Bhilwara Nikay Chunav Congress Symbol Controversy: राजस्थान में निकाय चुनाव में भीलवाड़ा शहर में कल, 31 अगस्त को नामांकन के अंतिम दिन एक विवाद हो गया. निर्वाचन आयोग ने शहर के 17 वार्डों में कांग्रेस के प्रत्याशियों को पार्टी का चुनाव चिह्न देने से इनकार कर दिया. निर्वाचन आयोग का कहना है कि कांग्रेस ने सिंबल देने में देर कर दी इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. इसे लेकर कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच ठन गई है. कांग्रेस का आरोप है कि इसके पीछे भाजपा का हाथ है और अधिकारियों ने उनके दबाव में उन्हें सिंबल नहीं दिया. कांग्रेस ने कल पहले निर्वाचन आयोग के निर्णय के विरोध में देर रात तक धरना दिया. इसके बाद अब पार्टी ने कोर्ट में जाने का फैसला किया है.
भीलवाड़ा में कुल 70 वार्ड हैं. कांग्रेस ने देर रात अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी. इन 70 में से 53 सीटों पर प्रत्याशियों को पार्टी का सिंबल मिल गया है. लेकिन जिन 17 प्रत्याशियों को सिंबल नहीं मिल पाया है इसे लेकर अभी अनिश्चितता की स्थिति है.

कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगाया
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सिंबल नहीं देने के बाद हुआ हंगामा
भीलवाड़ा नगर निगम में कांग्रेस के 17 वार्डों के प्रत्याशी का सिंबल विवाद को लेकर नामांकन के आखिरी दिन जबरदस्त हंगामा हुआ. नाराज कांग्रेस शहर अध्यक्ष शिवराम खटीक और जिला उपाध्यक्ष में महेश सोनी रिटर्निंग अफसर के कमरे के बाद पुलिसकर्मियों से उलझ गए. देखते ही देखते रिटर्निंग अफसर के कमरे के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता हंगामा करने लगे. विवाद देर रात तक भी नहीं निपट पाया. कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने करीब 4 घंटे रिटर्निंग अफसर के कक्ष के बाहर देर रात तक धरना दिया. लेकिन निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं की एक नहीं सुनी. अधिकारियों ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष देर से सिंबल पेश करने का हवाला देते हुए कांग्रेस के दावे को खारिज कर दिया. आखिर 4 घंटे बाद कांग्रेस शहर अध्यक्ष शिवराम खटीक के नेतृत्व में चल रहा धरना 10 बजे संपन्न हुआ.
बीजेपी पर आरोप
प्रदेश कांग्रेस कमेटी मेंबर मनोज पालीवाल ने तो प्रशासनिक अधिकारियों पर भाजपा के कार्यकर्ता बनकर काम करने का आरोप तक लगा दिया. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हम समय पर अंदर पहुंच गए थे मगर भाजपा के कुछ नेताओं ने नारेबाजी करते हुए गेट बंद कर दिया जिससे हम सिंबल नहीं दे पाए.
शहर कांग्रेस अध्यक्ष शिवराम खटीक ने कहा," हम पहले ही यहां पहुँच गए थे, हमारे लोग अंदर बैठ के फॉर्म भर रहे थे. ADM ने बोला था कि आप पास वाले कमरे में बैठ जाइए, आप 3 बजे अंदर आ गए हो. आप परिसर में आ गए हो तो कोई चिंता नहीं है. हम इधर बैठ के सिंबल का काम कर रहे थे, इतने में भाजपा के कुछ असामाजिक तत्व हैं, जिन्होंने दादागिरी, गुंडागर्दी करके नारेबाजी करके गेट को बंद करा दिया. भाजपा की सरकार ने तानाशाही से गेट बंद कराया है."
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि सिंबल के इस मामले को लेकर पार्टी अब कोर्ट में जाने की तैयारी करने जा रही है.
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