- राजस्थान के नागौर जिले की मुंडवा नगर पालिका में गजब खेला हुआ है.
- यहां बीजेपी के 10 पार्षद जीते थे, लेकिन अध्यक्ष पद पर भाजपा को 0 वोट मिला है.
- कांग्रेस और हनुमान बेनीवाल की RLP ने मिलकर यहां अपना अध्यक्ष बनाया है.
राजस्थान नगरीय निकाय चुनावों में इस बार बीजेपी का दबदबा देखने को मिला है. ज्यादातर जिलों में भाजपा ने अपने बोर्ड बनाए हैं. लेकिन नागौर जिले में कुछ ऐसा हुआ है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो रहा है. यहां की मुंडवा नगर पालिका में भाजपा के साथ बड़ा खेला हो गया. यहां का चुनावी गणित देखकर हर किसी का माथा चकरा रहा है. दरअसल, निकाय चुनाव में बीजेपी के 10 पार्षद चुनाव जीतकर आए थे. ऐसे में अध्यक्ष पद पर भाजपा का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा था. लेकिन अध्यक्ष के चुनाव में यहां जो हुआ उससे बड़े-बड़े राजनीतिक पंडित भी हैरान हो गए. क्योंकि अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा को एक भी वोट नहीं मिला, यहां कांग्रेस के 3, RLP के 7 पार्षदों ने मिलकर अपना बोर्ड बनाया है. उन्हें पांच में से 3 निर्दलीय पार्षदों का साथ भी मिला है.
मुंडवा नगर पालिका का गणित
- कुल 25 वार्ड
- बीजेपी के 10 पार्षद
- आरएलपी के 7 पार्षद
- कांग्रेस के 3 पार्षद
- निर्दलीय 5 पार्षद
मुंडवा में हुआ खेला
नागौर जिले की मुंडवा नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं, जिसमें अध्यक्ष बनाने के लिए 13 पार्षदों की जरूरत होती है. लेकिन यहां अध्यक्ष पद के नतीजों में जो कुछ हुआ वह चौंकाने वाला जरूर था. 10 पार्षदों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी थी, वह 4 निर्दलीय पार्षदों के साथ का दावा करते हुए अपना अध्यक्ष बनाने की तैयारी में थी. भाजपा ने गीता देवी मुंडेल को अपना आधिकारिक अध्यक्ष प्रत्याशी बनाया. वोटिंग हुई, लेकिन परिणाम देखकर निर्वाचन अधिकारी से लेकर खुद भाजपा नेता सन्न रह गए।,बीजेपी प्रत्याशी गीता देवी को एक भी पार्षद का वोट नहीं मिला, यहां तक कि उन्होंने खुद को भी वोट नहीं दिया या उनका वोट भी अमान्य में चला गया.
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RLP-कांग्रेस ने बनाया अध्यक्ष
मुंडवा नगर पालिका में RLP-कांग्रेस ने मिलकर अपना बोर्ड बनाया है. हनुमान बेनीवाल की पार्टी RLP के 7, कांग्रेस के 3 और 3 निर्दलीय पार्षदों के साथ मिलकर बोर्ड बनाया. जिसमें अलका देवी कंदोई अध्यक्ष बनी हैं. वहीं निर्दलीय घनश्याम सदावत भी अध्यक्ष पद के लिए उतरे थे, उन्हें 12 वोट मिले हैं. जिससे माना जा रहा है कि भाजपा के सभी पार्षदों ने उन्हें ही वोट कर दिया. खास बात यह है कि जीत का अंतर 1 वोट रहा.
कैसे हुआ यह खेला
दरअसल, इस पूरे खेल में बीजेपी के पार्षद घनश्याम सदावत जिन्हें विक्की के नाम से भी जानते हैं, उनका अहम रोल माना जा रहा है. विक्की सदावत अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार थे. उन्हें भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा का करीबी माना जाता है. लेकिन अध्यक्ष पद के लिए विक्की जगह गीता देवी को प्रत्याशी बनाया. जिससे विक्की निर्दलीय मैदान में उतर गए. सूत्रों के मुताबिक भाजपा के सभी पार्षदों ने उन्हें ही वोट कर दिया. जिससे भाजपा का खेल पूरी तरह बिगड़ गया.
एक तरफ राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा ने जबरदस्त जीत हासिल की है, लेकिन दूसरी तरफ नागौर जिले की मुंडवा नगर पालिका में नया खेला होने के बाद पार्टी में भी जिले स्तर पर हड़कंप की स्थिति है. यह मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचा है. जिसका असर कुछ दिनों में दिख सकता है.
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