लद्दाख में हिंसक प्रदर्शन के बाद सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के गिरफ्तार करके 26 सितंबर 2025 को जेल में डाल दिया गया था. करीब 6 महीनों तक जेल में बंद रहने के बाद 14 मार्च को बाहर आए. दिसंबर-जनवरी में बैरक का तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था. ठंडी हवाएं बैरक के अंदर जाती थीं, जिससे ठंड से परेशान हो जाते थे.
प्रयोग के लिए मांगा था थर्मामीटर
सोनम वांगचुक ने देखा कि उनकी कोठरी से निकलने वाले पानी का तापमान करीब 25 डिग्री रहता है. उन्होंने इन पानी को पाइप के जरिए फर्श के नीचे से गुजारकर ऐसा सिस्टम डिजाइन करने का प्रस्ताव रखा था, जो सर्दी में बैरक को गर्म और गर्मी में ठंड रखेगा. उन्होंने बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर (पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकला) पर प्रयोग करने के लिए थर्मामीटर भी मांगा था. उनकी पत्नी गीतांजलि ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की थीं.
वांगचुक का घर भी पर्यावरण के अनुकूल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनम वांगचुक ने अपने घर में स्थानीय मिट्टी, पत्थर और लकड़ी का इस्तेमाल किया है. जिसकी लागत भी कम है और पर्यावरण पर भी कोई विशेष असर नहीं है. घर पर सोलर हीटिंग सिस्टम और इंसुलेटेड मिट्टी-पत्थर का इस तरह का उपयोग किया है कि मानइस 30 डिग्री तापमान में भी घर गर्म बना रहता है.

सोनम वांगचुक 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं. (IANS)
20 दिनों से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक
अब सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनकी सेहत भी बिगड़ रही है. लोग उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील कर रहे हैं. उनकी तबियत को लेकर गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने चिंता जताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वांगचुक की हेल्थ पर हर दिन नजर रखें और जरूरत पड़ने पर उन्हें मेडिकल मदद दें.
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