राजस्थान में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों की तय समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी तबादलों को लेकर हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है. सरकार की ओर से तबादलों की अवधि खत्म होने के बावजूद संशोधित सूची जारी होने की उम्मीद में प्रदेशभर से कर्मचारी और अधिकारी जयपुर पहुंच रहे हैं. बड़ी संख्या में लोग मंत्रियों के सरकारी आवास और कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, ताकि अंतिम समय में उनके तबादले में संशोधन हो सके या मनचाही पोस्टिंग मिल जाए.
दूसरी जगह से चल रहा कामकाज
हालांकि मंत्रियों की अनुपस्थिति के कारण कर्मचारियों को निराश लौटना पड़ रहा है. संशोधित तबादला सूची को लेकर लगातार हो रही पैरवी और मुलाकातों से बचने के लिए कई मंत्री और उनके निजी स्टाफ ने अपने मोबाइल फोन तक स्विच ऑफ कर दिए हैं. कुछ मंत्री सरकारी आवास के बजाय अन्य स्थानों से सरकारी कामकाज निपटा रहे हैं, ताकि तबादले की सिफारिश लेकर आने वालों की भीड़ से बचा जा सके.
संशोधित लिस्ट आने की अटकलें जारी
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 29 जून से 5 जुलाई तक तबादलों की अवधि निर्धारित की थी. बाद में कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर इसे पांच दिन बढ़ाकर 10 जुलाई तक कर दिया गया. तय समय-सीमा पूरी होने के बाद अब नियमित तबादलों की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभागों में संशोधित आदेश जारी होने की अटकलें लगातार बनी हुई हैं.
मंत्रियों के आवास के आसपास भटक रहे अधिकारी कर्मचारी
इसी उम्मीद में जिन कर्मचारियों का नाम तबादला सूची में आ गया है, वे आदेश बदलवाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जिनका नाम सूची में नहीं आया, वे अब भी अपने तबादले की संभावना तलाश रहे हैं. राजधानी जयपुर में मंत्रियों के आवासों और सचिवालय के आसपास इन दिनों ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है.
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