कि सुमन देवी ने 19 अगस्त को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक (बीकानेर) के नाम से जारी एक आदेश विद्यालय में प्रस्तुत किया था. इसमें निकाय चुनाव आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए आवेदक को हनुमानगढ़ के भादरा में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (ढाणी बेरवाल) में पदस्थापित किए जाने का उल्लेख था. इस आदेश को देख प्रिंसिपल ने शिक्षिका को कार्यमुक्त कर दिया.
निलंबन और जांच
लेकिन बाद में विभागीय सत्यापन में पाया गया कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है. इसके बाद इसके बाद 21 अगस्त को अजमेर के जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय-प्रारंभिक शिक्षा)ने सुमन देवी को निलंबित कर दिया. उनका मुख्यालय भिनाय बीईओ कार्यालय तय किया गया है. गंज पुलिस ने 23 अगस्त को मामला दर्ज कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है.
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