विज्ञापन

ब्यावर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के बाद पथराव, परिजनों-ग्रामीणों ने अस्पताल को घेरकर किया हंगामा

ब्यावर के राजकीय अमृतकौर अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा हो गया. महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने हॉस्पिटल पर पथराव किया.

ब्यावर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के बाद पथराव, परिजनों-ग्रामीणों ने अस्पताल को घेरकर किया हंगामा

राजस्थान के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला जारी है. मंगलवार (14 जुलाई) को ब्यावर के जिला अस्पताल में मौत हो गई. कोटा, जोधपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के बाद ब्यावर में हड़कंप मच गया. मौके पर मौजूद परिजन और लोगों ने चिकित्सा विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाकर हंगामा किया. मृतका रेखा के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में राजकीय अमृतकौर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शन किया.

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पथराव

जिला अस्पताल में हंगामे की सूचना पाकर तीन थानों से भारी पुलिस बल ने अस्पताल पहुंचकर मोर्चा संभाला. हंगामे और नारेबाजी के बीच गुस्साए लोगों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अस्पताल पर पथराव कर दिया. पत्थरबाजी में 'मदर चाइल्ड विंग' के शीशे टूट गए. प्रदर्शनकारियों ने मृतक परिवार को मुआवजा देने और दोषी चिकित्साकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की. एसडीएम, तहसीलदार और चिकित्सा अधिकारियों ने लोगों से समझाइश का प्रयास किया. वहीं, परिवार ने मांगें पूरी नहीं होने तक शव उठाने से इनकार किया है.

ब्यावर के जिला हॉस्पिटल में विरोध-प्रदर्शन.

ब्यावर के जिला हॉस्पिटल में विरोध-प्रदर्शन.

भाई की मांग- हत्या का मुकदमा चलाया जाए

मृतका के भाई दिलीप सिंह ने बताया कि पचानपुरा गांव निवासी रेखा 8 माह की गर्भवती थी. उसके गर्भ में दो बच्चे थे. रेखा की मौत के साथ दोनों जुड़वां बच्चों की भी गर्भ में मौत हो गई. अस्पताल स्टाफ ने सोनोग्राफी करके गर्भ में मौजूद बच्चों की जांच तक नहीं की और पुलिस बुलाकर आनन-फानन में शव को मोर्चरी में रखवा दिया. परिवार की मांग है कि इस मामले में लापरवाही करने वाले दोषियों को तीन लोगों की हत्या के आरोप में सजा मिलनी चाहिए. 

विरोध-प्रदर्शन के बीच हॉस्पिटल में पहुंचे मरीज इलाज के लिए भटकते रहे. ब्यावर की प्रिया उपाध्याय ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद होने के बावजूद मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है. प्रिया ने अस्पताल के गार्ड पर बदसलूकी करने का आरोप भी लगाया है.

मरीजों से अच्छा बर्ताव नहीं करते डॉक्टर

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों  ने कहा कि इस सरकारी हॉस्पिटल में इलाज करने की बजाय डॉक्टर मरीजों को रेफर कर देते हैं. डॉक्टर हो या नर्सिंग स्टाफ कोई भी मरीजों से अच्छा बर्ताव नहीं करते हैं. जबकि अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुरेंद्र चौहान का कहना है कि अस्पताल आने पर प्रसूता को भर्ती किया था. उस वक्त ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई. महिला की मौत होने के कारण गर्भ में दोनों बच्चों को बचाया नहीं जा सका.

यह भी पढ़ेंः जैसलमेर के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में इनकम टैक्स की रेड, प्रॉपर्टी डील से लेकर ब्लैकमनी के हेरफेर की आशंका
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rajasthan News, Beawar NEWS, Maternal Death Case India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com