राजस्थान के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला जारी है. मंगलवार (14 जुलाई) को ब्यावर के जिला अस्पताल में मौत हो गई. कोटा, जोधपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के बाद ब्यावर में हड़कंप मच गया. मौके पर मौजूद परिजन और लोगों ने चिकित्सा विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाकर हंगामा किया. मृतका रेखा के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में राजकीय अमृतकौर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश प्रदर्शन किया.
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पथराव
जिला अस्पताल में हंगामे की सूचना पाकर तीन थानों से भारी पुलिस बल ने अस्पताल पहुंचकर मोर्चा संभाला. हंगामे और नारेबाजी के बीच गुस्साए लोगों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अस्पताल पर पथराव कर दिया. पत्थरबाजी में 'मदर चाइल्ड विंग' के शीशे टूट गए. प्रदर्शनकारियों ने मृतक परिवार को मुआवजा देने और दोषी चिकित्साकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की. एसडीएम, तहसीलदार और चिकित्सा अधिकारियों ने लोगों से समझाइश का प्रयास किया. वहीं, परिवार ने मांगें पूरी नहीं होने तक शव उठाने से इनकार किया है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?

ब्यावर के जिला हॉस्पिटल में विरोध-प्रदर्शन.
भाई की मांग- हत्या का मुकदमा चलाया जाए
मृतका के भाई दिलीप सिंह ने बताया कि पचानपुरा गांव निवासी रेखा 8 माह की गर्भवती थी. उसके गर्भ में दो बच्चे थे. रेखा की मौत के साथ दोनों जुड़वां बच्चों की भी गर्भ में मौत हो गई. अस्पताल स्टाफ ने सोनोग्राफी करके गर्भ में मौजूद बच्चों की जांच तक नहीं की और पुलिस बुलाकर आनन-फानन में शव को मोर्चरी में रखवा दिया. परिवार की मांग है कि इस मामले में लापरवाही करने वाले दोषियों को तीन लोगों की हत्या के आरोप में सजा मिलनी चाहिए.
मरीजों से अच्छा बर्ताव नहीं करते डॉक्टर
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि इस सरकारी हॉस्पिटल में इलाज करने की बजाय डॉक्टर मरीजों को रेफर कर देते हैं. डॉक्टर हो या नर्सिंग स्टाफ कोई भी मरीजों से अच्छा बर्ताव नहीं करते हैं. जबकि अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुरेंद्र चौहान का कहना है कि अस्पताल आने पर प्रसूता को भर्ती किया था. उस वक्त ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई. महिला की मौत होने के कारण गर्भ में दोनों बच्चों को बचाया नहीं जा सका.
यह भी पढ़ेंः जैसलमेर के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में इनकम टैक्स की रेड, प्रॉपर्टी डील से लेकर ब्लैकमनी के हेरफेर की आशंका
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं