अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र के मायापुर गांव में एक किशोरी को गर्म लोहे के रॉड से दागने का मामला सामने आया है. किशोरी की मां का आरोप है कि अंधविश्वास में उसकी बेटी को दागा गया है. मां की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पीड़िता की मां रामप्यारी पत्नी पुखराज ने थाने में पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह खेत गई थी, और उनकी बेटी घर पर अन्य बालिकाओं के साथ थी. इसी दौरान काली पत्नी करतार, सुखपाल उर्फ सूरज, महेंद्र पुत्र गोपाल, रेखा पत्नी कैलाश, सीमा पत्नी मेवा, रमती पत्नी अन्ना और गीता पत्नी स्वर्गीय गोपाल उनकी बेटी को जबरन माताजी के मंदिर ले गए.
मंदिर में लोहे के रॉड से दागा
रामप्यारी ने बताया कि उसकी बेटी के साथ में मंदिर में मारपीट की, और सुखपाल ने गर्म लोहे के रॉड से शरीर को दाग दिया. हाथ, पैर और माथे पर गर्म रॉड से दागने के निशान भी हैं. उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी और गालियां भी दी. शिकायत के आधार पर मांगलियावास पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले की जांच एएसआई हुकुम सिंह राठौड़ को सौंपी गई है.
आरोपियों की तलाश में टीमें गठित
कार्यवाहक ग्रामीण डिप्टी एसपी शमशेर खान खुद खगलियावास थाने पहुंचे और पीड़िता के बयान लेने के साथ पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से अंधविश्वास को लेकर विवाद चला आ रहा था. फिलहाल डायन बताकर प्रताड़ित करने की अभी जांच में पुष्ट नहीं हुई है, लेकिन मंदिर ले जाकर मारपीट किए जाने और शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि प्रारंभिक जांच में हुई है. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामला और स्पष्ट हो सकेगा.
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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